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किसी को भोले ने बुलावा, किसी को घर की आस
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:41 PM IST
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कांवड़
- फोटो : अमर उजाला
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रुड़की। कांवड़ पटरी से लेकर हरिद्वार हाईवे तक कांवड़ियों के जयकारे से शिक्षानगरी गूंज रही है। इसमें किसी को भोलेनाथ ने सपने में दर्शन देकर नीलकंठ बुलाया है तो कोई घर, सुख और समृद्धि की आस लिए भोले के दरबार में जलाभिषेक करने को आतुर है।
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मंगलवार को लोनी गाजियाबाद से कांवड़ लेकर आए कंवरसेन वर्मा ने बताया कि वह घर में सुख, समृद्धि के लिए पिछले 28 साल से हरिद्वार से गंगाजल भरकर भूरा महादेव मंदिर में चढ़ाते आ रहे हैं। उसके बाद से घर-परिवार पर बराबर भोले की कृपा बनी हुई है। लोनी से ही कांवड़ लेकर पहुंचे 11वीं के छात्र मोहित ने बताया कि आठवीं कक्षा में परीक्षा देने के बाद उसने पहली बार कांवड़ लेकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया था। उनकी कृपा से अच्छे नंबरों से पास भी हो गया था। तब से हर वर्ष कांवड़ लेकर गंगाजल लेने हरिद्वार आता हूं।
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लोनी से ही कांवड़ लेकर आई महिला मुन्नी का कहना है कि भोलेनाथ ने सपने में दर्शन देकर नीलकंठ बुलाया था। इसलिए पहली बार कांवड़ लेकर हरिद्वार आई और नीलकंठ में जलाभिषेक किया। अब वापस लोनी में भोलेनाथ का जलाभिषेक करूंगी। गाजियाबाद से आई सुशीला का कहना है कि वह पिछले 28 साल से कांवड़ लेकर हरिद्वार आ रही हैं। भोलेनाथ की भक्ति हर बार उन्हें यहां खींच लाती है। दिल्ली, इंद्रापुरम से कांवड़ लेकर परिजनों के साथ आए 13 वर्षीय रोहित का कहना है कि आशियाने की आस में हम लोगों ने कांवड़ उठाई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वह किराए के मकान में रहते हैं।
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