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किसानों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को घेरा
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भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर ऊर्जा निगम के शहरी अधिशासी अभियंता, एसडीओ और जेई का घेराव किया। उन्होंने अधिकारियों पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि जब तक निगम से संबंधित समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में किसान भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट के अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ के नेतृत्व में प्रशासनिक भवन पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने ऊर्जा निगम के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यहां से किसान रैली के रूप में शहरी अधिशासी अभियंता कार्यालय पर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इस दौरान ऊर्जा निगम पर किसानों का उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई। यूनियन अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ ने कहा कि आज बिजली कटौती किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। निगम के अधिकारी और कर्मचारियों की कार्यशैली जनता को परेशान करने वाली है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर फुंके हैं और खंभे जर्जर हाल में पड़े हैं। इन्हें बदलवाने के बजाय अधिकारी चेक मीटर लगाकर किसानों का शोषण करने में लगे हैं। कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। किसान नेता संजीव कुशवाह ने कहा कि कुछ समय से बेहिसाब बिजली कटौती की जा रही है। जर्जर तारों की स्थिति यह हो गई है कि हल्की सी हवा में वे टूट जाते हैं। इससे सप्लाई बंद हो जाती है। इस दौरान अधिशासी अभियंता नंदिता अग्रवाल ने उन्हें वार्ता के लिए कक्ष में बुलाया तो उन्होंने जाने से इनकार कर दिया। बाद में ईई बाहर आईं तो किसानों ने उनका घेराव कर उन्हें अपने बीच बैठा लिया। उनके साथ ही एसडीओ अनिता सैनी व जेई शेरपाल को भी अपने बीच बैठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार अघोषित बिजली कटौती हो रही है, इससे किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन करने वालों में नाजिम अली, मुबारिक अली, घनश्याम आचार्य, मास्टर महेंद्र सैनी, रामदास, इंदर सिंह रोड़, प्रदीप त्यागी, सोनू मूलेवाला, छोटा सैनी, सतवीर रोड़, मंजेस रोड़, शमीम अहमद, राजबीर रोड़, अर्जुन सैनी, दीपक कश्यप, राकेश, लखन रोड़, अरशद, सतीश, भुल्लन सैनी, ललित रोड़ और रणधीर आदि मौजूद रहे।
धरने में जेई पर लगाए गंभीर आरोप
बृहस्पतिवार को भाकियू रोड़ गुट के पदाधिकारी ऊर्जा निगम के कार्यालय पर धरना दे रहे थे। इसी बीच एक किसान ने वहां बैठे क्षेत्र के जेई पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए। जेई ने इसका विरोध किया तो सभी किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही जेई के कार्यों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। किसानों का आरोप था कि जेई उनका लगातार शोषण करते आ रहे हैं। किसी भी समस्या को समय से हल नहीं करते, जबकि जेई ने सभी आरोपों को निराधार बताया। इस मामले में ईई नंदिता अग्रवाल ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों को सुना जाएगा। इसके बाद यदि जेई पर लगाए आरोप सही पाए गए तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
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बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में किसान भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट के अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ के नेतृत्व में प्रशासनिक भवन पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने ऊर्जा निगम के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यहां से किसान रैली के रूप में शहरी अधिशासी अभियंता कार्यालय पर पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इस दौरान ऊर्जा निगम पर किसानों का उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई। यूनियन अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ ने कहा कि आज बिजली कटौती किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। निगम के अधिकारी और कर्मचारियों की कार्यशैली जनता को परेशान करने वाली है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर फुंके हैं और खंभे जर्जर हाल में पड़े हैं। इन्हें बदलवाने के बजाय अधिकारी चेक मीटर लगाकर किसानों का शोषण करने में लगे हैं। कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। किसान नेता संजीव कुशवाह ने कहा कि कुछ समय से बेहिसाब बिजली कटौती की जा रही है। जर्जर तारों की स्थिति यह हो गई है कि हल्की सी हवा में वे टूट जाते हैं। इससे सप्लाई बंद हो जाती है। इस दौरान अधिशासी अभियंता नंदिता अग्रवाल ने उन्हें वार्ता के लिए कक्ष में बुलाया तो उन्होंने जाने से इनकार कर दिया। बाद में ईई बाहर आईं तो किसानों ने उनका घेराव कर उन्हें अपने बीच बैठा लिया। उनके साथ ही एसडीओ अनिता सैनी व जेई शेरपाल को भी अपने बीच बैठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार अघोषित बिजली कटौती हो रही है, इससे किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन करने वालों में नाजिम अली, मुबारिक अली, घनश्याम आचार्य, मास्टर महेंद्र सैनी, रामदास, इंदर सिंह रोड़, प्रदीप त्यागी, सोनू मूलेवाला, छोटा सैनी, सतवीर रोड़, मंजेस रोड़, शमीम अहमद, राजबीर रोड़, अर्जुन सैनी, दीपक कश्यप, राकेश, लखन रोड़, अरशद, सतीश, भुल्लन सैनी, ललित रोड़ और रणधीर आदि मौजूद रहे।
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धरने में जेई पर लगाए गंभीर आरोप
बृहस्पतिवार को भाकियू रोड़ गुट के पदाधिकारी ऊर्जा निगम के कार्यालय पर धरना दे रहे थे। इसी बीच एक किसान ने वहां बैठे क्षेत्र के जेई पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए। जेई ने इसका विरोध किया तो सभी किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही जेई के कार्यों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। किसानों का आरोप था कि जेई उनका लगातार शोषण करते आ रहे हैं। किसी भी समस्या को समय से हल नहीं करते, जबकि जेई ने सभी आरोपों को निराधार बताया। इस मामले में ईई नंदिता अग्रवाल ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों को सुना जाएगा। इसके बाद यदि जेई पर लगाए आरोप सही पाए गए तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
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