आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित छात्र संसद चुनाव के अंतर्गत प्रधानमंत्री के चुनाव में माधव भवन में प्रियांशु कुश और निवेदिता भवन में वैशाली के सिर प्रधानमंत्री का ताज सजा। चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद के सभी प्रत्याशियों ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। साथ ही मौलिक अधिकार एवं भारतीय संविधान पर अपने विचार रखे।
शुक्रवार को आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव कराया गया। इसमें निवेदिता भवन से छात्रों और वैशाली भवन से छात्राओं ने पद के लिए नामांकन किया। इसके बाद प्रत्याशियों ने अपना-अपना पक्ष रखने और भारतीय संविधान के विषय में अपने विचार रखे। गिनती के आधार पर प्रियांशु कुश और वैशाली को प्रधानमंत्री पद के लिए चुना गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह ने बताया कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। भारत के युवा छात्र ही देश का भविष्य हैं। छात्र संसद चुनाव निर्वाचक मंडल में राजेश भट्ट, अनिल कंडवाल, भावना त्यागी, प्रतिमा वशिष्ठ का मुख्य योगदान रहा। विद्यालय की प्रबंध समिति एवं प्रबंधक ने विजयी एवं उत्साही पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उप प्रधानाचार्य मोहन सिंह मटियानी, उप प्रधानाचार्य (प्रशासन) कलीराम भट्ट, जसवीर सिह पुंडीर, आशुतोष कुमार शर्मा आदि मौजूद थे।