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सरकार बदली पर नहीं बदले शहर के हालात
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Mon, 24 Apr 2017 11:13 PM IST
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सरकार बदल गई है लेकिन शहर के हालात में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। यूपी में योगी हर दिन नई सरकार का अहसास करा रहे हैं और यहां हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। नई सरकार बने एक माह गुजर चुका है लेकिन इस दौरान न तो कोई नया काम शुरू हुआ है और न ही पुराने काम पूरे हो पाए हैं। पहले की तरह हर रोज शहर जाम से हांफता नजर आ रहा है। उसमें भी अधर में लटका एडीबी काम और उसकी खुदाई लोगों की मुसीबतों को और ज्यादा बढ़ा रही है। गंगनहर पर पुल का निर्माण की कछुआ चाल अब लोगों को मुंह चिढ़ा रही है। पिछले डेढ़ साल से चौराहों पर ट्रैफिक लाइटों के खंबे बुत बने खड़े हैं। वहीं वेस्ट टू एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए भी अभी तक कोई पहल नहीं हो सकी है।
आखिर कब काम करेंगी ट्रैफिक लाइटें
करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम की ओर से एक करोड़ की लागत से शहर के चौराहों पर ट्रैफिक सिंगनल की लाइटें लगाई गई थी। जिसके बाद इन लाइटों का ट्रायल किया गया, लेकिन इसके बाद से ट्रैफिक सिंगनल लाइट बंद पड़ी है। चौराहों पर जाम और जान का जोखिम लगातार बना हुआ है। हाल ही में नगर विधायक ने अधिकारियों की बैठक लेकर इनके संचालन के निर्देश दिए थे, लेकिन लाइटें चालू नहीं हो सकी।
सीपीयू लगी जाम से फिर भी निजात नहीं
शहर में एक माह पहले सीपीयू की तैनाती की गई। शुरुआत में ही यह बात सामने आने लगी थी कि सीपीयू हेलमेट न पहनने वालों के चालान तो काटेगी लेकिन जाम खुलवाने में मदद नहीं करेगी। यह बात अभी भी वैसी ही नजर आ रही है। रोजाना शहर के पुराने और नए पुल पर लगने वाले जाम को खुलवाने के लिए न तो पुलिस ही मशक्कत करती दिखाई देती है और न ही सीपीयू।
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पुल पूरा होता तो मिलती राहत
गंगनहर पुल पर पिछले एक साल पुल के निर्माण का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मई माह तक पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, लेकिन जिस कछुआ गति से निर्माण कार्य चल रहा है। उससे नहीं लगता कि तय अवधि में पुल को लोगों के लिए खोला जा सकेगा। पुल के निर्माण कार्य पूरा न होने से लोगों को जाम से राहत नहीं मिल पा रही है।
एडीबी के काम में नहीं आई गति
पिछले करीब बीस दिन से मालवीय चौक से रामनगर तक सड़क खोदकर डाली गई है, लेकिन न तो काम पूरा किया जा रहा है न ही खोदी गई सड़क को ठीक किया जा रहा है। जिसके चलते बढ़ती गर्मी में हर रोज आम इंसान हांफ रहा है। यह तब है जबकि नगर विधायक ने एडीबी के अधिकारियों को जल्द से काम पूरे करने के निर्देश दिए थे। हालांकि अधिकारी इस बात को कह रहे हैं कि मई माह के अंत तक पूरे शहर में सीवर लाइन डालने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
मोदी की तारीफ तक सिमटे सरकार के भाषण
तमाम कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचे मुख्यमंत्री हो या मंत्री सभी के भाषण प्रधानमंत्री की योजनाओं की तारीफों तक सिमटकर रह गए हैं। राज्य में और शहर में क्या नए काम होने और पुराने काम कैसे तेजी से पूरे हो। इस पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है। अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य हाल ही में नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी क्षेत्र के लिए न कोई घोषणा की और न ही विकास की कोई बात रखी। वहीं पिछले दिनों शहर स्थित हर मिलाप धर्मशाला में पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का भाषण भी पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान तक ही सिमटा रहा। इसके अलावा अन्य नेताओं का भी यही हाल है।
आखिर कब काम करेंगी ट्रैफिक लाइटें
करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम की ओर से एक करोड़ की लागत से शहर के चौराहों पर ट्रैफिक सिंगनल की लाइटें लगाई गई थी। जिसके बाद इन लाइटों का ट्रायल किया गया, लेकिन इसके बाद से ट्रैफिक सिंगनल लाइट बंद पड़ी है। चौराहों पर जाम और जान का जोखिम लगातार बना हुआ है। हाल ही में नगर विधायक ने अधिकारियों की बैठक लेकर इनके संचालन के निर्देश दिए थे, लेकिन लाइटें चालू नहीं हो सकी।
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सीपीयू लगी जाम से फिर भी निजात नहीं
शहर में एक माह पहले सीपीयू की तैनाती की गई। शुरुआत में ही यह बात सामने आने लगी थी कि सीपीयू हेलमेट न पहनने वालों के चालान तो काटेगी लेकिन जाम खुलवाने में मदद नहीं करेगी। यह बात अभी भी वैसी ही नजर आ रही है। रोजाना शहर के पुराने और नए पुल पर लगने वाले जाम को खुलवाने के लिए न तो पुलिस ही मशक्कत करती दिखाई देती है और न ही सीपीयू।
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पुल पूरा होता तो मिलती राहत
गंगनहर पुल पर पिछले एक साल पुल के निर्माण का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मई माह तक पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, लेकिन जिस कछुआ गति से निर्माण कार्य चल रहा है। उससे नहीं लगता कि तय अवधि में पुल को लोगों के लिए खोला जा सकेगा। पुल के निर्माण कार्य पूरा न होने से लोगों को जाम से राहत नहीं मिल पा रही है।
एडीबी के काम में नहीं आई गति
पिछले करीब बीस दिन से मालवीय चौक से रामनगर तक सड़क खोदकर डाली गई है, लेकिन न तो काम पूरा किया जा रहा है न ही खोदी गई सड़क को ठीक किया जा रहा है। जिसके चलते बढ़ती गर्मी में हर रोज आम इंसान हांफ रहा है। यह तब है जबकि नगर विधायक ने एडीबी के अधिकारियों को जल्द से काम पूरे करने के निर्देश दिए थे। हालांकि अधिकारी इस बात को कह रहे हैं कि मई माह के अंत तक पूरे शहर में सीवर लाइन डालने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
मोदी की तारीफ तक सिमटे सरकार के भाषण
तमाम कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचे मुख्यमंत्री हो या मंत्री सभी के भाषण प्रधानमंत्री की योजनाओं की तारीफों तक सिमटकर रह गए हैं। राज्य में और शहर में क्या नए काम होने और पुराने काम कैसे तेजी से पूरे हो। इस पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है। अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य हाल ही में नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी क्षेत्र के लिए न कोई घोषणा की और न ही विकास की कोई बात रखी। वहीं पिछले दिनों शहर स्थित हर मिलाप धर्मशाला में पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का भाषण भी पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान तक ही सिमटा रहा। इसके अलावा अन्य नेताओं का भी यही हाल है।