{"_id":"62b9c05af3a1f3191523e8ea","slug":"talk-to-the-officials-on-the-middle-road-to-open-the-way-roorkee-news-drn4156919142","type":"story","status":"publish","title_hn":"रास्ता खुलवाने को बीच सड़क पर बैठ अधिकारियों से की बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रास्ता खुलवाने को बीच सड़क पर बैठ अधिकारियों से की बात
विज्ञापन
रुड़की में अपनी मांगों को लेकर रैली निकालकर तहसील जा रहे भारतीय किसान यूनियन रोड गुट के कार्यकर्?
- फोटो : ROORKEE
भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट के पदाधिकारियों ने भंगेड़ी में विवादित रास्ता खुलवाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बीच सड़क पर बैठकर बात की। प्रशासनिक भवन से तहसील जा रहे किसानों के जुलूस के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उन्हें रास्ते में ही मिल गए। उन्होंने उन्हें वहीं पर अपनी समस्या बताने के लिए कहा तो किसान बीच सड़क पर ही बैठ गए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने किसानों को शाम तक सेना के अधिकारियों से वार्ता कर रास्ते के विवाद का हल निकालने का आश्वासन दिया।
सोमवार को भाकियू रोड़ गुट के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सेना के इलाके से होकर गुजर रहे भंगेड़ी गांव के रास्ते को खुलवाने के लिए जुलूस यात्रा निकालने के लिए प्रशासनिक भवन के परिसर में एकत्र हुए। वहां किसान नेताओं ने कहा कि पूर्व निर्धारित जुलूस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार को बताना है कि सेना की ओर से भंगेड़ी और दुर्गा कालोनी में जाने वाला जो रास्ता बंद किया हुआ है उसे जल्द से जल्द खुलवाया जाए। इस मांग को लेकर किसान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह से वार्ता करना चाहते थे।
उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को प्रशासनिक भवन में ही आने की बात कही लेकिन वो नहीं पहुंचे। ऐसे में किसान जुलूस के रूप में पैदल ही तहसील की ओर बढ़ने लगे। जेएम को किसानों के तहसील में आने की जानकारी मिली तो वह भी प्रशासनिक भवन की ओर चल दिए। ऐसे में बीच रास्ते में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और किसान आमने-सामने आ गए। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ ने कहा कि लंबे समय से मांग चली आ रही है कि सेना की ओर से जो रास्ता बंद किया गया है उसे ग्रामीणों के लिए खुलवाया जाए। यदि ये संभव नहीं है तो सेना क्षेत्र के बराबर में सटी रेलवे की भूमि को रास्ते के लिए उपलब्ध कराए। सरकार मांगे नहीं मानती है तो आने वाले समय में अनिश्चितकाल धरना शुरू होगा।
विज्ञापन
इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने बताया कि येे रास्ता सेना के क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। इसमें सेना के अधिकारियों से वार्ता करने के बाद ही हल निकाला जाएगा। उन्होंने किसानों को शाम छह बजे तक अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया। इस मौके पर युवा प्रदेश उपाध्यक्ष मुबारक अली, जिलाध्यक्ष नाजिम अली, राजेश सैनी, प्रदीप त्यागी, प्रवेश प्रधान, महेंद्र सिंह सैनी, इंदर सिंह रोड, रजत रोड आदि मौजूद रहे।
तहसील में ही शुरू की बैठक
दोपहर करीब दो बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने किसानों को शाम छह बजे तक सेना के अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया और उन्हें लौट जाने को कहा। इस पर किसान नेताओं ने कहा कि जब तब उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा। इसपर किसान जुलूस के रूप में ही तहसील पहुंच गए। यहां उन्होंने शाम छह बजे तक तहसील में ही इंतजार करने की बात कही और संगठनों ने किसानों के लिए खाना बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद किसानों ने तहसील में ही बैठक जमा ली।
महिलाएं भी हुईं शामिल
सोमवार को किसानों के जुलूस का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। ऐसे में किसानों ने भंगेड़ी में संपर्क कर महिलाओं से भी जुलूस का हिस्सा बनने का आह्वान किया। सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी पहुंचकर भागीदारी निभाई। महिला सावित्री, मेघा, चंपा, सुमित्रा, सरोज देवी, मीना का कहना था कि किसान यूनियन उनके लिए सड़कों पर उतर रही है तो उनका भी फर्ज बनता है कि वह जुलूस का हिस्सा बनें।
रागिनी गाकर की आवाज बुलंद
प्रशासनिक भवन में एकत्र हुए किसानों ने शुरू में भाषण देते हुए अपनी बात रखी। इसके बाद किसानों ने रागिनी गाते हुए अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान बड़ी संख्या में मुजफ्फरनगर से भी किसान पहुंचे थे। वहीं किसान अपने साथ ढोलक और हारमोनियम बजाने वाले किसानों को भी साथ लेकर आए थे। उन्होंने रागिनी गाकर किसानों का पक्ष रखा।
विज्ञापन
सोमवार को भाकियू रोड़ गुट के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सेना के इलाके से होकर गुजर रहे भंगेड़ी गांव के रास्ते को खुलवाने के लिए जुलूस यात्रा निकालने के लिए प्रशासनिक भवन के परिसर में एकत्र हुए। वहां किसान नेताओं ने कहा कि पूर्व निर्धारित जुलूस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार को बताना है कि सेना की ओर से भंगेड़ी और दुर्गा कालोनी में जाने वाला जो रास्ता बंद किया हुआ है उसे जल्द से जल्द खुलवाया जाए। इस मांग को लेकर किसान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह से वार्ता करना चाहते थे।
विज्ञापन
उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को प्रशासनिक भवन में ही आने की बात कही लेकिन वो नहीं पहुंचे। ऐसे में किसान जुलूस के रूप में पैदल ही तहसील की ओर बढ़ने लगे। जेएम को किसानों के तहसील में आने की जानकारी मिली तो वह भी प्रशासनिक भवन की ओर चल दिए। ऐसे में बीच रास्ते में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और किसान आमने-सामने आ गए। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ ने कहा कि लंबे समय से मांग चली आ रही है कि सेना की ओर से जो रास्ता बंद किया गया है उसे ग्रामीणों के लिए खुलवाया जाए। यदि ये संभव नहीं है तो सेना क्षेत्र के बराबर में सटी रेलवे की भूमि को रास्ते के लिए उपलब्ध कराए। सरकार मांगे नहीं मानती है तो आने वाले समय में अनिश्चितकाल धरना शुरू होगा।
विज्ञापन
इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने बताया कि येे रास्ता सेना के क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। इसमें सेना के अधिकारियों से वार्ता करने के बाद ही हल निकाला जाएगा। उन्होंने किसानों को शाम छह बजे तक अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया। इस मौके पर युवा प्रदेश उपाध्यक्ष मुबारक अली, जिलाध्यक्ष नाजिम अली, राजेश सैनी, प्रदीप त्यागी, प्रवेश प्रधान, महेंद्र सिंह सैनी, इंदर सिंह रोड, रजत रोड आदि मौजूद रहे।
तहसील में ही शुरू की बैठक
दोपहर करीब दो बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने किसानों को शाम छह बजे तक सेना के अधिकारियों से वार्ता कर समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया और उन्हें लौट जाने को कहा। इस पर किसान नेताओं ने कहा कि जब तब उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा। इसपर किसान जुलूस के रूप में ही तहसील पहुंच गए। यहां उन्होंने शाम छह बजे तक तहसील में ही इंतजार करने की बात कही और संगठनों ने किसानों के लिए खाना बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद किसानों ने तहसील में ही बैठक जमा ली।
महिलाएं भी हुईं शामिल
सोमवार को किसानों के जुलूस का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था। ऐसे में किसानों ने भंगेड़ी में संपर्क कर महिलाओं से भी जुलूस का हिस्सा बनने का आह्वान किया। सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी पहुंचकर भागीदारी निभाई। महिला सावित्री, मेघा, चंपा, सुमित्रा, सरोज देवी, मीना का कहना था कि किसान यूनियन उनके लिए सड़कों पर उतर रही है तो उनका भी फर्ज बनता है कि वह जुलूस का हिस्सा बनें।
रागिनी गाकर की आवाज बुलंद
प्रशासनिक भवन में एकत्र हुए किसानों ने शुरू में भाषण देते हुए अपनी बात रखी। इसके बाद किसानों ने रागिनी गाते हुए अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान बड़ी संख्या में मुजफ्फरनगर से भी किसान पहुंचे थे। वहीं किसान अपने साथ ढोलक और हारमोनियम बजाने वाले किसानों को भी साथ लेकर आए थे। उन्होंने रागिनी गाकर किसानों का पक्ष रखा।