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मुकीम काला गिरोह में रह चुके हैं मुठभेड़ में शामिल बदमाश

Mon, 12 Jul 2021 11:24 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 11:24 PM IST
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The miscreants involved in the encounter have lived in the Mukeem black gang
पुलिस ने रविवार रात जिस बदमाश को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था, वह मुकीम काला गैंग का सदस्य रह चुका है। मुकीम की मौत के बाद गैंग खत्म होने पर वह अपना गैंग बनाकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था। उसका साथी भी मुकीम गैंग का सदस्य था। पुलिस के अनुसार, रविवार को रुड़की और देहरादून में महिलाओं से लूटपाट के बाद दोनों रुड़की में दोबारा घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। इसी दौरान पुलिस की उनसे मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने गोली लगने से घायल हुए बदमाश को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। साथ ही फरार बदमाश की तलाश में दबिश दे रही है।
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सोमवार को गंगनहर कोतवाली में एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने प्रेसवार्ता कर बताया कि रविवार को बाइक सवार दो बदमाशों ने रुड़की में महिला से लूटपाट के बाद देहरादून में चेन लूट की थी। इसके बाद वे वापस रुड़की आकर फिर घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। सीसीटीवी की फुटेज से बदमाशों की पहचान होने पर पुलिस उनकी तलाश में लगातार चेकिंग कर रही थी। रात करीब दस बजे तांशीपुर तिराहे से पाड़ली गुर्जर की ओर आने वाले मार्ग पर पुलिस ने बाइक सवार बदमाशों घेर लिया था। इस पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। एक बदमाश बाइक लेकर फरार हो गया जबकि दूसरा खेत में घुसकर फायरिंग करने लगा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश को पैर में गोली लग गई थी।
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पुलिस ने हिरासत में लेकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। पूछताछ में बदमाश ने अपना नाम साजिद उर्फ पिस्टल निवासी गली नंबर-30 लख्खीपुरा, थाना लिसाड़ी गेट मेरठ और फरार साथी का नाम गुड्डू उर्फ गुड्डन निवासी चौकपुरी, जिला बिजनौर बताया था। एसएसपी ने बताया कि दोनों बदमाश मुकीम काला गैंग के सदस्य रह चुके हैं। मुकीम की मौत के बाद गैंग खत्म होने पर दोनों अपना गिरोह बनाकर लूटपाट करने लगे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार बदमाश से एक पिस्टल, दो मैग्जीन, पांच कारतूस और दो खोखे बरामद हुए हैं। साथ ही रुड़की और देहरादून में लूटे गए सोने के दो ईयर रिंग, दो कड़े, एक चेन, एक मोबाइल और चेन का टुकड़ा बरामद हुआ है। पुलिस ने बदमाश को जेल भेज दिया। फरार बदमाश की तलाश में टीम ने बिजनौर में डेरा डाल दिया है।
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साजिद पर दर्ज हैं कई मुकदमे
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश साजिद पर मेरठ, रुड़की, देहरादून, मंगलौर में दर्ज हैं। साथ ही गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बिजनौर में भी केस दर्ज होने की जानकारी मिली है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, फरार बदमाश पर भी कई केस दर्ज होने की जानकारी मिली है।
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पुलिस टीम में ये रहे शामिल
मंगलौर कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट, गंगनहर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह, एसएसआई देवेंद्र सिंह रावत, एसएसआई देवराज शर्मा, एसआई लोकपाल परमार, कर्मवीर सिंह, सुखपाल मान, अमरीश कुमार, सिपाही प्रभाकर, मंदीप नेगी, मनीष, पूरण सिंह, हरि सिंह, राकेश प्रजापति, दीपक नेगी, यशपाल।
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फिर सवालों में सीपीयू और यातायात पुलिस की चेकिंग
गणेशपुर पुल और मिलिट्री चौक पर चेकिंग के सामने ही निकल गए बदमाश
बदमाशों के लूट करने की सूचना पर भी चेकिंग में नहीं नहीं दिखाई गंभीरता
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। महिला से तमंचे के बल पर दिनदहाड़े चेन लूटकर बाइक से फरार होने की घटना ने एक बार फिर शहर में वाहन चेकिंग का दम भरने वाली सिटी पेट्रोल यूनिट (सीपीयू) और यातायात पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिलिट्री चौक पर अधिकतर समय वाहन चेकिंग होने के बाद भी बदमाश आसानी से निकल गए और सीपीयू व यातायात पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सीपीयू और यातायात पुलिस सिर्फ आम जनता को ही पकड़ने के लिए लगाई गई है। बदमाशों को पकड़ने के लिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है।
रविवार सुबह दस बजे तमंचे के बल पर महिला से लूट हुई। चंद मिनटों बाद वायरलेस पर जिलेभर की पुलिस को लूट की सूचना देकर वाहन चेकिंग करने के सख्त निर्देश दिए गए। वायरलेस पर सूचना दी गई कि एक बदमाश ने हेलमेट पहना है और एक ने नहीं। बदमाशों के पास तमंचा भी है। सूचना मिलते ही शहर से लेकर जिलेभर की पुलिस अलर्ट हो गई और वाहन चेकिंग में जुट गई, लेकिन बदमाशों का कुछ पता नहीं चल पाया। इस बीच पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो मिलिट्री चौक पर लगे कैमरे में बदमाश बाइक से जाते हुए कैद हो गए। इस बीच बदमाश देहरादून पहुंच गए और करीब शाम चार बजे वहां भी लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश एक बार फिर वारदात के लिए रुड़की आए।

इस पूरी आवाजाही के दौरान वाहन चेकिंग का कोई डर बदमाशों में नहीं दिखाई दिया। ऐसे में एक बार फिर शहर में वाहन चेकिंग करने वाली सीपीयू और यातायात पुलिस के दावे हवाई साबित हुए। इतना ही नहीं मिलिट्री चौक पर सीपीयू और यातायात पुलिस के जवान अधिकतर समय वाहन चेकिंग करते हैं, लेकिन बदमाश चेकिंग को धता बताकर आसानी से निकल गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। ऐसे में जनता के बीच सवाल तैर रहे हैं कि क्या सीपीयू और यातायात पुलिस की वाहन चेकिंग आम जनता पर लागू होती है। बदमाशों को पकड़ने में इनकी कोई भूमिका नहीं है।
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