रुड़की। विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने अपनी 14 सूत्री मांगों को लेकर सरकार पर लचर रवैये का आरोप लगाकर मोर्चा खोलने का एलान किया है। मोर्चा ने बैठक कर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो हड़ताल फिर से शुरू की जाएगी।
एसीपी की पुरानी व्यवस्था बहाली और समान काम, समान वेतन समेत 14 सूत्री मांगों लेकर उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने चरणबद्ध तरीके से 25 जुलाई से आंदोलन शुरू किया था। 27 जुलाई को मोर्चा हड़ताल पर चला गया था, लेकिन मोर्चा के पदाधिकारियों और राज्य सरकार के बीच हुई वार्ता के बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई थी। शनिवार को विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने फिर से मामले को लेकर एक आम सभा का आयोजन किया। इसमें पदाधिकारियों ने कहा कि हड़ताल स्थगित करने के 15 दिन के अंदर प्रबंधन संबंधी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था जबकि शासन स्तर की मांगों को पूरा करने के लिए एक माह का समय दिया गया था। उन्होंने कहा कि 11 दिन बीतने के बाद भी प्रबंधन संबंधी कर्मियों की समस्या का कोई हल नहीं निकाला गया है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को लेकर जल्द ही निर्णय लेना होगा। यदि इस बार उनकी मांगों को पूरा करने में कोई अड़चन आई तो फिर से हड़ताल शुरू करेंगे। बैठक में इंशाउल हक, प्रदीप कुमार कंसल, विनोद कुमार ध्यानी, देवेंद्र शर्मा, पंकज सैनी, अभिषेक शर्मा, राकेश शर्मा, केहर सिंह, संजीव कौशिक, अनिल कुमार मिश्रा, ब्रज भूषण, सुनील कुमार मोघा, अनिल कुमार, सौरभ भाटी, मौहम्मद फैयाज, संदीप सैनी, विनीत सैनी, रवि भूषण शर्मा, रमाकांत आर्या, अंकिता सैनी, कुंती जोशी, कुसुमलता, प्रमोद कुमार, विनीत कुमार मौजूद रहे।