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चुनावी शोरगुल के बीच सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा
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केस एक- रसूलपुर निवासी शहजाद बुधवार को ब्लॉक में जन्म प्रमाणपत्र पर साइन करवाने के लिए पहुंचे थे लेकिन उन्हें यह कहकर मना कर दिया कि अधिकारी चुनाव के बाद ही मिल पाएंगे।
केस दो - सती मोहल्ले निवासी रजिया और उस्मान राशन कार्ड पर राशन नहीं मिलने की समस्या लेकर कार्यालय पहुंचे थे लेकिन उन्हें मौजूद कर्मचारियों ने मार्च के बाद कार्यालय आने की बात कही।
केस तीन- आदर्श नगर निवासी राम कुमार और सोलानीपुरम निवासी संजय 4 दिन से खाद्य पूर्ति विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। उनकी समस्या बस इतनी है कि उनका कार्ड ऑनलाइन हुआ या नहीं लेकिन उनकी बात कोई नहीं सुन रहा।
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चुनावी शोरगुल के बीच जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसर गया है। यहां अपने काम को लेकर पहुंच रहे फरियादियों को सिर्फ निराशा हाथ लग रही है। स्थिति यह है कि छोटे से छोटे काम के लिए भी कर्मचारियों के पास एक ही बहाना है कि अब चुनाव के बाद ही कार्यालय में आना। ऐसे में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से लेकर खाद्य पूर्ति विभाग में राशन कार्ड ऑनलाइन करवाने और अन्य कार्यों के लिए भी लोग भटक रहे हैं।
विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने नौ जनवरी को अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके बाद हर जगह आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। आचार संहिता लगते ही अमूमन सभी अधिकारियों की ड्यूटी चुनाव में लग गई थी। इसके बाद एक-दो दिन तो अधिकारी कार्यालय में बैठे लेकिन इसके बाद से अधिकतर सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है। खासतौर पर खंड विकास कार्यालय से लेकर खाद्य पूर्ति विभाग, एआरटीओ, नगर निगम, बाल विकास विभाग, तहसील आदि कार्यालय में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं है। अब कार्यालय में पहुंच रहे फरियादियों को एक तो अधिकारी नहीं मिल रहे हैं। वहीं जो अधीनस्थ मौके पर मिलते भी हैं वे जनता को यह कहकर लौटा देते हैं कि अब मार्च के बाद ही कार्यालय में कुछ काम हो पाएगा।
अभी विधानसभा चुनाव में ड्यूटी होने के चलते कार्यालय नहीं जाना हो रहा है। ऐसे में कुछ काम जरूर रुके हुए हैं। हालांकि जो काम अन्य अधिकारियों के स्तर से हो सकते हैं, उन्हें कराया जाएगा। फरियादियों को भटकने नहीं दिया जाएगा।
-शिव प्रसाद थपलियाल, बीडीओ, रुड़की ब्लॉक
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केस दो - सती मोहल्ले निवासी रजिया और उस्मान राशन कार्ड पर राशन नहीं मिलने की समस्या लेकर कार्यालय पहुंचे थे लेकिन उन्हें मौजूद कर्मचारियों ने मार्च के बाद कार्यालय आने की बात कही।
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केस तीन- आदर्श नगर निवासी राम कुमार और सोलानीपुरम निवासी संजय 4 दिन से खाद्य पूर्ति विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। उनकी समस्या बस इतनी है कि उनका कार्ड ऑनलाइन हुआ या नहीं लेकिन उनकी बात कोई नहीं सुन रहा।
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चुनावी शोरगुल के बीच जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसर गया है। यहां अपने काम को लेकर पहुंच रहे फरियादियों को सिर्फ निराशा हाथ लग रही है। स्थिति यह है कि छोटे से छोटे काम के लिए भी कर्मचारियों के पास एक ही बहाना है कि अब चुनाव के बाद ही कार्यालय में आना। ऐसे में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से लेकर खाद्य पूर्ति विभाग में राशन कार्ड ऑनलाइन करवाने और अन्य कार्यों के लिए भी लोग भटक रहे हैं।
विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने नौ जनवरी को अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके बाद हर जगह आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। आचार संहिता लगते ही अमूमन सभी अधिकारियों की ड्यूटी चुनाव में लग गई थी। इसके बाद एक-दो दिन तो अधिकारी कार्यालय में बैठे लेकिन इसके बाद से अधिकतर सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है। खासतौर पर खंड विकास कार्यालय से लेकर खाद्य पूर्ति विभाग, एआरटीओ, नगर निगम, बाल विकास विभाग, तहसील आदि कार्यालय में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं है। अब कार्यालय में पहुंच रहे फरियादियों को एक तो अधिकारी नहीं मिल रहे हैं। वहीं जो अधीनस्थ मौके पर मिलते भी हैं वे जनता को यह कहकर लौटा देते हैं कि अब मार्च के बाद ही कार्यालय में कुछ काम हो पाएगा।
अभी विधानसभा चुनाव में ड्यूटी होने के चलते कार्यालय नहीं जाना हो रहा है। ऐसे में कुछ काम जरूर रुके हुए हैं। हालांकि जो काम अन्य अधिकारियों के स्तर से हो सकते हैं, उन्हें कराया जाएगा। फरियादियों को भटकने नहीं दिया जाएगा।
-शिव प्रसाद थपलियाल, बीडीओ, रुड़की ब्लॉक