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Roorkee News: समिति गोदामों में पहुंचा यूरिया, किसानों को राहत
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वसंतकालीन गन्ना बुआई के दौरान यूरिया खाद समाप्त होने से परेशान किसानों को राहत मिली है। सोमवार को इफको की 2672 टन यूरिया की एक रैक जनपद में पहुंच गई। मंगलवार को ही पांच हजार बैग यूरिया सहकारी गन्ना विकास समिति और लगभग आठ हजार बैग यूरिया सहकारी समितियों के गोदामों में पहुंच गया। समितियों में किसानों को यूरिया का वितरण भी शुरू हो गया है।
मिल को गन्ना आपूर्ति के साथ ही किसान इस समय वसंतकालीन गन्ने की बुआई में जुटे हैं। इसके लिए किसानों को उर्वरक की आवश्यकता है लेकिन दो दिन पहले गन्ना समिति गोदाम में यूरिया समाप्त हो जाने पर किसानों की परेशानी बढ़ गई थी। हालांकि यूरिया की आवश्यकता को देखते हुए इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद जोशी ने पहले ही यूरिया की डिमांड भेजी थी।
सोमवार देर रात को 2672 टन यूरिया की एक रैक रुड़की पहुंची। मंगलवार को समिति गोदामों में यूरिया पहुंचना शुरू हो गया। मंगलवार को ही गोदामों में यूरिया का वितरण भी शुरू करा दिया। किसान विजयपाल सिंह गुर्जर, कमलकांत, बबलू, विकास चौधरी ने बताया कि वसंतकालीन गन्ने की बुआई के दौरान उर्वरक की मांग बढ़ जाती है। समितियों में उर्वरक नहीं मिलने पर बाजार से महंगे दाम पर उर्वरक खरीदना पड़ता है। इससे खेती की लागत बढ़ जाती है।
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2672 टन यूरिया की रैक जनपद में पहुंच गई है। गन्ना समिति लक्सर और सहकारी समितियों में करीब 13 हजार बैग यूरिया भेजा जा रहा है। जनपद के साथ गढ़वाल क्षेत्र में भी 12 हजार से अधिक बैग यूरिया भेजा जा रहा है।-विनोद जोशी, क्षेत्रीय प्रबंधक, इफको
मंगलवार को पांच हजार बैग यूरिया गोदाम में पहुंचा है। डीएपी और एनपीके गोदाम में पहले से उपलब्ध है। किसानों को मांग के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।-सूरजभान सिंह, विशेष सचिव, सहकारी गन्ना समिति, लक्सर
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मिल को गन्ना आपूर्ति के साथ ही किसान इस समय वसंतकालीन गन्ने की बुआई में जुटे हैं। इसके लिए किसानों को उर्वरक की आवश्यकता है लेकिन दो दिन पहले गन्ना समिति गोदाम में यूरिया समाप्त हो जाने पर किसानों की परेशानी बढ़ गई थी। हालांकि यूरिया की आवश्यकता को देखते हुए इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद जोशी ने पहले ही यूरिया की डिमांड भेजी थी।
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सोमवार देर रात को 2672 टन यूरिया की एक रैक रुड़की पहुंची। मंगलवार को समिति गोदामों में यूरिया पहुंचना शुरू हो गया। मंगलवार को ही गोदामों में यूरिया का वितरण भी शुरू करा दिया। किसान विजयपाल सिंह गुर्जर, कमलकांत, बबलू, विकास चौधरी ने बताया कि वसंतकालीन गन्ने की बुआई के दौरान उर्वरक की मांग बढ़ जाती है। समितियों में उर्वरक नहीं मिलने पर बाजार से महंगे दाम पर उर्वरक खरीदना पड़ता है। इससे खेती की लागत बढ़ जाती है।
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2672 टन यूरिया की रैक जनपद में पहुंच गई है। गन्ना समिति लक्सर और सहकारी समितियों में करीब 13 हजार बैग यूरिया भेजा जा रहा है। जनपद के साथ गढ़वाल क्षेत्र में भी 12 हजार से अधिक बैग यूरिया भेजा जा रहा है।-विनोद जोशी, क्षेत्रीय प्रबंधक, इफको
मंगलवार को पांच हजार बैग यूरिया गोदाम में पहुंचा है। डीएपी और एनपीके गोदाम में पहले से उपलब्ध है। किसानों को मांग के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।-सूरजभान सिंह, विशेष सचिव, सहकारी गन्ना समिति, लक्सर