हरियाली तीज से एक दिन पहले महिलाओं ने हाथों में मेहंदी लगवाई। इसके साथ ही त्योहार के मद्देनजर खरीदारी की। मेहंदी लगाने वाले कारीगरों के यहां दिनभर मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की भीड़ जुटी रही। इसके अलावा घरों पर भी महिलाओं ने मेहंदी लगवाई। चारों तरफ हरियाली तीज का उत्सव दिखाई दिया।
हरियाली तीज के दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। इसके बाद मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है और तीज की कथा सुनी जाती है। इस पर्व में महिलाएं मां गौरी की आराधना कर पति की लंबी आयु की प्रार्थना करती है। महिलाएं पकवान बनाकर भोग लगाती है और घर में झूला झूलकर और सावन की गीत गाकर खुशियां मनाती है। इस दिन हरे वस्त्र, हरी चुनरी, हरा लहरिया, हरा श्रृंगार, मेहंदी के साथ झूला झूलने का विशेष रिवाज है। पंडित जगदीश पैन्यूली ने बताया कि हरियाली तीज पर महिलाओं को निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। व्रत के साथ ही कथा सुननी चाहिए। मां पार्वती की पूजा से धन, विवाह संतान आदि की प्राप्ति होती है।