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माधव और अनुप्रिया हुए विद्यालय रत्न घोषित
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रुड़की दिल्ली रोड स्थित आनंद स्वरुप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित विदाई समारोह में आदर्श
- फोटो : ROORKEE
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आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित विदाई एवं सम्मान समारोह में छात्र-छात्राओं ने अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इस मौके पर 12वीं के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय समय की यादों को मंच से साझा किया। इस अवसर पर एक छात्र और एक छात्रा को विद्यालय रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
बृहस्पतिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप जलाकर किया। सबसे पहले विद्यालय के सर्वश्रेष्ठ सम्मान विद्यालय रत्न की घोषणा की गई। सत्र 2021-22 का विद्यालय रत्न बालक वर्ग में माधव गोस्वामी और बालिका वर्ग में अनुप्रिया भट्ट को दिया गया। इस दौरान सीनियर छात्र-छात्राओं के सम्मान में कक्षा 11वीं के छात्र-छात्राओं ने मनोरंजक खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। वहीं, 12वीं के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय से जुड़े अपने अनुभव और सुखद यादों को साझा किया। विद्यालय समिति के उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण एवं सर्वांगीण विकास के लिए ही विद्या मंदिरों की स्थापना की गई है। आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर ऐसे शीर्ष विद्यालयों में शामिल है, जो निरंतर प्रयासों से छात्र-छात्राओं को चारित्रिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक स्तर पर मजबूत कर रहा है।
प्रबंधक डॉ. रजत अग्रवाल ने कहा कि हर छात्र को सामाजिक दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करना चाहिए। अपनी रुचि और सही लक्ष्य को जानकर सही योजना और मार्गदर्शन के माध्यम से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है। प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह ने कहा कि विद्यालय का हमेशा प्रयास रहता है कि किस प्रकार भारतीय महापुरुषों, विद्वानों के कार्यों और जीवन व्यवहार से प्रेरणा लेकर छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया जा सके। संचालन जिया, रिया, लक्ष्य, अस्मित, पलक, भूमि, आदित्य, अर्णव ने संयुक्त रूप से किया। आंचल, अनिषा, सलोनी, अंशु, काजल, सृष्टि, तनु, श्रेया, दिव्यांशी, अलिषा, अंकिता, नव्या, सूरज, शशांक, सत्यम, वासु ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
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बृहस्पतिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप जलाकर किया। सबसे पहले विद्यालय के सर्वश्रेष्ठ सम्मान विद्यालय रत्न की घोषणा की गई। सत्र 2021-22 का विद्यालय रत्न बालक वर्ग में माधव गोस्वामी और बालिका वर्ग में अनुप्रिया भट्ट को दिया गया। इस दौरान सीनियर छात्र-छात्राओं के सम्मान में कक्षा 11वीं के छात्र-छात्राओं ने मनोरंजक खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। वहीं, 12वीं के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय से जुड़े अपने अनुभव और सुखद यादों को साझा किया। विद्यालय समिति के उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण एवं सर्वांगीण विकास के लिए ही विद्या मंदिरों की स्थापना की गई है। आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर ऐसे शीर्ष विद्यालयों में शामिल है, जो निरंतर प्रयासों से छात्र-छात्राओं को चारित्रिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक स्तर पर मजबूत कर रहा है।
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प्रबंधक डॉ. रजत अग्रवाल ने कहा कि हर छात्र को सामाजिक दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करना चाहिए। अपनी रुचि और सही लक्ष्य को जानकर सही योजना और मार्गदर्शन के माध्यम से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है। प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह ने कहा कि विद्यालय का हमेशा प्रयास रहता है कि किस प्रकार भारतीय महापुरुषों, विद्वानों के कार्यों और जीवन व्यवहार से प्रेरणा लेकर छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया जा सके। संचालन जिया, रिया, लक्ष्य, अस्मित, पलक, भूमि, आदित्य, अर्णव ने संयुक्त रूप से किया। आंचल, अनिषा, सलोनी, अंशु, काजल, सृष्टि, तनु, श्रेया, दिव्यांशी, अलिषा, अंकिता, नव्या, सूरज, शशांक, सत्यम, वासु ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
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