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एसएसआई गरीब रिक्शा चालक के लिए बने मसीहा
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रुड़की। ‘मित्र पुलिस’ के स्लोगन को चरितार्थ करते हुए एसएसआई एक गरीब ई-रिक्शा चालक के लिए मसीहा बन गए। उन्होंने ई-रिक्शा चालक के पास पैसे नहीं होने पर दो हजार रुपये अपनी जेब से देकर गाड़ी में टक्कर लगने के मामले का निपटारा किया। एसएसआई की दरियादिली देख रिक्शा चालक की आंखों से आंसू छलक आए और उसने उनका आभार जताया।
सोमवार की रात हाईवे पर खंजर मार्ग के पास एक ई-रिक्शा की इनोवा कार में टक्कर लग गई थी। इससे कार के एक हिस्से पर स्क्रेच आ गया था। इस पर कार चालक ने रिक्शा चालक को पकड़ लिया और उसे कोतवाली ले आया। मंगलवार की सुबह सिविल लाइंस कोतवाली के एसएसआई दीप कुमार ने कार और रिक्शा चालक को बुलाकर जानकारी ली। इस बीच कार चालक ने कार सही होने में चार हजार रुपये का खर्चा आने की बात कही। इस पर रिक्शा चालक ने दो हजार रुपये होने की बात कही। रिक्शा चालक को देख एसएसआई का दिल पसीज आया और उन्होंने अपनी जेब से दो हजार रुपये निकालकर कार चालक को दे दिए और मामले का निपटारा करा दिया। एसएसआई की दरियादिली देख रिक्शा चालक फफक कर रो पड़ा और आभार जताते हुए कोतवाली से चला गया।
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सोमवार की रात हाईवे पर खंजर मार्ग के पास एक ई-रिक्शा की इनोवा कार में टक्कर लग गई थी। इससे कार के एक हिस्से पर स्क्रेच आ गया था। इस पर कार चालक ने रिक्शा चालक को पकड़ लिया और उसे कोतवाली ले आया। मंगलवार की सुबह सिविल लाइंस कोतवाली के एसएसआई दीप कुमार ने कार और रिक्शा चालक को बुलाकर जानकारी ली। इस बीच कार चालक ने कार सही होने में चार हजार रुपये का खर्चा आने की बात कही। इस पर रिक्शा चालक ने दो हजार रुपये होने की बात कही। रिक्शा चालक को देख एसएसआई का दिल पसीज आया और उन्होंने अपनी जेब से दो हजार रुपये निकालकर कार चालक को दे दिए और मामले का निपटारा करा दिया। एसएसआई की दरियादिली देख रिक्शा चालक फफक कर रो पड़ा और आभार जताते हुए कोतवाली से चला गया।
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