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चौकी इंचार्ज पर गिरी गाज
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sat, 16 Jul 2016 11:05 PM IST
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सचिव पर विकास कार्यों के लिए आए धन में गोलमाल के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
- फोटो : अमर उजाला
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कलियर में मारपीट के एक मामले में प्रधान से हुए विवाद के बाद इमलीखेड़ा चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया। कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में रोष है। वहीं एसएसपी हरिद्वार ने इसे प्रशासनिक कार्रवाई बताया है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को मोहम्मदपुर पांडा गांव में एक विवाहिता से मारपीट के मामले में विवाद खड़ा हो गया था। ससुरालियों की ओर से मारपीट करने के बाद महिला ने गदरजुड्डा निवासी अपने मायके वालों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मायके पक्ष के लोग मोहम्मदपुर पांडा पहुंच गए। आरोप है कि मायके पक्ष वालों के साथ भी मारपीट की गई। नतीजतन ससुराल पक्ष ने ही गांव में बदमाश घुसने की पुलिस को झूठी सूचना दे दी।
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इस पर चौकी इंचार्ज संदीप देवरानी पुलिसकर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शांतिभंग की आशंका को देखते हुए दोनों पक्षों के तीन-तीन लोगों को चालान कर दिया। यह बात गांव के प्रधान पति पवन सैनी को नागवार गुजरी। उन्होंने ससुराल पक्ष की पैरवी करते हुए कार्रवाई नहीं करने की बात कही, लेकिन चौकी इंचार्ज ने उनकी नहीं सुनी। इसपर प्रधान ने उन्हें तबादला कराने की चेतावनी दे दी थी। आननफानन में कई प्रधानों ने एकत्रित होकर पुलिस पर दबाव बनाया। इसके बाद एसएसपी राजीव स्वरूप की ओर से शनिवार को इमलीखेड़ा चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए गए। मामले में कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में रोष है।
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उनका कहना है कि बिना जांच किए इस तरह की कार्रवाई से पुलिस का मनोबल गिरता है। इस संबंध में एसएसपी राजीव स्वरूप का कहना है कि इमलीखेड़ा चौकी इंचार्ज के खिलाफ प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कार्रवाई की गई है। उनको कांवड़ सेल से अटैच किया गया है। इसका किसी विवाद या अन्य मामले से कोई लेना देना नहीं है।