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कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताकर दिया धरना

Wed, 14 Oct 2020 11:49 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2020 11:49 PM IST
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Strike off agricultural laws as anti-farmer
रुड़की। कृषि कानून के खिलाफ राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने रुड़की सब्जी मंडी पर सांकेतिक धरना दिया गया। उन्होंने इन्हें काला कानून बताते हुए तुरंत वापस किए जाने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने राजकीय गोदाम पर पहुंचकर हंगामा भी किया। पदाधिकारियों का कहना था कि किसानों को धान में नमी बताकर परेशान किया जा रहा है।
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बुधवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों के साथ मिलकर रुड़की सब्जी मंडी पर सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष चौधरी पदम सिंह भाटी ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी को विश्वास में लिए कृषि कानून लागू कर दिए हैं, जो पूरी तरह से खेती को समाप्त करने वाले हैं। सरकार को इन कृषि कानून को वापस लेना चाहिए। यदि सरकार इन्हें लागू रखती है तो फसलों की एमएसपी की गारंटी वह खुद ले। इसके बाद किसानों ने राजकीय गोदाम में बनाए गए धान क्रय केंद्र पर पहुंचकर हंगामा किया। पदाधिकारियों का कहना था कि किसानों को धान में नमी बताकर परेशान किया जा रहा है। वहीं धान की खरीद नहीं की जा रही है। यदि किसी की धान की खरीद की जा रही है तो उससे प्रति कुंतल कुछ अलग से नमी के नाम पर धान लिया जा रहा है। इससे किसानों को लूटा जा रहा है। इस दौरान किसानों के हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। वहीं पुलिस के समझाने और क्रय केंद्र के अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसान वापस लौट गए। प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह भाटी ने मामले की जानकारी दी है। इस दौरान जिलाध्यक्ष पहल सिंह पंवार, राजदीप मैनवाल, अनिल चौधरी, अजय वर्मा, महक सिंह, सतीश चौधरी, अखलाक अहमद, अजय चौधरी आदि मौजूद रहे।
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