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एक करोड़ खर्च, पानी के लिए हाहाकार
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Sat, 29 Apr 2017 11:22 PM IST
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एक करोड़ लागत की स्वजल योजना भी ग्रामीणों को शुद्ध पानी मुहैया नहीं करवा पा रही है। घटिया प्लास्टिक पाइप लाइन बिछाए जाने से जगह-जगह लीकेज होने से पानी की आपूर्ति बंद करने से ग्रामीणों में इन दिनों पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। जबकि एक साल से नलकूप एवं ओवरहेड टैंक शोपीस बना खड़ा है।
नारसन ब्लॉक क्षेत्र के मखदूमपुर गांव में हैंडपंपों का पानी खराब होने से ग्रामीणों ने ओवरहेड हैड टैंक बनाने की मांग की थी। इस पर प्रदेश सरकार की ओर से स्वजल योजना के तहत करीब 92 लाख रुपये के बजट से एक साल पहले ओवरहेड टैंक का निर्माण करवाया था। इसके तहत नलकूप लगाया गया और प्लास्टिक पाइप लाइन गांव में बिछाई गई थी। टैंक एवं नलकूप तो ठीक-ठाक लगा दिया गया था, लेकिन पाइप लाइन घटिया किस्म की बिछाने पर ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि लाइन में पानी डालते ही यह जगह-जगह से लीकेज हो गई थी। कुछ दिन बाद प्लास्टिक लाइन ही जवाब दे गई। इससे पूरी पेयजल योजना ही ठप हो गई है। जबकि इस समय ग्रामीणों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। मजबूरन लोग हैंडपंपों का अशुद्ध पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पेयजल योजना को चालू किया जाए, वरना वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
ठेकेदार को एक सप्ताह का समय
ग्रामीणों की शिकायत पर पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता मोहम्मद मीसम अहमद ने सहायक अभियंता बीपी सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है। उनसे एक सप्ताह के भीतर जांच कर आख्या मांगी है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार जांच अधिकारी 25 अप्रैल को गांव में जांच करने के लिए पहुंचे थे। इस पर अधिकारी ने जांच करने की बजाय ठेकेदार को एक सप्ताह में ओवरहेड टैंक बनाने के निर्देश जारी कर दिए, लेकिन जांच अधिकारी के निर्देश के बावजूद ठेकेदार टैंक को चालू करने के लिए नहीं पहुंचा है। इससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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जांच के लिए मैं पहुंचा था, लेकिन उस दिन ओवरहेड टैंक बंद रहने से जांच नहीं हो पाई। टैंक चालू करने के लिए ठेकेदार एवं ग्राम प्रधान को कहा गया है। उसके बाद ही सही जांच हो पाएगी। बात रही प्लास्टिक पाइप लाइन फटने की तो इसका पता भी आपूर्ति चालू होने पर ही पता चल पाएगी। जांच रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजी जाएगी।
बीपी सिंह, एई एवं जांच अधिकारी
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क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन बनी परेशानी का सबब
एक ओर जहां पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों को चिलचिलाती गर्मी में हलक तर करने के लिए भटकना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के बीचोबीच रुड़की टाकीज चौराहे के पास चार दिन से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन से पानी बह रहा है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्थिति यह है कि परेशान होकर दो दिनों से आसपास के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान भी बंद कर दिए हैं।
जलसंरक्षण के लिए जगह-जगह बूंद-बूंद पानी बचाने के संदेश दिए जाते हैं। इसके विपरीत सड़कों पर आए दिन क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन से पानी बहता रहता है, लेकिन अधिकारियों की ओर से इसकी सुध नहीं ली जाती है। यही कारण है कि रुड़की टाकीज चौराहे पर पिछले चार दिनों से पानी बह रहा है, जिससे आसपास के दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानदारों की ओर से जलसंस्थान के अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। परेशान होकर आसपास के दुकानदारों ने दो दिनों से अपने प्रतिष्ठान ही बंद कर दिए। इस संबंध में जलसंस्थान के सहायक अभियंता राजेश निर्वाल का कहना है कि समस्या के संबंध में जानकारी मिली है। रविवार को पेयजल लाइन दुरुस्त कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
किसी की बोरिंग तो किसी की लाइन खराब
स्वजल योजना के तहत सालों पहले बनाए गए दर्जनों गांवों के ओवरहेड टैंक भी ग्रामीणों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। इनमें से किसी का बोरिंग फेल हो चुका है तो किसी की लाइन खराब होने के कारण ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। घोटालों एवं भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ी इन योजना से ग्रामीणों को तो कोई फायदा नहीं हुआ, लेकिन घोटाला करने वाले के वारे-न्यारे जरूर हो गए हैं। अधिकारियों ने भी इन्हें दोबारा चलाने की जहमत नहीं उठाई।
यहां भी सालों से ठप टैंक
भगवानपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव तेलपुरा, गांजा मजरा, बुधवाशहीद, बनवाला/गोकलवाला, हरिपुर टोंगिया, बुग्गावाला, बेहड़ेकी सैदाबाद के अलावा रुड़की ब्लॉक क्षेत्र के खाताखेड़ी, नारसन ब्लॉक क्षेत्र के झबरेड़ी और लंढौरा क्षेत्र के शिकारपुर, खेमपुर, गाधारोणा, जैनपुर झंझेडी में ओवरहेड टैंक ठप पड़े हुए हैं। लक्सर क्षेत्र के गांव गंगदासपुर और नारसन क्षेत्र के लंढौरा क्षेत्र के मंडावली और पिरान कलियर के इमलीखेड़ी एवं पिरान कलियर दरगाह का टैंक भी शोपीस बना हुआ है।
सरकार एवं जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान
प्रदेश सरकार एवं जनप्रतिनिधि भी सालों से ठप पड़े ओवरहेड टैंक को ालू करने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। जबकि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों ने शुद्ध पानी की समस्या दूर करने के लिए वादे किए थे। ठप ओवरहेड टैंकों से आपूर्ति सुचारु करने के काम को प्राथमिकता में शामिल करने की बात चुनाव में कही गई थी, लेकिन अभी तक नई सरकार एवं जनप्रतिनिधि इससे निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
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नारसन ब्लॉक क्षेत्र के मखदूमपुर गांव में हैंडपंपों का पानी खराब होने से ग्रामीणों ने ओवरहेड हैड टैंक बनाने की मांग की थी। इस पर प्रदेश सरकार की ओर से स्वजल योजना के तहत करीब 92 लाख रुपये के बजट से एक साल पहले ओवरहेड टैंक का निर्माण करवाया था। इसके तहत नलकूप लगाया गया और प्लास्टिक पाइप लाइन गांव में बिछाई गई थी। टैंक एवं नलकूप तो ठीक-ठाक लगा दिया गया था, लेकिन पाइप लाइन घटिया किस्म की बिछाने पर ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि लाइन में पानी डालते ही यह जगह-जगह से लीकेज हो गई थी। कुछ दिन बाद प्लास्टिक लाइन ही जवाब दे गई। इससे पूरी पेयजल योजना ही ठप हो गई है। जबकि इस समय ग्रामीणों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। मजबूरन लोग हैंडपंपों का अशुद्ध पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पेयजल योजना को चालू किया जाए, वरना वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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ठेकेदार को एक सप्ताह का समय
ग्रामीणों की शिकायत पर पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता मोहम्मद मीसम अहमद ने सहायक अभियंता बीपी सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है। उनसे एक सप्ताह के भीतर जांच कर आख्या मांगी है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार जांच अधिकारी 25 अप्रैल को गांव में जांच करने के लिए पहुंचे थे। इस पर अधिकारी ने जांच करने की बजाय ठेकेदार को एक सप्ताह में ओवरहेड टैंक बनाने के निर्देश जारी कर दिए, लेकिन जांच अधिकारी के निर्देश के बावजूद ठेकेदार टैंक को चालू करने के लिए नहीं पहुंचा है। इससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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जांच के लिए मैं पहुंचा था, लेकिन उस दिन ओवरहेड टैंक बंद रहने से जांच नहीं हो पाई। टैंक चालू करने के लिए ठेकेदार एवं ग्राम प्रधान को कहा गया है। उसके बाद ही सही जांच हो पाएगी। बात रही प्लास्टिक पाइप लाइन फटने की तो इसका पता भी आपूर्ति चालू होने पर ही पता चल पाएगी। जांच रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजी जाएगी।
बीपी सिंह, एई एवं जांच अधिकारी
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क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन बनी परेशानी का सबब
एक ओर जहां पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों को चिलचिलाती गर्मी में हलक तर करने के लिए भटकना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के बीचोबीच रुड़की टाकीज चौराहे के पास चार दिन से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन से पानी बह रहा है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्थिति यह है कि परेशान होकर दो दिनों से आसपास के दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान भी बंद कर दिए हैं।
जलसंरक्षण के लिए जगह-जगह बूंद-बूंद पानी बचाने के संदेश दिए जाते हैं। इसके विपरीत सड़कों पर आए दिन क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन से पानी बहता रहता है, लेकिन अधिकारियों की ओर से इसकी सुध नहीं ली जाती है। यही कारण है कि रुड़की टाकीज चौराहे पर पिछले चार दिनों से पानी बह रहा है, जिससे आसपास के दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानदारों की ओर से जलसंस्थान के अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। परेशान होकर आसपास के दुकानदारों ने दो दिनों से अपने प्रतिष्ठान ही बंद कर दिए। इस संबंध में जलसंस्थान के सहायक अभियंता राजेश निर्वाल का कहना है कि समस्या के संबंध में जानकारी मिली है। रविवार को पेयजल लाइन दुरुस्त कराकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
किसी की बोरिंग तो किसी की लाइन खराब
स्वजल योजना के तहत सालों पहले बनाए गए दर्जनों गांवों के ओवरहेड टैंक भी ग्रामीणों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। इनमें से किसी का बोरिंग फेल हो चुका है तो किसी की लाइन खराब होने के कारण ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। घोटालों एवं भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ी इन योजना से ग्रामीणों को तो कोई फायदा नहीं हुआ, लेकिन घोटाला करने वाले के वारे-न्यारे जरूर हो गए हैं। अधिकारियों ने भी इन्हें दोबारा चलाने की जहमत नहीं उठाई।
यहां भी सालों से ठप टैंक
भगवानपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव तेलपुरा, गांजा मजरा, बुधवाशहीद, बनवाला/गोकलवाला, हरिपुर टोंगिया, बुग्गावाला, बेहड़ेकी सैदाबाद के अलावा रुड़की ब्लॉक क्षेत्र के खाताखेड़ी, नारसन ब्लॉक क्षेत्र के झबरेड़ी और लंढौरा क्षेत्र के शिकारपुर, खेमपुर, गाधारोणा, जैनपुर झंझेडी में ओवरहेड टैंक ठप पड़े हुए हैं। लक्सर क्षेत्र के गांव गंगदासपुर और नारसन क्षेत्र के लंढौरा क्षेत्र के मंडावली और पिरान कलियर के इमलीखेड़ी एवं पिरान कलियर दरगाह का टैंक भी शोपीस बना हुआ है।
सरकार एवं जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान
प्रदेश सरकार एवं जनप्रतिनिधि भी सालों से ठप पड़े ओवरहेड टैंक को ालू करने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। जबकि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों ने शुद्ध पानी की समस्या दूर करने के लिए वादे किए थे। ठप ओवरहेड टैंकों से आपूर्ति सुचारु करने के काम को प्राथमिकता में शामिल करने की बात चुनाव में कही गई थी, लेकिन अभी तक नई सरकार एवं जनप्रतिनिधि इससे निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।