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भारतीय शिक्षक प्रणाली पर मंथन की जरूरत : शर्मा
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रुड़की हरिद्वार रोड स्थित कोर कालेज में आयोजित अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समा
- फोटो : ROORKEE
यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रुड़की (कोर) कॉलेज में आयोजित अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह में महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. महेश शर्मा पद्मश्री ने कहा कि आज शिक्षा के बदलते स्वरूप और भारतीय शिक्षा प्रणाली को देखते हुए इस पर गंभीर विमर्श की जरूरत है। इसके लिए कुछ बुनियादी सवालों से जूझना होगा।
रविवार को कोर कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह में कुलाधिपति डॉ. महेश शर्मा पद्मश्री बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने वैश्विक महामारी के दौर में वैश्विक परिवेश में शिक्षा के बदलते परिदृश्य एवं चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जो जीवन को एक नई विचारधारा प्रदान करता है। महामंडलेश्वर यतिंद्रानंद गिरी महाराज ने कहा कि रुड़की पूर्व समय से ही शिक्षा नगरी के नाम से प्रसिद्ध रहा है। रुड़की में आईआईटी विश्व प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान होने के कारण यहां देश विदेश से पढ़ने के लिए छात्र आते हैं। वहीं कोरोना महामारी के कारण आज विश्व एक बुरे दौर से गुजर रहा है। इस कारण भावी पीढ़ी को नुकसान होने की आशंका है लेकिन शिक्षकों की कड़ी मेहनत एवं संवेदनशीलता ने इस बुरे दौर में भी अपने कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं लगन से कार्य कर अपने दायित्वों का निर्वहन अच्छे से कर अपने आप को श्रेष्ठ सिद्ध किया है। मेयर गौरव गोयल ने कहा कि जहां पूरी दुनिया में कोरोना ने दहशत फैलाई हुई है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक जान की परवाह किए बिना स्कूलों में ड्यूटी दे रहे हैं। बीईओ श्रीकांत पुरोहित ने कोरोनाकाल में शिक्षकों की ओर से किए गए कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में देश के 22 राज्यों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक संजय वत्स, रविराज सैनी, डॉ. रविंद्र सैनी, डॉ. वीके सिंह, राजीव कुमार शर्मा, आलोक शर्मा, डॉ. रणवीर सिंह, नितिन शर्मा, सुशील कुमार, राहुल सैनी, अनुभव गुप्ता, नाजिम, इनाम, दीपक कुमार, सुमन, दीपा कौशिक, निशु वत्स आदि मौजूद थे।
पुस्तक का किया विमोचन
कार्यक्रम में बाल प्रतिभाओं की पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कविशा वर्मा की पुस्तक वैबी सेबी ड्रीम्स, आकाश गोयल की पुस्तक टू डू लिस्ट सीक्रेट्स, मनस्वी त्यागी की पुस्तक प्रकृति सखी का भी विमोचन किया गया।
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रविवार को कोर कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह में कुलाधिपति डॉ. महेश शर्मा पद्मश्री बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने वैश्विक महामारी के दौर में वैश्विक परिवेश में शिक्षा के बदलते परिदृश्य एवं चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जो जीवन को एक नई विचारधारा प्रदान करता है। महामंडलेश्वर यतिंद्रानंद गिरी महाराज ने कहा कि रुड़की पूर्व समय से ही शिक्षा नगरी के नाम से प्रसिद्ध रहा है। रुड़की में आईआईटी विश्व प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान होने के कारण यहां देश विदेश से पढ़ने के लिए छात्र आते हैं। वहीं कोरोना महामारी के कारण आज विश्व एक बुरे दौर से गुजर रहा है। इस कारण भावी पीढ़ी को नुकसान होने की आशंका है लेकिन शिक्षकों की कड़ी मेहनत एवं संवेदनशीलता ने इस बुरे दौर में भी अपने कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं लगन से कार्य कर अपने दायित्वों का निर्वहन अच्छे से कर अपने आप को श्रेष्ठ सिद्ध किया है। मेयर गौरव गोयल ने कहा कि जहां पूरी दुनिया में कोरोना ने दहशत फैलाई हुई है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक जान की परवाह किए बिना स्कूलों में ड्यूटी दे रहे हैं। बीईओ श्रीकांत पुरोहित ने कोरोनाकाल में शिक्षकों की ओर से किए गए कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में देश के 22 राज्यों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक संजय वत्स, रविराज सैनी, डॉ. रविंद्र सैनी, डॉ. वीके सिंह, राजीव कुमार शर्मा, आलोक शर्मा, डॉ. रणवीर सिंह, नितिन शर्मा, सुशील कुमार, राहुल सैनी, अनुभव गुप्ता, नाजिम, इनाम, दीपक कुमार, सुमन, दीपा कौशिक, निशु वत्स आदि मौजूद थे।
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पुस्तक का किया विमोचन
कार्यक्रम में बाल प्रतिभाओं की पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कविशा वर्मा की पुस्तक वैबी सेबी ड्रीम्स, आकाश गोयल की पुस्तक टू डू लिस्ट सीक्रेट्स, मनस्वी त्यागी की पुस्तक प्रकृति सखी का भी विमोचन किया गया।
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