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विजिलेंस ने खंगाला चकबंदी दफ्तर
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Wed, 18 May 2016 11:25 PM IST
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग को विजिलेंस की एक टीम बुधवार को रुड़की लेकर पहुंची। यहां प्रदीप गर्ग के साथ चकबंदी दफ्तर में टीम ने कुछ दस्तावेज खंगाले। साथ ही कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की गई। शाम के समय टीम प्रदीप गर्ग को लेकर लौट गई।
करीब 18 वर्ष से रुड़की में तैनात चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग को चार दिन पहले देहरादून से आई विजिलेंस की एक टीम ने गिरफ्तार किया था। पड़ताल में गर्ग की करोड़ों की संपत्तियों का खुलासा हुआ है।
विजिलेंस को प्रदीप गर्ग की कई बेनामी संपत्तियों का मालिक होने का भी शक है। साथ ही विजिलेंस यह पहेली सुलझाने में भी जुटी है कि आखिर प्रदीप गर्ग ने चकबंदी अधिकारी रहते करोड़ों की संपत्ति कैसे जुटाई। पड़ताल के लिए बुधवार को विजिलेंस टीम प्रदीप गर्ग को लेकर रुड़की पहुंची। चकबंदी दफ्तर में टीम ने कुछ दस्तावेज भी विजिलेंस को उपलब्ध कराए। कुछ कर्मचारियों से पूछताछ करने के बाद टीम देहरादून लौट गई।
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सालभर से चल रही थी जांच
चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग को शायद इसकी भनक भी नहीं थी कि पिछले एक साल से उसकी गुप्त जांच चल रही थी। इसमें लोकल खुफिया विभाग की मदद भी ली जा रही थी। प्रदीप गर्ग के बाद कुछ करोड़ीमल विजिलेंस की राडार पर हैं। उनकी गुप्त जांच पूरी करने के बाद गिरफ्तारी हो सकती है।
कर्मचारियों में कानाफूसी
प्रदीप गर्ग को लेकर विजिलेंस के रुड़की पहुंचने के दौरान चकबंदी कर्मचारियों में कानाफूसी मची रही। कई कर्मचारी तो देहरादून नंबर की सफेद रंग की कार देखकर ही माजरा समझ गए। मगर विजिलेंस के साथ प्रदीप गर्ग दफ्तर पहुुंचा तो कई कर्मचारी सकपका गए।
प्रदीप ने उगले भू-माफिया से जुड़े नाम
चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग से पूछताछ में विजिलेंस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रदीप गर्ग ने शहर व देहात में भूखंडों की जालसाजी में लिप्त भूमाफिया से जुड़े कई लोगों के नाम विजिलेंस को बताए हैं। इनमें कब्जे के भूखंडों के धंधे से जुड़े कई सफेदपोश माफिया भी शामिल हैं। ये सभी लोग विजिलेंस की जांच के दायरे में आ चुके हैं। जल्द और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बहुमंजिला भवन और निर्माण पर नजर
शहर में प्रदीप गर्ग से जुड़े लोगों के बहुमंजिला भवन और उनके बहुमंजिला निर्माण कार्यों पर भी विजिलेंस की बराबर नजर है। शासन के निर्देश पर संबंधित विभागों के साथ मिलकर इसे सील करने जैसी कुछ और कार्रवाई भी शहर में हो सकती हैं। अभी विजिलेंस पुख्ता सुराग जुटाने में लगी है।
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करीब 18 वर्ष से रुड़की में तैनात चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग को चार दिन पहले देहरादून से आई विजिलेंस की एक टीम ने गिरफ्तार किया था। पड़ताल में गर्ग की करोड़ों की संपत्तियों का खुलासा हुआ है।
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विजिलेंस को प्रदीप गर्ग की कई बेनामी संपत्तियों का मालिक होने का भी शक है। साथ ही विजिलेंस यह पहेली सुलझाने में भी जुटी है कि आखिर प्रदीप गर्ग ने चकबंदी अधिकारी रहते करोड़ों की संपत्ति कैसे जुटाई। पड़ताल के लिए बुधवार को विजिलेंस टीम प्रदीप गर्ग को लेकर रुड़की पहुंची। चकबंदी दफ्तर में टीम ने कुछ दस्तावेज भी विजिलेंस को उपलब्ध कराए। कुछ कर्मचारियों से पूछताछ करने के बाद टीम देहरादून लौट गई।
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सालभर से चल रही थी जांच
चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग को शायद इसकी भनक भी नहीं थी कि पिछले एक साल से उसकी गुप्त जांच चल रही थी। इसमें लोकल खुफिया विभाग की मदद भी ली जा रही थी। प्रदीप गर्ग के बाद कुछ करोड़ीमल विजिलेंस की राडार पर हैं। उनकी गुप्त जांच पूरी करने के बाद गिरफ्तारी हो सकती है।
कर्मचारियों में कानाफूसी
प्रदीप गर्ग को लेकर विजिलेंस के रुड़की पहुंचने के दौरान चकबंदी कर्मचारियों में कानाफूसी मची रही। कई कर्मचारी तो देहरादून नंबर की सफेद रंग की कार देखकर ही माजरा समझ गए। मगर विजिलेंस के साथ प्रदीप गर्ग दफ्तर पहुुंचा तो कई कर्मचारी सकपका गए।
प्रदीप ने उगले भू-माफिया से जुड़े नाम
चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग से पूछताछ में विजिलेंस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रदीप गर्ग ने शहर व देहात में भूखंडों की जालसाजी में लिप्त भूमाफिया से जुड़े कई लोगों के नाम विजिलेंस को बताए हैं। इनमें कब्जे के भूखंडों के धंधे से जुड़े कई सफेदपोश माफिया भी शामिल हैं। ये सभी लोग विजिलेंस की जांच के दायरे में आ चुके हैं। जल्द और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बहुमंजिला भवन और निर्माण पर नजर
शहर में प्रदीप गर्ग से जुड़े लोगों के बहुमंजिला भवन और उनके बहुमंजिला निर्माण कार्यों पर भी विजिलेंस की बराबर नजर है। शासन के निर्देश पर संबंधित विभागों के साथ मिलकर इसे सील करने जैसी कुछ और कार्रवाई भी शहर में हो सकती हैं। अभी विजिलेंस पुख्ता सुराग जुटाने में लगी है।