{"_id":"638261a3dfbef53b5e425ce2","slug":"uproar-for-the-old-system-of-sugarcane-slip-roorkee-news-drn4292996156","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: गन्ना पर्ची की पुरानी व्यवस्था के लिए हंगामा, घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: गन्ना पर्ची की पुरानी व्यवस्था के लिए हंगामा, घेराव
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन क्रांति के पदाधिकारियों ने इकबालपुर गन्ना विकास समिति पहुंचकर पर्ची व्यवस्था सुधारने के लिए हंगामा किया। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना था कि समिति पर्ची की मैसेज व्यवस्था के साथ मैनुअल व्यवस्था भी चालू करे। इस व्यवस्था के शुरू न होने से कम पढ़े-लिखे किसानों को परेशानी हो रही है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
शनिवार को क्षेत्र के भारतीय किसान यूनियन क्रांति के पदाधिकारी इकबालपुर सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय पर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने पर्ची की व्यवस्था सुधारने को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सैनी ने बताया कि पहले किसानों के पास गन्ना पर्ची मैनुअल तरीके से पहुंचती थी। किसानों को समय से पर्ची मिल जाती थी और वह अपना गन्ना तुलवा लेते थे लेकिन इस बार इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया। इससे कम पढ़े लिखे और निरक्षर किसान इस मैसेज को देखकर पढ़ नहीं पाते। उन्हें इधर-उधर लोगों से या समिति में आकर पर्ची की जानकारी लेनी पड़ती है।
किसानों की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने मैसेज पर्ची के साथ ही मैनुअल व्यवस्था शुरू करवाने की मांग भी की। वहीं, इकबालपुर चीनी मिल से वर्ष 2017-18 का बकाया भी दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के तौल केंद्र किसानों की सुविधा के अनुसार ऐसी सड़कों पर लगाए जाएं उन्हें अपना गन्ना पहुंचाने में कोई दिक्कत नहीं हो। इस दौरान समिति सचिव सुजेस नवानी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद प्रजापति, प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद पाल, प्रदेश प्रवक्ता कुशल सैनी, प्रदेश अध्यक्ष मजदूर विंग अनुज कुमार, संदीप कुमार, विकाश कुमार, अंकुश कुमार, अमित कुमार, अंकित कुमार, सौरभ सैनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को क्षेत्र के भारतीय किसान यूनियन क्रांति के पदाधिकारी इकबालपुर सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय पर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने पर्ची की व्यवस्था सुधारने को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सैनी ने बताया कि पहले किसानों के पास गन्ना पर्ची मैनुअल तरीके से पहुंचती थी। किसानों को समय से पर्ची मिल जाती थी और वह अपना गन्ना तुलवा लेते थे लेकिन इस बार इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया। इससे कम पढ़े लिखे और निरक्षर किसान इस मैसेज को देखकर पढ़ नहीं पाते। उन्हें इधर-उधर लोगों से या समिति में आकर पर्ची की जानकारी लेनी पड़ती है।
विज्ञापन
किसानों की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने मैसेज पर्ची के साथ ही मैनुअल व्यवस्था शुरू करवाने की मांग भी की। वहीं, इकबालपुर चीनी मिल से वर्ष 2017-18 का बकाया भी दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के तौल केंद्र किसानों की सुविधा के अनुसार ऐसी सड़कों पर लगाए जाएं उन्हें अपना गन्ना पहुंचाने में कोई दिक्कत नहीं हो। इस दौरान समिति सचिव सुजेस नवानी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद प्रजापति, प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद पाल, प्रदेश प्रवक्ता कुशल सैनी, प्रदेश अध्यक्ष मजदूर विंग अनुज कुमार, संदीप कुमार, विकाश कुमार, अंकुश कुमार, अमित कुमार, अंकित कुमार, सौरभ सैनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन