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मंत्री मंडल के गठन पर रुड़की की भी नजर
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प्रदेश सरकार के नए मंत्रिमंडल के गठन पर रुड़की के लोगों की निगाहें भी टिकी हैं। राज्य गठन के बाद से अभी तक रुड़की क्षेत्र को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। इस बार रुड़की से भाजपा के विधायक तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में जिले में मंत्रियों के बंटवारे को लेकर रुड़की के हिस्से में कुछ आ पाएगा या नहीं, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजी तेज हो गई है।
विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुत हासिल कर चुकी भाजपा अब मुख्यमंत्री पद के लिए घोषणा करेगी। इसके साथ ही नए मंत्रिमंडल का भी गठन होगा। इसमें किस विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है, इसको लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। बता दें कि राज्य गठन के बाद से अब तक वर्ष 2002 और 2007 में भाजपा के सुरेश चंद जैन विधायक रहे हैं। दूसरी बार विधायक बनने के बाद माना जा रहा था कि सुरेश चंद जैन को कैबिनेट में जिम्मेदारी मिलेगी, लेकिन हरिद्वार से मदन कौशिक के मंत्री बनने से रुड़की को यह सौभाग्य नहीं मिला।
इसके बाद वर्ष 2012 में प्रदीप बत्रा कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने और बाद में भाजपा ज्वाइन की। इसके बाद प्रदीप बत्रा वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर विधायक बने। अब वे तीसरी बार विधायक बने हैं। बता दें कि हरिद्वार ग्रामीण के पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद को धामी सरकार में मंत्री बनाया गया था लेकिन इस बार वे चुनाव नहीं जीत पाए हैं। ऐसे में कयासबाजी लगाई जा रही है कि हरिद्वार जिले में भाजपा के तीन विधायकों में से एक को कैबिनेट मंत्री और किसी एक को राज्यमंत्री का दर्जा मिल सकता है। हालांकि मंत्रिमंडल के गठन की घोषणा के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि किस विधानसभा क्षेत्र की झोली में कैबिनेट मंत्री का पद आएगा।
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विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुत हासिल कर चुकी भाजपा अब मुख्यमंत्री पद के लिए घोषणा करेगी। इसके साथ ही नए मंत्रिमंडल का भी गठन होगा। इसमें किस विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है, इसको लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। बता दें कि राज्य गठन के बाद से अब तक वर्ष 2002 और 2007 में भाजपा के सुरेश चंद जैन विधायक रहे हैं। दूसरी बार विधायक बनने के बाद माना जा रहा था कि सुरेश चंद जैन को कैबिनेट में जिम्मेदारी मिलेगी, लेकिन हरिद्वार से मदन कौशिक के मंत्री बनने से रुड़की को यह सौभाग्य नहीं मिला।
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इसके बाद वर्ष 2012 में प्रदीप बत्रा कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने और बाद में भाजपा ज्वाइन की। इसके बाद प्रदीप बत्रा वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर विधायक बने। अब वे तीसरी बार विधायक बने हैं। बता दें कि हरिद्वार ग्रामीण के पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद को धामी सरकार में मंत्री बनाया गया था लेकिन इस बार वे चुनाव नहीं जीत पाए हैं। ऐसे में कयासबाजी लगाई जा रही है कि हरिद्वार जिले में भाजपा के तीन विधायकों में से एक को कैबिनेट मंत्री और किसी एक को राज्यमंत्री का दर्जा मिल सकता है। हालांकि मंत्रिमंडल के गठन की घोषणा के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि किस विधानसभा क्षेत्र की झोली में कैबिनेट मंत्री का पद आएगा।
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