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नगर निगम में फिर आया धोखाधड़ी से संपत्ति में नाम दर्ज करने का मामला
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रुड़की। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गृहकर रजिस्टर में मकान किरायेदार के नाम करने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि इसी तरह का दूसरा मामला सामने आने से खलबली मच गई है। शिकायतकर्ता ने बिना दस्तावेजों के आधार पर बहन का नाम गृहकर रजिस्टर में दर्ज करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि उसके परिवार के सदस्य का नाम दर्ज करने से पहले न तो नियमानुसार कोई नोटिस दिया गया और न ही सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराई गई। शिकायतकर्ता ने फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले में मुख्य नगर आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
चाव मंडी निवासी राजकुमार भारती ने शुक्रवार को मुख्य नगर आयुक्त नूपुर वर्मा से शिकायत कर बताया कि उनकी मां के नाम पर दर्ज मकान में नगर निगम के कर्मचारियों ने बिना किसी वसीयत के धोखाधड़ी कर उनकी बहन का नाम भी दर्ज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी मां पहले ही बहन के नाम दूसरी संपत्ति कर चुकी हैं, लेकिन जब मकान में बहन का नाम दर्ज किया गया तो निगम कर्मचारियों ने उन्हें न तो आपत्ति दर्ज कराने के लिए कोई नोटिस जारी किया और न ही कोई सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की। राजकुमार ने नगर निगम के कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। शिकायत का तुरंत संज्ञान लेते हुए एमएनए नूपुर वर्मा ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रांत सिरोही की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी में जेई नरेश कुमार और एकाउंटेंट गिरधर गोपाल को भी शामिल किया गया है। जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो निगम के कई और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। एमएनए नूपुर वर्मा ने शिकायत की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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...तो निगम के पास नहीं है कोई दस्तावेज
जिस संपत्ति में नगर निगम ने महिला का नाम दर्ज किया है, उसके संबंध में नगर निगम के रिकॉर्ड में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। शिकायतकर्ता राजकुमार भारती का कहना है कि उन्होंने नगर निगम में आरटीआई लगाकर मकान से संबंधित दस्तावेज मांगे थे, लेकिन नगर निगम ने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी है।
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चाव मंडी निवासी राजकुमार भारती ने शुक्रवार को मुख्य नगर आयुक्त नूपुर वर्मा से शिकायत कर बताया कि उनकी मां के नाम पर दर्ज मकान में नगर निगम के कर्मचारियों ने बिना किसी वसीयत के धोखाधड़ी कर उनकी बहन का नाम भी दर्ज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी मां पहले ही बहन के नाम दूसरी संपत्ति कर चुकी हैं, लेकिन जब मकान में बहन का नाम दर्ज किया गया तो निगम कर्मचारियों ने उन्हें न तो आपत्ति दर्ज कराने के लिए कोई नोटिस जारी किया और न ही कोई सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की। राजकुमार ने नगर निगम के कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। शिकायत का तुरंत संज्ञान लेते हुए एमएनए नूपुर वर्मा ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रांत सिरोही की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी में जेई नरेश कुमार और एकाउंटेंट गिरधर गोपाल को भी शामिल किया गया है। जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो निगम के कई और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। एमएनए नूपुर वर्मा ने शिकायत की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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...तो निगम के पास नहीं है कोई दस्तावेज
जिस संपत्ति में नगर निगम ने महिला का नाम दर्ज किया है, उसके संबंध में नगर निगम के रिकॉर्ड में कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। शिकायतकर्ता राजकुमार भारती का कहना है कि उन्होंने नगर निगम में आरटीआई लगाकर मकान से संबंधित दस्तावेज मांगे थे, लेकिन नगर निगम ने कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी है।
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