फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   small industries running without permission

बिना अनुमति के चल रहे लघु उद्योग

Mon, 22 Feb 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Mon, 22 Feb 2016 11:53 PM IST
विज्ञापन

रुड़की। अनुमान के तौर पर जिले में करीब 200 लघु उद्योग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बिना वर्षों से चल रहे हैं। इनके खिलाफ अब बोर्ड ने कार्रवाई करने तैयारी शुरू कर दी है। बिना अनुमति के चल रहे इन उद्योगों को अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रदूषण मानकों को पूरा करने के साथ भारी भरकम जुर्माना भरना पड़ सकता है। नियमानुसार एक करोड़ तक का मुनाफा कमाने वाले एक उद्योग को अपनी स्थापना की तिथि से लेकर अब तक प्रति वर्ष के हिसाब से 11 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।

विज्ञापन

जिले में अधिकतर बड़ी औद्योगिक इकाइयों की ओर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अनुमति ली गई है। लेकिन वर्षों से करीब 200 लघु उद्योग बोर्ड की बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं। बोर्ड कार्यालय की ओर से आकलन किया गया है कि रामनगर और सुनहरा क्षेत्र में करीब 50-50 लघु उद्योग और बहादराबाद क्षेत्र में 70 से ज्यादा लघु उद्योग स्थापित हैं। इन उद्योगों की ओर से न बोर्ड से कोई अनुमति ली गई है और न बोर्ड के पास अधिकृत तौर पर इन उद्योगों का कोई रिकार्ड है। लेकिन अब जबकि एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने सभी छोटे-बड़े उद्योगों सहित होटलों और धर्मशालाओं तक पर नकेल कसनी शुरू की है तो प्रदूषण बोर्ड भी हरकत में आ गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डा. अंकुर कंसल का कहना है कि जल्द सभी लघु उद्योगों को जांच के दायरे में लाया जाएगा। इसके सर्वे के बाद जुर्माने की भी कार्रवाई होगी। कई वर्षों से बिना अनुमति के चलते हरित श्रेणी में आने वाले एक करोड़ का मुनाफा कमाने वाले उद्योगों को 11 हजार रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से जुर्माना भी अदा करना पड़ सकता है। जबकि पांच करोड़ से अधिक कमाई करने वाले उद्योगों को 25 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से जुर्माना देना पड़ेगा। जुर्माने की यह राशि अनुमति प्रदान करते समय संबंधित उद्योगों की हैसियत पर भी काफी हद तक निर्भर करेगी।
विज्ञापन


नवीनीकरण में घटकर रह जाएगा 60 प्रतिशत शुल्क
रुड़की। शुरुआती दौर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति हासिल करने के लिए उद्योगों को स्थापना की तिथि से अब तक की अवधि के लिए निर्धारित प्रति वर्ष शुल्क के हिसाब से जुर्माना अदा करना पड़ेगा। लेकिन अनुमति हासिल करने के बाद जब इसे नवीनीकरण कराया जाएगा तो निर्धारित शुल्क का 60 प्रतिशत देना होगा। गौरतलब है कि हरित श्रेणी की फैक्ट्रियों को पांच साल, नारंगी श्रेणी की फैक्ट्रियों को तीन साल और लाल श्रेणी में आने वाली फैक्ट्रियों को हर वर्ष मान्यता का नवीकरण कराना होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनुमति के लिए निर्धारित प्रति वर्ष का शुल्क

हरित श्रेणी के लिए -
10 लाख से कम के उद्योग                -2000 रुपये  
10 लाख से 50 लाख तक के उद्योग     -3000 रुपये
50 लाख से एक करोड़ तक के उद्योग    -6500 रुपये
एक करोड़ से पांच करोड़ तक के उद्योग   -11,000 रुपये
पांच करोड़ से अधिक तक के उद्योग      -25,000 रुपये

लाल व नारंगी श्रेणी के लिए  
10 लाख से कम के उद्योग                - 15,000 रुपये
10 से 50 लाख तक के उद्योग            - 20,000 रुपये
50 लाख से एक करोड़ तक के उद्योग     - 30,000 रुपये
एक करोड़ से पांच करोड़ तक के उद्योग   - 55,000 रुपये
50 करोड़ से अधिक कमाई वाले उद्योग   - 1,20,000 रुपये

इनका कहना है

जो उद्योग पंजीकृत नहीं है, वे जल्द आवेदन करें। आवेदन नहीं करने वाले उद्योगों पर गाज गिरी तो वह स्वयं इसके जिम्मेदार होंगे। उद्योगों को पंजीकरण कराने के बाबत बोर्ड मुख्यालय की ओर से भी विगत 22 दिसंबर को सार्वजनिक नोटिस जारी किया जा चुका है।
-- डा. अंकुर कंसल, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रुड़की

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed