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खाद घोटाले में सुपरवाइजर को किया निलंबित
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लक्सर। खाद घोटाले के एक साल पुराने मामले में संयुक्त गन्ना आयुक्त ने विभागीय जांच पड़ताल के बाद एक सुपरवाइजर (गन्ना पर्यवेक्षक) को निलंबित किया है। जबकि एक अन्य सुपरवाइजर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इनमें से एक सुपरवाइजर लिब्बरहेड़ी, जबकि लक्सर गन्ना विकास परिषद में तैनात है।
लक्सर स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति से क्षेत्रीय किसान जरूरत पड़ने पर अपनी फसलों के लिए खाद उधार लेते हैं। इसके लिए दस्तावेजी कार्रवाई गन्ना विकास परिषद में तैनात सर्किल के गन्ना सुपरवाइजर करते हैं। करीब एक साल पहले सहकारी गन्ना विकास समिति, लक्सर में लाखों रुपए का खाद घोटाला सामने आया था। किसानों का आरोप था कि समिति के कागजों में उनके नाम पर कर्ज दर्ज है, जबकि उन्होंने सहकारी गन्ना विकास समिति से कोई खाद नहीं ली।
मामला जिले के तत्कालीन सहायक गन्ना आयुक्त की जानकारी में आया तो उन्होंने विभागीय जांच करने के आदेश दिए थे। जांच में गड़बड़झाले की पुष्टि हुई। पता चला कि लक्सर गन्ना विकास परिषद में तैनात सुपरवाइजर योगेंद्र और अश्वनी ने किसानों के नामों में हेरा फेरी कर गड़बड़ी की है। इसके बाद सहायक गन्ना आयुक्त ने अश्वनी को लक्सर गन्ना विकास परिषद से हटाकर लिब्बरहेड़ी गन्ना विकास परिषद में स्थानांतरित कर दिया था। लेकिन योगेंद्र लक्सर गन्ना विकास परिषद में ही तैनात था। सहायक गन्ना आयुक्त ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति संयुक्त गन्ना आयुक्त, काशीपुर के कार्यालय को भेजी थी। इस पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त गन्ना आयुक्त ने सुपरवाइजर अश्वनी को निलंबित कर दिया है। वही योगेंद्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने भी कार्रवाई की पुष्टि की।
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लक्सर स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति से क्षेत्रीय किसान जरूरत पड़ने पर अपनी फसलों के लिए खाद उधार लेते हैं। इसके लिए दस्तावेजी कार्रवाई गन्ना विकास परिषद में तैनात सर्किल के गन्ना सुपरवाइजर करते हैं। करीब एक साल पहले सहकारी गन्ना विकास समिति, लक्सर में लाखों रुपए का खाद घोटाला सामने आया था। किसानों का आरोप था कि समिति के कागजों में उनके नाम पर कर्ज दर्ज है, जबकि उन्होंने सहकारी गन्ना विकास समिति से कोई खाद नहीं ली।
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मामला जिले के तत्कालीन सहायक गन्ना आयुक्त की जानकारी में आया तो उन्होंने विभागीय जांच करने के आदेश दिए थे। जांच में गड़बड़झाले की पुष्टि हुई। पता चला कि लक्सर गन्ना विकास परिषद में तैनात सुपरवाइजर योगेंद्र और अश्वनी ने किसानों के नामों में हेरा फेरी कर गड़बड़ी की है। इसके बाद सहायक गन्ना आयुक्त ने अश्वनी को लक्सर गन्ना विकास परिषद से हटाकर लिब्बरहेड़ी गन्ना विकास परिषद में स्थानांतरित कर दिया था। लेकिन योगेंद्र लक्सर गन्ना विकास परिषद में ही तैनात था। सहायक गन्ना आयुक्त ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति संयुक्त गन्ना आयुक्त, काशीपुर के कार्यालय को भेजी थी। इस पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त गन्ना आयुक्त ने सुपरवाइजर अश्वनी को निलंबित कर दिया है। वही योगेंद्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने भी कार्रवाई की पुष्टि की।
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