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Roorkee News: पेराई क्षमता के हिसाब से कम मिल रहा उत्तम शुगर मिल को गन्ना
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पेराई क्षमता के हिसाब से उत्तम शुगर मिल को गन्ना नहीं मिल पा रहा है। इससे शुगर मिल प्रबंधन तंत्र चिंतित है। मिल प्रबंधन तंत्र को गांव-गांव जाकर किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
लिब्बरहेड़ी स्थित उत्तम शुगर मिल की रोजाना क्षमता करीब 80 हजार क्विंटल की है। शुगर मिल का पेराई सत्र भी शुरू हुए करीब 15 दिन हो चुके हैं लेकिन शुगर मिल को अब तक प्रतिदिन मात्र 65 से 67 हजार क्विंटल गन्ना ही मिल पा रहा है। इसके कारण चीनी मिल प्रबंधतंत्र को गांव-गांव जाकर किसानों से गन्ने की डिमांड करनी पड़ रही है।
कई सालों बाद ऐसा पहली बार हो रहा है। बीते वर्षों में जहां किसान गन्ना पर्चियों की डिमांड करते थे। इस बार शुगर मिल पेराई क्षमता पूरी करने के लिए गन्ने की डिमांड कर रही है। पहले मुख्य वजह पर्चियां कम आना माना जाता था लेकिन इस बार गन्ना पर्चियां भी खूब भेजी जा रही हैं।
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दिलचस्प बात ये है कि उत्तम शुगर मिल पिछले दस दिनों के गन्ने का भुगतान भी जारी कर चुकी है लेकिन गन्ना कम मिलने से शुगर मिल पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो पा रही है। केंद्रों से भी गन्ना आपूर्ति कम है जिससे चीनी उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
गन्ना कोल्हुओं पर गन्ना मूल्य 425 से 450 रुपये तक होना इसका मुख्य कारण है। वहीं क्षेत्र में 30 प्रतिशत गन्ना बुआई कम होने के साथ-साथ जुलाई-अगस्त के महीने में हुई जबरदस्त बारिश के कारण गन्ने की फसल का खराब हो जाना भी माना जा रहा है। - अनिल सिंह, गन्ना महाप्रबंधक, उत्तम शुगर मिल लिब्बरहेड़ी, मंगलौर
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लिब्बरहेड़ी स्थित उत्तम शुगर मिल की रोजाना क्षमता करीब 80 हजार क्विंटल की है। शुगर मिल का पेराई सत्र भी शुरू हुए करीब 15 दिन हो चुके हैं लेकिन शुगर मिल को अब तक प्रतिदिन मात्र 65 से 67 हजार क्विंटल गन्ना ही मिल पा रहा है। इसके कारण चीनी मिल प्रबंधतंत्र को गांव-गांव जाकर किसानों से गन्ने की डिमांड करनी पड़ रही है।
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कई सालों बाद ऐसा पहली बार हो रहा है। बीते वर्षों में जहां किसान गन्ना पर्चियों की डिमांड करते थे। इस बार शुगर मिल पेराई क्षमता पूरी करने के लिए गन्ने की डिमांड कर रही है। पहले मुख्य वजह पर्चियां कम आना माना जाता था लेकिन इस बार गन्ना पर्चियां भी खूब भेजी जा रही हैं।
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दिलचस्प बात ये है कि उत्तम शुगर मिल पिछले दस दिनों के गन्ने का भुगतान भी जारी कर चुकी है लेकिन गन्ना कम मिलने से शुगर मिल पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो पा रही है। केंद्रों से भी गन्ना आपूर्ति कम है जिससे चीनी उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
गन्ना कोल्हुओं पर गन्ना मूल्य 425 से 450 रुपये तक होना इसका मुख्य कारण है। वहीं क्षेत्र में 30 प्रतिशत गन्ना बुआई कम होने के साथ-साथ जुलाई-अगस्त के महीने में हुई जबरदस्त बारिश के कारण गन्ने की फसल का खराब हो जाना भी माना जा रहा है। - अनिल सिंह, गन्ना महाप्रबंधक, उत्तम शुगर मिल लिब्बरहेड़ी, मंगलौर