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शीतलहर के प्रकोप, अस्पताल में बढ़े खांसी और बुखार के मरीज
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इसे ठंड की मार की कहें या फिर ओमिक्रॉन की रफ्तार। कारण जो भी हो, लेकिन देहात क्षेत्रों में एक बार फिर लोग खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट आ रहे हैं। इसी का नतीजा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टर इन मरीजों को लक्षणों की दवा के साथ ही जरूरत के अनुसार कोरोना जांच की भी सलाह दे रहे हैं।
लक्सर सीएचसी में इस समय रोजाना 150 से अधिक लोग ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज सर्दी, बुखार और खांसी के शामिल हैं। टाइफाइड के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि कड़ाके की ठंड से भी लोगों में वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के लक्षण पाए जा रहे हैं। ऐसे में सभी को सावधान रहने की आवश्यकता है। सबसे अधिक बुखार के मरीज मिल रहे हैं। वायरल बुखार और खांसी, छींकने-खांसने के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। अगर मास्क पहनकर घर से निकलें तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है। बृहस्पतिवार को अस्पताल पहुंचे ऐसे कुछ मरीजों को दवाई नहीं मिल पाई। इस दौरान करीब 100 मरीजों में टाइफाइड, मलेरिया और वायरल फीवर के मरीज शामिल थे। लक्सर निवासी संजय कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से बुखार और बदन दर्द है। अस्पताल से ही दवाएं मिल गई हैं। ममता ने बताया कि पांच साल के बच्चे को दिखाने आए हैं। तीन दिनों से बुखार है। पता चला कि अस्पताल आने वाले मरीजों में से पांच फीसदी बच्चे भी वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि, इनमें निमोनिया का लक्षण काफी कम पाया जा रहा है।
ओपीडी में लगी थी लंबी कतार
स्वास्थ्य केंद्र की सामान्य ओपीडी में बृहस्पतिवार को डॉक्टरों के पास काफी भीड़ थी। इलाज कराने आए लोगों में अधिक संख्या में सर्दी-बुखार से पीड़ित थे। किसी को बुखार से बदन दर्द की शिकायत थी तो कोई खांसी-जुकाम से परेशान था। अस्पताल की ओपीडी में 150 के करीब मरीजों ने इलाज के लिए पंजीकरण कराया था। इसमें कुछ बीपी शुगर और अन्य बीमारियों के मरीज भी शामिल थे।
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कोविड नियमों का पालन नहीं
अस्पताल की ओपीडी में आए मरीजों और उनके परिजन कोविड प्रोटोकॉल का बिल्कुल पालन नहीं कर रहे थे। दो गज की दूरी तो दूर की बात, मरीज और तीमारदार सटकर खड़े थे। कई लोग बगैर मास्क के भी कतार में खड़े नजर आए। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात अस्पताल कर्मियों की ओर से लोगों को शारीरिक दूरी का पालन करने को कहा जा रहा था। सबसे अधिक भीड़ बच्चों के डॉक्टर के पास लगी थी।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी
सर्दी ज्यादा होने के कारण बड़ी संख्या में ऐसे मरीज अस्पताल आ रहे हैं, जिनको खांसी, जुकाम और बुखार है। साथ ही शरीर में दर्द की शिकायत लेकर भी लोग आ रहे हैं। जो भी मरीज अस्पताल में आ रहे हैं, सभी का उपचार किया जा रहा है। दवाएं भी दी जा रही हैं। लक्षण के आधार पर आवश्यकतानुसार कोरोना जांच की भी सलाह दी जा रही है।
डॉ. अनिल वर्मा, प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लक्सर
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लक्सर सीएचसी में इस समय रोजाना 150 से अधिक लोग ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज सर्दी, बुखार और खांसी के शामिल हैं। टाइफाइड के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि कड़ाके की ठंड से भी लोगों में वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के लक्षण पाए जा रहे हैं। ऐसे में सभी को सावधान रहने की आवश्यकता है। सबसे अधिक बुखार के मरीज मिल रहे हैं। वायरल बुखार और खांसी, छींकने-खांसने के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। अगर मास्क पहनकर घर से निकलें तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है। बृहस्पतिवार को अस्पताल पहुंचे ऐसे कुछ मरीजों को दवाई नहीं मिल पाई। इस दौरान करीब 100 मरीजों में टाइफाइड, मलेरिया और वायरल फीवर के मरीज शामिल थे। लक्सर निवासी संजय कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से बुखार और बदन दर्द है। अस्पताल से ही दवाएं मिल गई हैं। ममता ने बताया कि पांच साल के बच्चे को दिखाने आए हैं। तीन दिनों से बुखार है। पता चला कि अस्पताल आने वाले मरीजों में से पांच फीसदी बच्चे भी वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि, इनमें निमोनिया का लक्षण काफी कम पाया जा रहा है।
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ओपीडी में लगी थी लंबी कतार
स्वास्थ्य केंद्र की सामान्य ओपीडी में बृहस्पतिवार को डॉक्टरों के पास काफी भीड़ थी। इलाज कराने आए लोगों में अधिक संख्या में सर्दी-बुखार से पीड़ित थे। किसी को बुखार से बदन दर्द की शिकायत थी तो कोई खांसी-जुकाम से परेशान था। अस्पताल की ओपीडी में 150 के करीब मरीजों ने इलाज के लिए पंजीकरण कराया था। इसमें कुछ बीपी शुगर और अन्य बीमारियों के मरीज भी शामिल थे।
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कोविड नियमों का पालन नहीं
अस्पताल की ओपीडी में आए मरीजों और उनके परिजन कोविड प्रोटोकॉल का बिल्कुल पालन नहीं कर रहे थे। दो गज की दूरी तो दूर की बात, मरीज और तीमारदार सटकर खड़े थे। कई लोग बगैर मास्क के भी कतार में खड़े नजर आए। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात अस्पताल कर्मियों की ओर से लोगों को शारीरिक दूरी का पालन करने को कहा जा रहा था। सबसे अधिक भीड़ बच्चों के डॉक्टर के पास लगी थी।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी
सर्दी ज्यादा होने के कारण बड़ी संख्या में ऐसे मरीज अस्पताल आ रहे हैं, जिनको खांसी, जुकाम और बुखार है। साथ ही शरीर में दर्द की शिकायत लेकर भी लोग आ रहे हैं। जो भी मरीज अस्पताल में आ रहे हैं, सभी का उपचार किया जा रहा है। दवाएं भी दी जा रही हैं। लक्षण के आधार पर आवश्यकतानुसार कोरोना जांच की भी सलाह दी जा रही है।
डॉ. अनिल वर्मा, प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लक्सर