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Roorkee News: आईआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही दूर होगा शहर का अंधेरा
Thu, 11 Dec 2025 12:07 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Thu, 11 Dec 2025 12:07 AM IST
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आईआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही दूर होगा शहर का अंधेरा3000 लाइटों का दिया गया था ऑर्डर, नहीं मिली टेंडर में दी गई मॉडल की लाइटें
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। नगर निगम की ओर से टेंडर के जरिये दिए गए 3000 स्ट्रीट लाइटों के ऑर्डर पर फिर से ग्रहण लग गया है। दरअसल, संबंधित कंपनी ने टेंडर में दर्शाए गए मॉडल की लाइटें नहीं दीं। इसपर आईआईटी रुड़की को सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। एक माह से रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है जिसके चलते शहर में कई स्थानों पर अंधेरा पसरा है।
लंबे समय से वार्डों में पार्षद स्ट्रीट लाइटों की मांग कर रहे हैं। काफी जद्दोजहद के बाद दीपावली से पहले 3000 स्ट्रीट लाइटों का टेंडर एक कंपनी के नाम जारी कर दिया गया था। त्योहार तक कुछ लाइटें लगा दी गईं लेकिन तब यह बात सामने आई कि जो लाइट टेंडर में दर्शाई गईं थीं वह नहीं पहुंचीं हैं।
लाइट की कंपनी तो ठीक थी लेकिन उसके मॉडल का वर्जन अपडेट नहीं था। इस पर और लाइटों की सप्लाई रोक दी गई। बताया जा रहा है कि इन सबके बीच शहर भर में 500 से ज्यादा लाइटें लगा दी गई हैं। अब निगम ने लाइटों की जांच के लिए आईआईटी को सैंपल भेजा है। करीब एक माह से उसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अब रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे शहर का अंधेरा दूर हो सकेगा।
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जल्द ही आईआईटी से रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की लाइटें ली जाएंगी। जल्द ही सभी स्थानों पर इन्हें लगवाया जाएगा। -राकेश चंद्र तिवारी, नगर आयुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। नगर निगम की ओर से टेंडर के जरिये दिए गए 3000 स्ट्रीट लाइटों के ऑर्डर पर फिर से ग्रहण लग गया है। दरअसल, संबंधित कंपनी ने टेंडर में दर्शाए गए मॉडल की लाइटें नहीं दीं। इसपर आईआईटी रुड़की को सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। एक माह से रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है जिसके चलते शहर में कई स्थानों पर अंधेरा पसरा है।
लंबे समय से वार्डों में पार्षद स्ट्रीट लाइटों की मांग कर रहे हैं। काफी जद्दोजहद के बाद दीपावली से पहले 3000 स्ट्रीट लाइटों का टेंडर एक कंपनी के नाम जारी कर दिया गया था। त्योहार तक कुछ लाइटें लगा दी गईं लेकिन तब यह बात सामने आई कि जो लाइट टेंडर में दर्शाई गईं थीं वह नहीं पहुंचीं हैं।
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लाइट की कंपनी तो ठीक थी लेकिन उसके मॉडल का वर्जन अपडेट नहीं था। इस पर और लाइटों की सप्लाई रोक दी गई। बताया जा रहा है कि इन सबके बीच शहर भर में 500 से ज्यादा लाइटें लगा दी गई हैं। अब निगम ने लाइटों की जांच के लिए आईआईटी को सैंपल भेजा है। करीब एक माह से उसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अब रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे शहर का अंधेरा दूर हो सकेगा।
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जल्द ही आईआईटी से रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की लाइटें ली जाएंगी। जल्द ही सभी स्थानों पर इन्हें लगवाया जाएगा। -राकेश चंद्र तिवारी, नगर आयुक्त