{"_id":"62d2e08747a2964b81194aac","slug":"travel-of-roadways-buses-became-expensive-roorkee-news-drn417384654","type":"story","status":"publish","title_hn":"बसों में किराये की बढ़ोतरी से यात्री परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बसों में किराये की बढ़ोतरी से यात्री परेशान
विज्ञापन
राज्य सरकार की ओर से परिवहन निगम की बसों में यात्री किराया बढ़ा दिया गया है। इससे यात्री परेशान है। अब प्रदेश से बाहर सफर करने वाले यात्रियों को पांच से दस रुपये तो प्रदेश के अंदर सफर करने वाले यात्रियों को 20 से 30 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
उत्तराखंड में राज्य सरकार ने परिवहन निगम की बसों के साथ ही अन्य वाहनों का भी किराया बढ़ा दिया है। इस बढ़े किराये को लागू भी कर दिया गया है। एक साथ पांच से 30 रुपये अधिक बढ़ने से यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। इस बढ़े किराये का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ेगा जो प्रदेश के अंदर ही सफर करते हैं। जो दूसरे प्रदेश का सफर करते हैं, उनपर बढ़े किराये का ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।
वहीं यात्रियों का कहना है कि निजी वाहनों में अधिक खर्च आने के कारण वह बसों में सफर करते हैं लेकिन जिस हिसाब से बसों में किराया बढ़ाया जा रहा है उससे तो अपने वाहनों में ही सफर करना ठीक है। यात्री अमृत सिंह, मेघराज और जितेंद्र सिंह के अनुसार एक साथ पांच से 30 रुपये तक का किराया बढ़ाया जाना न्यायोचित नहीं है। यात्री इस बढ़े किराये का भार वहन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि वह सप्ताह में दो दिन रुड़की से ऋषिकेश और दो दिन दिल्ली जाते हैं। अब उन्हें ऋषिकेश जाने में 20 रुपये अतिरिक्त और दिल्ली जाने में पांच रुपये अतिरिक्त देने होंगे। ऐसे में उनके लिए प्रदेश के अंदर सफर करना ज्यादा बोझ बनने लगा है।
विज्ञापन
वहीं यात्री गजेंद्र सिंह ने बताया कि वह दो दिन पहले हल्द्वानी गए थे तो 400 रुपये किराया दिया था। जब वापस आया तो 450 रुपये लिए गए। मामले में एआरएम आलोक बेनवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने यह किराया राज्य के अंदर बढ़ाया है। जो बसें राज्य के अंदर चलेंगी उनमें ज्यादा किराया होगा। अन्य प्रदेशों में वहां तय किया गया किराया ही मान्य होगा।
अभी टिकट काटकर देंगे परिचालक
अभी परिवहन निगम की बसों के ईटीएम में नया किराया फीड नहीं हुआ है। इसी कारण सभी परिचालकों को टिकट जारी किए गए हैं। जब तक ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन) अपटेड नहीं होगी तब तक परिचालक टिकट काटकर यात्रियों को देंगे।
इस तरह बढ़ा मार्गों पर किराया
रुड़की से--- पुराना किराया---- नया किराया (रुपये में)
देहरादून ----- 105 ---------- 115
दिल्ली-------- 255----------- 260
हरिद्वार ------- 60 ------------ 65
चंडीगढ़ ------- 285 ---------- 290
सहारनपुर---- 80 -------- 90
ऋषिकेश------ 100 ------- 120
मुजफ्फरनगर----- 80-------- 90
हल्द्वानी---------- 400------- 450
----------------------------------------
उत्तराखंड में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के साथ क्षेत्रीय परिवहन संगठनों की ओर से कई वर्षों से माल भाड़ा एवं यात्री किराया बढ़ाने की मांग की जा रही थी। अब किराया बढ़ाया जाने पर ट्रांसपोर्टरों ने आभार व्यक्त किया है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव आदेश सैनी सम्राट ने बताया कि तीन-चार साल में डीजल, पेट्रोल, गैस, स्पेयर पार्ट्स, टोल टैक्स, रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, प्रदूषण मे बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही आरटीओ एवं पुलिस के चालानों में भी सरकार ने भारी बढ़ोतरी की हुई है। इस कारण मोटर मालिक बड़ा घाटा झेल रहे थे।
विज्ञापन
उत्तराखंड में राज्य सरकार ने परिवहन निगम की बसों के साथ ही अन्य वाहनों का भी किराया बढ़ा दिया है। इस बढ़े किराये को लागू भी कर दिया गया है। एक साथ पांच से 30 रुपये अधिक बढ़ने से यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। इस बढ़े किराये का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ेगा जो प्रदेश के अंदर ही सफर करते हैं। जो दूसरे प्रदेश का सफर करते हैं, उनपर बढ़े किराये का ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन
वहीं यात्रियों का कहना है कि निजी वाहनों में अधिक खर्च आने के कारण वह बसों में सफर करते हैं लेकिन जिस हिसाब से बसों में किराया बढ़ाया जा रहा है उससे तो अपने वाहनों में ही सफर करना ठीक है। यात्री अमृत सिंह, मेघराज और जितेंद्र सिंह के अनुसार एक साथ पांच से 30 रुपये तक का किराया बढ़ाया जाना न्यायोचित नहीं है। यात्री इस बढ़े किराये का भार वहन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि वह सप्ताह में दो दिन रुड़की से ऋषिकेश और दो दिन दिल्ली जाते हैं। अब उन्हें ऋषिकेश जाने में 20 रुपये अतिरिक्त और दिल्ली जाने में पांच रुपये अतिरिक्त देने होंगे। ऐसे में उनके लिए प्रदेश के अंदर सफर करना ज्यादा बोझ बनने लगा है।
विज्ञापन
वहीं यात्री गजेंद्र सिंह ने बताया कि वह दो दिन पहले हल्द्वानी गए थे तो 400 रुपये किराया दिया था। जब वापस आया तो 450 रुपये लिए गए। मामले में एआरएम आलोक बेनवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने यह किराया राज्य के अंदर बढ़ाया है। जो बसें राज्य के अंदर चलेंगी उनमें ज्यादा किराया होगा। अन्य प्रदेशों में वहां तय किया गया किराया ही मान्य होगा।
अभी टिकट काटकर देंगे परिचालक
अभी परिवहन निगम की बसों के ईटीएम में नया किराया फीड नहीं हुआ है। इसी कारण सभी परिचालकों को टिकट जारी किए गए हैं। जब तक ईटीएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन) अपटेड नहीं होगी तब तक परिचालक टिकट काटकर यात्रियों को देंगे।
इस तरह बढ़ा मार्गों पर किराया
रुड़की से--- पुराना किराया---- नया किराया (रुपये में)
देहरादून ----- 105 ---------- 115
दिल्ली-------- 255----------- 260
हरिद्वार ------- 60 ------------ 65
चंडीगढ़ ------- 285 ---------- 290
सहारनपुर---- 80 -------- 90
ऋषिकेश------ 100 ------- 120
मुजफ्फरनगर----- 80-------- 90
हल्द्वानी---------- 400------- 450
----------------------------------------
उत्तराखंड में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के साथ क्षेत्रीय परिवहन संगठनों की ओर से कई वर्षों से माल भाड़ा एवं यात्री किराया बढ़ाने की मांग की जा रही थी। अब किराया बढ़ाया जाने पर ट्रांसपोर्टरों ने आभार व्यक्त किया है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव आदेश सैनी सम्राट ने बताया कि तीन-चार साल में डीजल, पेट्रोल, गैस, स्पेयर पार्ट्स, टोल टैक्स, रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, प्रदूषण मे बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही आरटीओ एवं पुलिस के चालानों में भी सरकार ने भारी बढ़ोतरी की हुई है। इस कारण मोटर मालिक बड़ा घाटा झेल रहे थे।