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Roorkee News: बैटरी चुराने का विरोध करने पर दोस्त ने की थी मुन्ना की हत्या
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ई-रिक्शा चालक हत्याकांड में पुलिस ने मृतक के दो परिचितों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 7500 रुपये की किस्त चुकाने के लिए ई-रिक्शा की बैटरी चुराई और चालक की हत्या कर दी। आरोपियों से मृतक का फोन और ई-रिक्शा से चुराई गई दो बैटरियां बरामद हुई हैं। आरोपियों की पहचान आशीष कुमार और विक्रांत निवासी सलेमपुर के रूप में हुई है।
16 मई को ई-रिक्शा चालक मुन्ना (28) निवासी सुनहरा संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गया था। 18 मई की सुबह मुन्ना के पिता मिठवाराम व अन्य लोगों ने रसूलपुर के जंगल से उसका शव बरामद किया था। पुलिस तभी से आरोपी की तलाश कर रही थी। शुक्रवार को गंगनहर कोतवाली पहुंचे एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने हत्या का खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि आशीष कुमार उर्फ सरदार और विक्रांत उर्फ राहुल उर्फ रोल्ला निवासी सलेमपुर राजपूताना कोतवाली गंगनहर को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पूछताछ में बताया कि कि उन्होंने मुन्ना के साथ पहले पार्टी की थी फिर 500 रुपये का लालच देकर ई-रिक्शा बुक कर मुन्ना को मंगलौर सलेमपुर हाईवे से लेकर गए थे।
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सुनसान जगह पर उन्होंने ई-रिक्शा से बैटरी चुरानी शुरू की लेकिन मुन्ना की नजर उनपर पड़ गई थी। मुन्ना के विरोध करने पर उन्होंने हत्या कर शव को रेत और काली पन्नी से ढक दिया था। एसएसपी ने बताया कि आशीष पर लोन की किस्त अदा करने का दबाव था। इसीलिए उसने राहुल के साथ मिलकर बैटरी चोरी करने की योजना बनाई थी।
दोनों पहले भी कर चुके हैं चोरियां
पूछताछ में आशीष और विक्रांत ने बताया कि वह नशे के आदी हैं। वह अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए कभी नलकूप की मोटर, लोहा व अन्य छोटे-मोटे सामानों को चुराते आए हैं लेकिन कभी पुलिस की पकड़ में नहीं आ पाए।
आशीष पर दर्ज है छेड़खानी का मुकदमा
गंगनहर कोतवाली इंस्पेक्टर आरके सकलानी ने बताया कि आशीष के खिलाफ पिछले साल छेड़खानी का भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। विक्रांत के आपराधिक इतिहास को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। प्राथमिक पड़ताल में ज्यादा कुछ जानकारी हाथ नहीं लगा है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे तीनों
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला था। मुन्ना के फोन की कॉल डिटेल और लास्ट लोकेशन को भी ट्रेस कर लिया गया था। कुछ डंप डाटा भी पुलिस ने उठाया था। एक सीसीटीवी कैमरे में पुलिस को मुन्ना, आशीष और राहुल जाते हुए दिखे थे। इसके बाद पुलिस ने राहुल और आशीष की पहचान कर उनकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी थी। हत्या करने के बाद दोनों घर जाकर सो गए थे।
जागरण में भगवान शिव का किरदार निभाता है आशीष
मनव्वर हुसैन
रुड़की। ई-रिक्शा चालक हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी ने बताया कि वह पुरकाजी के एक ढाबे पर रोटी बनाने का काम करता है। वहीं जागरण और धार्मिक यात्रा में भगवान शिव का रूप धारण कर अभिनय करता है। इसके बावजूद अपने दोस्त की हत्या करते समय उसके हाथ जरा भी नहीं कांपे।
आशीष ने पुलिस को बताया कि एक फाइनेंस कंपनी से उसने 50 हजार का पर्सनल लोन लिया था। इसकी मासिक किस्त 7500 हर महीने जाती थी। इस कारण वह ढाबे पर रोटी बनाने से लेकर जागरण और झांकी में विभिन्न पात्रों का अभिनय भी करता था। 16 मई को साजिश के तहत उसने परिचित ई-रिक्शा चालक मुन्ना की बैटरी चोरी करने की योजना बनाई थी।
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16 मई को ई-रिक्शा चालक मुन्ना (28) निवासी सुनहरा संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गया था। 18 मई की सुबह मुन्ना के पिता मिठवाराम व अन्य लोगों ने रसूलपुर के जंगल से उसका शव बरामद किया था। पुलिस तभी से आरोपी की तलाश कर रही थी। शुक्रवार को गंगनहर कोतवाली पहुंचे एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने हत्या का खुलासा किया।
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उन्होंने बताया कि आशीष कुमार उर्फ सरदार और विक्रांत उर्फ राहुल उर्फ रोल्ला निवासी सलेमपुर राजपूताना कोतवाली गंगनहर को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पूछताछ में बताया कि कि उन्होंने मुन्ना के साथ पहले पार्टी की थी फिर 500 रुपये का लालच देकर ई-रिक्शा बुक कर मुन्ना को मंगलौर सलेमपुर हाईवे से लेकर गए थे।
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सुनसान जगह पर उन्होंने ई-रिक्शा से बैटरी चुरानी शुरू की लेकिन मुन्ना की नजर उनपर पड़ गई थी। मुन्ना के विरोध करने पर उन्होंने हत्या कर शव को रेत और काली पन्नी से ढक दिया था। एसएसपी ने बताया कि आशीष पर लोन की किस्त अदा करने का दबाव था। इसीलिए उसने राहुल के साथ मिलकर बैटरी चोरी करने की योजना बनाई थी।
दोनों पहले भी कर चुके हैं चोरियां
पूछताछ में आशीष और विक्रांत ने बताया कि वह नशे के आदी हैं। वह अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए कभी नलकूप की मोटर, लोहा व अन्य छोटे-मोटे सामानों को चुराते आए हैं लेकिन कभी पुलिस की पकड़ में नहीं आ पाए।
आशीष पर दर्ज है छेड़खानी का मुकदमा
गंगनहर कोतवाली इंस्पेक्टर आरके सकलानी ने बताया कि आशीष के खिलाफ पिछले साल छेड़खानी का भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। विक्रांत के आपराधिक इतिहास को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। प्राथमिक पड़ताल में ज्यादा कुछ जानकारी हाथ नहीं लगा है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे तीनों
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला था। मुन्ना के फोन की कॉल डिटेल और लास्ट लोकेशन को भी ट्रेस कर लिया गया था। कुछ डंप डाटा भी पुलिस ने उठाया था। एक सीसीटीवी कैमरे में पुलिस को मुन्ना, आशीष और राहुल जाते हुए दिखे थे। इसके बाद पुलिस ने राहुल और आशीष की पहचान कर उनकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी थी। हत्या करने के बाद दोनों घर जाकर सो गए थे।
जागरण में भगवान शिव का किरदार निभाता है आशीष
मनव्वर हुसैन
रुड़की। ई-रिक्शा चालक हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी ने बताया कि वह पुरकाजी के एक ढाबे पर रोटी बनाने का काम करता है। वहीं जागरण और धार्मिक यात्रा में भगवान शिव का रूप धारण कर अभिनय करता है। इसके बावजूद अपने दोस्त की हत्या करते समय उसके हाथ जरा भी नहीं कांपे।
आशीष ने पुलिस को बताया कि एक फाइनेंस कंपनी से उसने 50 हजार का पर्सनल लोन लिया था। इसकी मासिक किस्त 7500 हर महीने जाती थी। इस कारण वह ढाबे पर रोटी बनाने से लेकर जागरण और झांकी में विभिन्न पात्रों का अभिनय भी करता था। 16 मई को साजिश के तहत उसने परिचित ई-रिक्शा चालक मुन्ना की बैटरी चोरी करने की योजना बनाई थी।