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पुरानी चिट्ठियों जैसी है आतंक की नई चिट्ठी
ब्यूरो/रुड़की, अमर उजाला
Updated Wed, 10 Feb 2016 10:48 PM IST
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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के नाम से पिछले दिनों रुड़की में सेना क्षेत्र से मिली संदिग्ध चिट्ठी पुरानी चिट्ठियों से मिलती जुलती है।
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चिट्ठियों की लिखावट में भी समानता पाई गई है। हरिद्वार समेत अलग अलग राज्यों में मिल चुकी चिट्ठियों से मिलान करने पर ये बात सामने आई है। देश भर में इस तरह की चिट्ठियों का आंकड़ा 200 के पार पहुंच चुका है। इस कारण संदिग्ध चिट्ठियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता है।
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हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर वर्ष 2010 से वर्ष 2013 के बीच लश्कर ए तैयबा के नाम से कई धमकी भरे पत्र मिले। तत्कालीन स्टेशन अधीक्षक समरेन्द्र गोस्वामी के नाम से भेजे गए इन पत्रों में लश्कर के एरिया कमांडर अब्दुल करीम अंसारी की तरफ से उत्तराखंड के प्रमुख स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी दी जाती रही।
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इतना ही नहीं समरेन्द्र गोस्वामी के रिटायर्ड होने के बाद भी उनके नाम से धमकी भरी चिट्ठियां आने का सिलसिला जारी रहा। पिछले साल जनवरी में अशोकनगर ढंढेरा में सरकारी स्कूल के गेट पर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का धमकी भरा पत्र मिला। इससे पहले वर्ष 2007 में लक्सर रेलवे स्टेशन पर तत्कालीन अधीक्षक आरए कन्नौजिया को हिजबुल मुजाहिदीन के नाम से धमकी भरा पत्र मिला। चिट्ठियों की इसी कड़ी में बीते 27 जनवरी को रुड़की में सेना गेट पर आईएसआई के नाम से मिली एक और धमकी भरी चिट्टी शामिल हो गई।
अभी तक मिली सारी चिट्ठियां पुलिस व खुफिया विभाग के लिए पहेलियां साबित हुई हैं। खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस बार पड़ताल में सामने आया है कि नई चिट्ठी पुरानी चिट्ठियों से काफी मिलती जुलती है। चिट्ठी की लिखावट से लेकर धमकी का तरीका पुरानी चिट्ठियों जैसा है। इसके अलावा कुछ और सुराग भी हाथ लगने की बात सामने आ रही है। बहरहाल खुफिया विभाग चिट्ठियों का राज जानने में जुटा है।