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लंढौरा और मंगलौर में बुखार से दो की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Thu, 06 Oct 2016 11:57 PM IST
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रुड़की, मंगलौर, लंढौरा। शहर और आसपास के क्षेत्रों में वायरल और डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को लंढौरा और मंगलौर में बुखार से दो लोगों की मौत का मामला सामने आया है। वहीं सिविल अस्पताल रुड़की में डेंगू के 13 नए मामले सामने आए हैं। दूसरी ओर, डेंगू के लगातार बढ़ते मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी है और शुक्रवार से प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
लंढौरा क्षेत्र की भगवानपुर चंदन निवासी सबीना (18 वर्ष) पुत्री सुलेमान को पिछले तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार की देर रात उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर लिब्बरहेड़ी निवासी 35 वर्षीय महिला शाहीन को तीन दिन पहले बुखार आया था। पहले गांव में ही उसका उपचार कराया गया, लेकिन सुधार नहीं होने पर उसे रुड़की ले जाया गया। बृहस्पतिवार को अचानक तबियत बिगड़ने पर चिकित्सक ने उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मालूम हो कि लिब्बरहेड़ी में काफी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। सुध न लेने से नाराज लोगों ने बीते रोज स्वास्थ्यमंत्री का पुतला भी जलाया था। इसके अलावा सिविल अस्पताल रुड़की में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में बुखार के मरीज पहुंचे।
अस्पताल में जांच के लिए लोगों की लंबी कतार लगी रही। जांच के बाद 13 मरीजों में डेंगू की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। सिविल अस्पताल के प्रबंधक रामकेश गुप्ता ने बताया कि डेंगू के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। इसमें पुरानी तहसील, माहीग्रान, अंबरतालाब, सत्ती मोहल्ला, रामपुर, भारतनगर, मच्छी मोहल्ला, कृष्णानगर आदि शामिल हैं। इन स्थानों पर फागिंग के लिए जिला मलेरिया अधिकारी गुरुनाम सिंह के नेतृत्व में 50 टीमों का गठन किया गया है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करेंगी।
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लंढौरा क्षेत्र की भगवानपुर चंदन निवासी सबीना (18 वर्ष) पुत्री सुलेमान को पिछले तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार की देर रात उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर लिब्बरहेड़ी निवासी 35 वर्षीय महिला शाहीन को तीन दिन पहले बुखार आया था। पहले गांव में ही उसका उपचार कराया गया, लेकिन सुधार नहीं होने पर उसे रुड़की ले जाया गया। बृहस्पतिवार को अचानक तबियत बिगड़ने पर चिकित्सक ने उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मालूम हो कि लिब्बरहेड़ी में काफी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। सुध न लेने से नाराज लोगों ने बीते रोज स्वास्थ्यमंत्री का पुतला भी जलाया था। इसके अलावा सिविल अस्पताल रुड़की में बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में बुखार के मरीज पहुंचे।
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अस्पताल में जांच के लिए लोगों की लंबी कतार लगी रही। जांच के बाद 13 मरीजों में डेंगू की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। सिविल अस्पताल के प्रबंधक रामकेश गुप्ता ने बताया कि डेंगू के बढ़ते मामलों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है। इसमें पुरानी तहसील, माहीग्रान, अंबरतालाब, सत्ती मोहल्ला, रामपुर, भारतनगर, मच्छी मोहल्ला, कृष्णानगर आदि शामिल हैं। इन स्थानों पर फागिंग के लिए जिला मलेरिया अधिकारी गुरुनाम सिंह के नेतृत्व में 50 टीमों का गठन किया गया है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करेंगी।
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