गुर्जर मिलन समिति की बैठक आसफनगर में निर्माणाधीन गुर्जर भवन में हुई। बैठक में गुर्जर प्रतिहार राजवंश के महान शासक चक्रवर्ती सम्राट मिहिर भोज के विषय में राजपूत समाज की ओर से दिए जा रहे बयानों पर रोष व्यक्त किया गया।
बैठक में गुर्जर समाज के लोगों ने कहा कि मिहिर भोज गुर्जर प्रतिहार राजवंश के राजा थे, जिन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी हिस्से में लगभग 49 वर्षों तक शासन किया। इनके राज्य का विस्तार नर्मदा के उत्तर में और हिमालय की तराई तक रहा। इतिहासकार प्रो. वीडी महाजन ने अपनी किताब में लिखा है कि मिहिर भोज प्रतिहार वंश के सबसे शक्तिशाली शासक हुए। 851 ई. में भारत भ्रमण पर आए अरब यात्री सुलेमान ने उन्हें गुर्जर राजा कहा। गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के विषय में हम सभी को इतिहास में भी पढ़ाया गया है। ऐसे में राजपूत समाज के दावे गलत हैं और विवाद पैदा कर रहे हैं। इसका गुर्जर समाज और गुर्जर मिलन समिति घोर विरोध करेगा व आंदोलन करेगा। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र प्रसाद एडवोकेट एवं संचालन महासचिव सूबेदार मेजर अंतर पाल सिंह ने किया। बैठक में चौधरी विजय सिंह चौहान, प्रधान विजय सिंह, ओंकार सिंह चौहान, मास्टर दिनेश सिंह, मास्टर वीर सिंह पंवार, जगत सिंह आर्य, रोहिताश आर्य, विक्रम सिंह सोनू, राकेश कुमार चौधरी, सचिन प्रधान, दीपक छवड़ी, पवन प्रधान, अमरीश कुमार और विजय पाल सिंह आदि मौजूद रहे।