प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत मजाहिदपुर-सतिवाला-बंदरजुड़-लालवाला मजबता से लामग्रंट तक दो करोड़ 60 लाख की लागत से बनाई सड़क दो महीने भी ठीक से नहीं टिक पाई। एक महीने बाद ही सड़क जगह-जगह से टूटकर बिखर गई है। कई जगह से सड़क इतनी टूट गई है कि पुरानी सड़क के गड्ढे तक दिख आए हैं। सड़क की बदहाली देखकर स्थानीय लोगों में अधिकारियों और ठेेकेदार के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है।
पिछले साल मई में मजाहिदपुर-सतिवाला-बंदरजुड़ से लामग्रंट तक करीब साढ़े छह किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शुरू हुआ था। पिछले माह सड़क बनाकर तैयार कर दी गई थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बनी सड़क का बजट दो करोड़ 60 लाख रुपये था। करोड़ों खर्च कर बनाई गई सड़क एक माह भी नहीं झेल पाई है। सड़क जगह जगह से टूटकर बिखर गई है। क्षेत्रीय ग्रामीण जिक्रिया चौधरी, नौशाद अली, सुरेंद्र सिंह, मोहन सिंह, बिट्टू पाल, अमन कुमार, फरमान चौधरी आदि का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से करोड़ों रुपये डकारे गए हैं। इससे सड़क पर नाम मात्र कार्य कराकर सड़क चालू कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सड़क को दोबारा नहीं बनाया गया तो उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही अधिकारियों और ठेकेदार की शिकायत उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी। उधर, विभाग के कनिष्ठ अभियंता हरीश विजल्वाल का कहना है कि एक दिन पूर्व मौके पर जाकर देखा गया है। सड़क टूटी हुई मिली है। ठेकेदार का पेमेंट रोका जाएगा। वहीं इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।