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अब आरपार की लड़ाई लड़ेंगे उपनल कर्मचारी
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रुड़की। दो दिन तक कार्य बहिष्कार के बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर उपनल कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। आरपार की लड़ाई का एलान करते हुए कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि मांग पूरी होने पर ही हड़ताल खत्म होगी।
महासंघ के आह्वान पर उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) के कर्मचारियों ने समान वेतन-समान कार्य की मांग को लेकर 22 और 23 फरवरी को दो दिन का कार्य बहिष्कार किया था। इसके बाद भी मुख्यालय से कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा नहीं की गई। इससे खफा उपनल महासंघ ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का आह्वान किया है। महासंघ के आह्वान पर रुड़की में ऊर्जा निगम, तहसील, वाणिज्य विभाग और सिविल अस्पताल में कार्यरत 200 से ज्यादा कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। बुधवार को ऊर्जा निगम के उपनल कर्मचारियों ने डीजीएम कार्यालय में धरना दिया। कर्मचारियों ने कहा कि अब उन्होंने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। समान कार्य के बदले समान वेतन सहित अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
प्रदर्शन करने वालों में दिगंबर ध्यानी, अजय कुमार शिंदे, सनोज पाल, राजकुमार भारती, आशीष शर्मा, सुहेल खां, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं, सिविल अस्पताल में भी कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। उपनल कर्मचारी रमेश चंद, मोहम्मद आसिफ, मुकेश कुमार धीमान ने बताया कि वह वेतन वृद्धि और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न होने के चलते हड़ताल को अनिश्चितकालीन कर दिया गया है। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया। सिविल अस्पताल में कार्य बहिष्कार करने वालों में मनी शर्मा, राकेश कश्यप, मोहम्मद साजिद, राकेश कश्यप, मनीष शर्मा, पुष्पेद्र, रमेश चंद, पवन कुमार, पूजा, सीमा आदि शामिल थे।
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अस्पताल में बिगड़ीं स्वास्थ्य सेवाएं
सिविल अस्पताल के उपनल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते तीसरे दिन बुधवार को भी डिजिटल एक्स-रे और सीटी स्कैन नहीं हो सके। इसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों को निजी सेंटर पर जाकर एक्स-रे कराना पड़ा। इसके अलावा अन्य सुविधाएं भी प्रभावित रहीं। डिजिटल एक्स-रे न होने से करीब 23 मरीज लौटे। आवास विकास निवासी अमरीष गर्ग, आजाद नगर निवासी सुखपाल शर्मा और मनोज तिवारी ने बताया उन्हें पैर का डिजिटल एक्स-रे कराना था। दो दिन से अस्पताल में भटक रहे हैं, यदि निजी अस्पताल में करवाते हैं तो पैसा बहुत ज्यादा लग जाता है। अब अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते डिजिटल एक्सरे होना मुश्किल है।
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ऊर्जा निगम के तीनों डिवीजन के काम प्रभावित
उपनल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ऊर्जा निगम के तीनों डिवीजन के कामकाज प्रभावित हुए। उपभोक्ताओं को भी काम करवाने के लिए दिनभर कार्यालयों में भटकना पड़ा। ऊर्जा निगम में बिजली के बिल जमा करने, बिलों की गलतियां ठीक करवाने, राजस्व वसूूली, घरों पर मीटर लगाने जैसे कामकाज उपनल कर्मचारी ही करते हैं। अब हड़ताल के चलते ये काम नहीं हो रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। पहले उन्हें दो दिन बाद कार्यालय आने के लिए कहा गया था। बुधवार को उपभोक्ता कार्यालय पहुंचे तो फिर कुछ दिन बाद आने की बात कही जा रही है। मयूर विहार कॉलोनी निवासी युद्धवीर सिंह और शनि का कहना था कि उन्हें मीटर की गड़बड़ी ठीक करानी थी। अब गड़बड़ी ठीक होगी तो अगला बिल भी आ जाएगा। मामले में अधिशासी अभियंता विजय सिंह को फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो पाया।
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महासंघ के आह्वान पर उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) के कर्मचारियों ने समान वेतन-समान कार्य की मांग को लेकर 22 और 23 फरवरी को दो दिन का कार्य बहिष्कार किया था। इसके बाद भी मुख्यालय से कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा नहीं की गई। इससे खफा उपनल महासंघ ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का आह्वान किया है। महासंघ के आह्वान पर रुड़की में ऊर्जा निगम, तहसील, वाणिज्य विभाग और सिविल अस्पताल में कार्यरत 200 से ज्यादा कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। बुधवार को ऊर्जा निगम के उपनल कर्मचारियों ने डीजीएम कार्यालय में धरना दिया। कर्मचारियों ने कहा कि अब उन्होंने आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है। समान कार्य के बदले समान वेतन सहित अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
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प्रदर्शन करने वालों में दिगंबर ध्यानी, अजय कुमार शिंदे, सनोज पाल, राजकुमार भारती, आशीष शर्मा, सुहेल खां, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं, सिविल अस्पताल में भी कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। उपनल कर्मचारी रमेश चंद, मोहम्मद आसिफ, मुकेश कुमार धीमान ने बताया कि वह वेतन वृद्धि और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। मांग पूरी न होने के चलते हड़ताल को अनिश्चितकालीन कर दिया गया है। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन भी किया। सिविल अस्पताल में कार्य बहिष्कार करने वालों में मनी शर्मा, राकेश कश्यप, मोहम्मद साजिद, राकेश कश्यप, मनीष शर्मा, पुष्पेद्र, रमेश चंद, पवन कुमार, पूजा, सीमा आदि शामिल थे।
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अस्पताल में बिगड़ीं स्वास्थ्य सेवाएं
सिविल अस्पताल के उपनल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते तीसरे दिन बुधवार को भी डिजिटल एक्स-रे और सीटी स्कैन नहीं हो सके। इसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीजों को निजी सेंटर पर जाकर एक्स-रे कराना पड़ा। इसके अलावा अन्य सुविधाएं भी प्रभावित रहीं। डिजिटल एक्स-रे न होने से करीब 23 मरीज लौटे। आवास विकास निवासी अमरीष गर्ग, आजाद नगर निवासी सुखपाल शर्मा और मनोज तिवारी ने बताया उन्हें पैर का डिजिटल एक्स-रे कराना था। दो दिन से अस्पताल में भटक रहे हैं, यदि निजी अस्पताल में करवाते हैं तो पैसा बहुत ज्यादा लग जाता है। अब अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते डिजिटल एक्सरे होना मुश्किल है।
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ऊर्जा निगम के तीनों डिवीजन के काम प्रभावित
उपनल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ऊर्जा निगम के तीनों डिवीजन के कामकाज प्रभावित हुए। उपभोक्ताओं को भी काम करवाने के लिए दिनभर कार्यालयों में भटकना पड़ा। ऊर्जा निगम में बिजली के बिल जमा करने, बिलों की गलतियां ठीक करवाने, राजस्व वसूूली, घरों पर मीटर लगाने जैसे कामकाज उपनल कर्मचारी ही करते हैं। अब हड़ताल के चलते ये काम नहीं हो रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ता दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। पहले उन्हें दो दिन बाद कार्यालय आने के लिए कहा गया था। बुधवार को उपभोक्ता कार्यालय पहुंचे तो फिर कुछ दिन बाद आने की बात कही जा रही है। मयूर विहार कॉलोनी निवासी युद्धवीर सिंह और शनि का कहना था कि उन्हें मीटर की गड़बड़ी ठीक करानी थी। अब गड़बड़ी ठीक होगी तो अगला बिल भी आ जाएगा। मामले में अधिशासी अभियंता विजय सिंह को फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो पाया।