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सरताज हत्याकांड, दोस्त ही निकले हत्यारे

Tue, 13 Dec 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Tue, 13 Dec 2016 11:48 PM IST
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sartaj murder case, friends were involved
पुलिस ने किया सरताज हत्याकांड का खुलासा - फोटो : amarujala

पुलिस ने सरताज हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। सरताज की हत्या करने वाले कोई और नहीं बल्कि उसके ही दो दोस्त थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। उधार दिए गए रुपयों को वापस मांगना ही हत्या की वजह बना। 

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कोतवाली रुड़की में सरताज हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि कोतवाली रुड़की क्षेत्र के माहिग्रान भारत नगर निवासी सरताज (25 वर्ष) आठ दिसंबर की शाम को घर से गया था। रविवार शाम को रानीपुर कोतवाली अंतर्गत सुमननगर स्थित नहर किनारे पर उसका शव बरामद हुआ था। शव की शिनाख्त होने के बाद सरताज के भाई चांद निवासी इस्लामनगर ने रानीपुर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाली रुड़की और रानीपुर कोतवाली पुलिस संयुक्त रूप से इस हत्याकांड के खुलासे में लगी हुई थी। पुलिस टीम ने सरताज की हत्या के आरोप में उसके ही दोस्त अल्ताफ निवासी पुरानी मंडी, बहियाबाद थाना-कुतुबशेर जनपद-सहारनपुर हाल निवासी इमलीरोड, सत्ती मोहल्ला रुड़की एवं सत्तार उर्फ बाबू, निवासी इब्राहिमपुरदेह रुड़की को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने सरताज की हत्या करना कबूल किया। हत्यारोपी अल्ताफ ने बताया कि वह अलमारी बनाने का काम करता है। दो माह पूर्व उसने सरताज से ढाई लाख रुपये माल लाने के लिए उधार लिए थे। सरताज अब इन रुपयों को वापस मांग रहा था। उसने सरताज को चेक भी दिया था, लेकिन वह बाउंस हो गया था। सरताज कह रहा था कि वह अब केस दर्ज कराएगा। इस बात से परेशान होकर उसने सत्तार के साथ मिलकर सरताज की हत्या की योजना बनाई। आठ दिसंबर को वह सत्तार को धनौरी में एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये लेने के बहाने अपने साथ बाइक पर ले गए। फिर बहाने से उसे सुमन नगर ले गए जहां उन्होंने सरताज को गोली मार दी। गोली लगने के बावजूद सरताज नहीं मरा तो उन्होंने गला घोंटकर उसे मार दिया और शव को वहीं कीचड़ में फेंक दिया। इसके बाद वह अपने घर लौट गए। हत्यारोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, कारतूस एवं सीडी डीलक्स बाइक बरामद कर ली है। इस मौके पर सीओ स्वप्न किशोर सिंह, कोतवाली रुड़की प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्यपाल एवं कोतवाली प्रभारी रानीपुर प्रदीप बिष्ट आदि मौजूद रहे। 
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24 घंटे के भीतर ही मिल गए थे अहम सुराग
सरताज हत्याकांड में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही हत्यारोपियों को चिह्नित कर लिया था। कोतवाली रुड़की के कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल एवं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप बिष्ट ने पुलिस टीम के साथ इस मामले की पड़ताल की तो हत्या की गुत्थी सुलझाने में अधिक समय नहीं लगा। 24 घंटे के भीतर ही पुलिस को पता चल गया था कि हत्यारोपी कौन है। पुलिस टीम में एसएसआई कोतवाली रुड़की अजय सिंह, एसएसआई रानीपुर प्रदीप रावत, एसआई मनोज सिरोला, कांस्टेबल अकबर अली, प्रवीन सिंह एवं प्रमोद पुरोहित शामिल रहे। 
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...तो दस दिन पहले ही कर देते हत्या
एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सरताज की हत्या का प्रयास दोनों हत्यारोपियों ने 10 दिन पहले भी किया था। दोनों उसे नोट बदलवाने के बहाने भगवानपुर क्षेत्र में ले गए थे, लेकिन सही मौका न मिलने और हथियार न होने की वजह से वह उस समय कामयाब नहीं हो सके। सरताज उनके इरादों को भांप नहीं पाया। 

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