{"_id":"61e585db0bd05260352d497c","slug":"virtual-promotion-online-informer-ready-roorkee-news-drn401866367","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव में पुलिस की रीढ़ बने ऑनलाइन मुखबिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव में पुलिस की रीढ़ बने ऑनलाइन मुखबिर
विज्ञापन
चुनावी बिगुल बजने के बाद पुलिस ने सोशल साइटों पर उम्मीदवारों, उनके समर्थकों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर नजर रखने के लिए इस बार ऑनलाइन मुखबिर तैयार किए हैं। ये मुखबिर सोशल साइटों पर ऑनलाइन रहकर हर गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और जानकारी पुलिस और खुफिया विभाग को देें रहे हैं। जिन लोगों पर आशंका है कि वे माहौल खराब कर सकते हैं, उनके फोटो, नाम, पता और मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध करा रहे हैं।
कोरोना के चलते इस बार 22 जनवरी तक सभाओं और रैलियों पर पूरी तरह से पाबंदी है। इसके चलते उम्मीदवारों ने प्रचार के लिए सोशल मीडिया की राह पकड़ ली है। सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों ने अपनी सोशल नेटवर्किंग टीम लगा दी है। उनके समर्थक भी सोशल मीडिया पर लगातार प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर राजनीतिक पार्टियों के समर्थक आपस में भिड़ रहे हैं। इस बीच कई ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी सोशल मीडिया पर समर्थकों की लड़ाई में आग में घी डालने का काम कर रहे हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण बन जाता है।
इस माहौल पर नजर रखने के लिए पुलिस और खुफिया विभाग ने भी ऑनलाइन मुखबिर तंत्र की एक बड़ी फौज तैयार की है। पुलिस और खुफिया विभाग ने अपने मुखबिरों को भी सोशल साइटों पर हर समय नजर रखने के लिए लगाया है। ये मुखबिर राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, समर्थकों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की सोशल मीडिया साइटों पर पोस्ट, फोटो और वीडियो पर पूरी नजर रख रहे हैं। साथ ही इन सभी को पुलिस और खुफिया विभाग को उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पुलिस के लिए ये ऑनलाइन मुखबिर चुनाव में रीढ़ बनकर सामने आए हैं।
विज्ञापन
कार्यक्रमों पर भी रख रहे नजर
ऑनलाइन मुुखबिर नेताओं के कार्यक्रमों के साथ ही डोर-टु-डोर प्रचार पर भी नजर रख रहे हैं। साथ ही कार्यक्रमों और प्रचार की फोटो पुलिस और खुफिया विभाग को मुहैया करा रहे हैं। नेेताओं के कार्यक्रम और प्रचार में कौन लोग शामिल हैं, इनकी भी जानकारी दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस चुनाव संबंधित सभी गतिविधियों पर नजर रख रही है। अगर कोई सोशल मीडिया पर गलत टिप्पणी या प्रचार प्रसार करता पाया जाएगा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात
विज्ञापन
कोरोना के चलते इस बार 22 जनवरी तक सभाओं और रैलियों पर पूरी तरह से पाबंदी है। इसके चलते उम्मीदवारों ने प्रचार के लिए सोशल मीडिया की राह पकड़ ली है। सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों ने अपनी सोशल नेटवर्किंग टीम लगा दी है। उनके समर्थक भी सोशल मीडिया पर लगातार प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर राजनीतिक पार्टियों के समर्थक आपस में भिड़ रहे हैं। इस बीच कई ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी सोशल मीडिया पर समर्थकों की लड़ाई में आग में घी डालने का काम कर रहे हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण बन जाता है।
विज्ञापन
इस माहौल पर नजर रखने के लिए पुलिस और खुफिया विभाग ने भी ऑनलाइन मुखबिर तंत्र की एक बड़ी फौज तैयार की है। पुलिस और खुफिया विभाग ने अपने मुखबिरों को भी सोशल साइटों पर हर समय नजर रखने के लिए लगाया है। ये मुखबिर राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, समर्थकों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की सोशल मीडिया साइटों पर पोस्ट, फोटो और वीडियो पर पूरी नजर रख रहे हैं। साथ ही इन सभी को पुलिस और खुफिया विभाग को उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पुलिस के लिए ये ऑनलाइन मुखबिर चुनाव में रीढ़ बनकर सामने आए हैं।
विज्ञापन
कार्यक्रमों पर भी रख रहे नजर
ऑनलाइन मुुखबिर नेताओं के कार्यक्रमों के साथ ही डोर-टु-डोर प्रचार पर भी नजर रख रहे हैं। साथ ही कार्यक्रमों और प्रचार की फोटो पुलिस और खुफिया विभाग को मुहैया करा रहे हैं। नेेताओं के कार्यक्रम और प्रचार में कौन लोग शामिल हैं, इनकी भी जानकारी दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस चुनाव संबंधित सभी गतिविधियों पर नजर रख रही है। अगर कोई सोशल मीडिया पर गलत टिप्पणी या प्रचार प्रसार करता पाया जाएगा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात