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यूपी ने रोका किसानों के माइनरों का पानी, हजारों किसान परेशान
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यूपी प्रशासन ने गंगनहर के सर्की रजवाहे से नारसन क्षेत्र की सूखी फसलों की सिंचाई करने वाली कई माइनरों का पानी रोक दिया है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पानी नहीं छोड़ा गया तो सिंचाई प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
गौरतलब है कि गंगनहर के पानी से आसफनगर के सर्की रजवाहे से निकलने वाली माइनरों में पानी छोड़ा जाता है। इन माइनरों से किसान सिंचाई करते हैं। नारसन क्षेत्र में लिब्बरहेड़ी, हरचंदपुर, काजी, ब्रह्मपुर की माइनरों के जरिए दो हजार से अधिक किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। किसानों की माने तो करीब सात दिन से यूपी सिंचाई प्रशासन की ओर से माइनरों का पानी बंद कर दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रवक्ता राकेश लोहान ने बताया कि एक सप्ताह से माइनरें सूखी पड़ी हैं जबकि नवंबर के पहले हफ्ते में गेहूं की बुआई करने वाले किसानों को सिंचाई की सख्त जरूरत है। इसके अलावा ठंड के लिहाज से गन्ने और बरसीम की फसलों की सिंचाई कर पाले से बचाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों से वार्ता की जा रही है लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नही मिल रहा है। यदि जल्द ही माइनरों में पानी नहीं छोड़ा जाता है कि किसानों को मजबूरन उत्तराखंड सिंचाई विभाग के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना पड़ेगा। उधर, यूपी सिंचाई विभाग के मुजफ्फरनगर एसडीओ कैलाश कुमार का कहना है कि रोस्टर के हिसाब से माइनरों में पानी छोड़ा जाता है। इसी के अनुसार पानी बंद किया गया होगा। जल्द ही माइनरों में पानी छोड़ा जाएगा।
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गौरतलब है कि गंगनहर के पानी से आसफनगर के सर्की रजवाहे से निकलने वाली माइनरों में पानी छोड़ा जाता है। इन माइनरों से किसान सिंचाई करते हैं। नारसन क्षेत्र में लिब्बरहेड़ी, हरचंदपुर, काजी, ब्रह्मपुर की माइनरों के जरिए दो हजार से अधिक किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं। किसानों की माने तो करीब सात दिन से यूपी सिंचाई प्रशासन की ओर से माइनरों का पानी बंद कर दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रवक्ता राकेश लोहान ने बताया कि एक सप्ताह से माइनरें सूखी पड़ी हैं जबकि नवंबर के पहले हफ्ते में गेहूं की बुआई करने वाले किसानों को सिंचाई की सख्त जरूरत है। इसके अलावा ठंड के लिहाज से गन्ने और बरसीम की फसलों की सिंचाई कर पाले से बचाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों से वार्ता की जा रही है लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नही मिल रहा है। यदि जल्द ही माइनरों में पानी नहीं छोड़ा जाता है कि किसानों को मजबूरन उत्तराखंड सिंचाई विभाग के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना पड़ेगा। उधर, यूपी सिंचाई विभाग के मुजफ्फरनगर एसडीओ कैलाश कुमार का कहना है कि रोस्टर के हिसाब से माइनरों में पानी छोड़ा जाता है। इसी के अनुसार पानी बंद किया गया होगा। जल्द ही माइनरों में पानी छोड़ा जाएगा।
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