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बच्ची को जन्म देने के बाद मां की मौत, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:04 AM IST
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प्रसव के दौरान हुई महिला की मौत पर हंगामा करते परिजन
- फोटो : amarujala
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कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक बच्ची को जन्म देने के बाद महिला की तबियत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। इससे परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों ने बामुश्किल लोगों को समझाबुझाकर शांत किया।
शुक्रवार सुबह को मुंडलाना निवासी शहीदा (28) पत्नी गयूर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। दोपहर को शहीदा ने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची को जन्म देते ही उसकी तबियत बिगड़ने लगी और करीब ढाई बजे उसने दम तोड़ दिया। यह देख परिजनों के होश उड़ गए। मौके पर मौजूद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू दिया।
इसी दौरान सूचना मिलने पर अन्य ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए। मामला बढ़ता देख अधिकारियों को सूचना दी गई जिस पर पालिका अध्यक्ष चौधरी इस्लाम, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित, एसडीएम गोपाल सिंह चौहान पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल में चिकित्सक न होने के कारण महिला की मौत हुई है। अस्पताल में स्टाफ नर्सों से डिलीवरी कराई गई जिसके चलते महिला को उचित इलाज नहीं मिल पाया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने लोगों को आश्वासन दिया कि यदि मामले में एएनएम की लापरवाई पाई गई तो कार्रवाई होगी। साथ ही चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी जिसके बाद मामला शांत हो सका।
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फाइनेंस कंपनियों के एजेंटों पर अभद्रता का आरोप
अस्पताल पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से पूर्व विधायक काजी निजामुद्दीन की अगुवाई में महिलाओं ने शिकायत की कि निजी फाइनेंस कंपनी के एजेंट उनसे किश्त वसूल रहे हैं और बड़े नोट नहीं ले रहे हैं। किश्त न देने पर उनसे अभद्रता की जा रही है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि यदि गैर कानूनी तरीके से कंपनियां वसूली करती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शुक्रवार सुबह को मुंडलाना निवासी शहीदा (28) पत्नी गयूर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। दोपहर को शहीदा ने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची को जन्म देते ही उसकी तबियत बिगड़ने लगी और करीब ढाई बजे उसने दम तोड़ दिया। यह देख परिजनों के होश उड़ गए। मौके पर मौजूद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू दिया।
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इसी दौरान सूचना मिलने पर अन्य ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए। मामला बढ़ता देख अधिकारियों को सूचना दी गई जिस पर पालिका अध्यक्ष चौधरी इस्लाम, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित, एसडीएम गोपाल सिंह चौहान पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल में चिकित्सक न होने के कारण महिला की मौत हुई है। अस्पताल में स्टाफ नर्सों से डिलीवरी कराई गई जिसके चलते महिला को उचित इलाज नहीं मिल पाया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने लोगों को आश्वासन दिया कि यदि मामले में एएनएम की लापरवाई पाई गई तो कार्रवाई होगी। साथ ही चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी जिसके बाद मामला शांत हो सका।
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फाइनेंस कंपनियों के एजेंटों पर अभद्रता का आरोप
अस्पताल पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से पूर्व विधायक काजी निजामुद्दीन की अगुवाई में महिलाओं ने शिकायत की कि निजी फाइनेंस कंपनी के एजेंट उनसे किश्त वसूल रहे हैं और बड़े नोट नहीं ले रहे हैं। किश्त न देने पर उनसे अभद्रता की जा रही है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि यदि गैर कानूनी तरीके से कंपनियां वसूली करती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।