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आर्थिक गुलामी से देश को बाहर निकालें: रामदेव
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मकर संक्रांति पर पतंजलि योगपीठ के द्वितीय सभागार में विश्व कल्याण के लिए यज्ञ किया गया। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने देशवासियों से आह्वान किया कि देश को आर्थिक गुलामी के साथ शिक्षा, चिकित्सा, वैचारिक एवं सांस्कृतिक गुलामी और आत्मग्लानि से बाहर निकालें।
रामदेव ने कहा कि उत्तरायण में हम सूर्य की भांति तेजस्वी, पराक्रमी, गति व प्रगतिशील बनकर प्रचंड पुरुषार्थ का संकल्प लेकर उत्तरोत्तर उत्तरायण में आगे बढ़ने का संकल्प लें। कहा कि अपने वैयक्तिक एवं सामाजिक जीवन में गीता, दर्शनों, उपनिषदों, सत्य धर्म, वेद धर्म का, सनातन धर्म का पालन करें। योग का अभ्यास करें। सारे रोग और जन्म-जन्मांतरों के दु:ख स्वत: ही नष्ट हो जाएंगे।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश का दिन मकर संक्रांति के रूप में जाना जाता है। कहा कि भले ही विभिन्न प्रांतों में इसका नाम और मनाने का तरीका अलग हो, लेकिन पर्व भारत को अनेकता में एकता रूपी सूत्र में पिरोता है। इस दौरान साध्वी देवप्रिया, ऋतम्भरा शास्त्री, महावीर, स्वामी परमार्थदेव, स्वामी आर्षदेव, भाई राकेश कुमार, डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, डॉ. वेदप्रिया आर्य और प्रवीण पुनिया समेत कई लोग मौजूद रहे।
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रामदेव ने कहा कि उत्तरायण में हम सूर्य की भांति तेजस्वी, पराक्रमी, गति व प्रगतिशील बनकर प्रचंड पुरुषार्थ का संकल्प लेकर उत्तरोत्तर उत्तरायण में आगे बढ़ने का संकल्प लें। कहा कि अपने वैयक्तिक एवं सामाजिक जीवन में गीता, दर्शनों, उपनिषदों, सत्य धर्म, वेद धर्म का, सनातन धर्म का पालन करें। योग का अभ्यास करें। सारे रोग और जन्म-जन्मांतरों के दु:ख स्वत: ही नष्ट हो जाएंगे।
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आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश का दिन मकर संक्रांति के रूप में जाना जाता है। कहा कि भले ही विभिन्न प्रांतों में इसका नाम और मनाने का तरीका अलग हो, लेकिन पर्व भारत को अनेकता में एकता रूपी सूत्र में पिरोता है। इस दौरान साध्वी देवप्रिया, ऋतम्भरा शास्त्री, महावीर, स्वामी परमार्थदेव, स्वामी आर्षदेव, भाई राकेश कुमार, डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, डॉ. वेदप्रिया आर्य और प्रवीण पुनिया समेत कई लोग मौजूद रहे।
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