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Roorkee News: कलियर का स्टील गार्डर पुल फिर बना परेशानी
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कलियर स्थित स्टील गार्डर पुल एक बार फिर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। पुल की क्षतिग्रस्त एप्रोच स्लैब को कुछ दिन पहले ब्रिडकुल की ओर से मरम्मत कर ठीक कराया गया था लेकिन मरम्मत के कुछ ही दिनों बाद स्लैब फिर से बुरी तरह टूट गई है।
कई महीनों से पुल के दोनों ओर की एप्रोच स्लैब टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी थी। सड़क की सतह उखड़ने के कारण नीचे लगा सरिया तक दिखाई देने लगा था। पुल पर सुरक्षा दीवार का अभाव और कांवड़ पटरी की ओर तीखा ढलान होने से वाहनों के फिसलने और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। रात के समय यह खतरा और भी बढ़ जाता है।
समाचार प्रकाशित होने के बाद 30 नवंबर को ब्रिडकुल की ओर से एप्रोच स्लैब की मरम्मत कराई गई थी लेकिन भारी और छोटे वाहनों के लगातार आवागमन से स्लैब कुछ ही दिनों में दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई। वर्तमान में सड़क की सतह फिर से टूट चुकी है और सरिये दिखने लगे हैं जिससे वाहन गुजरते समय असंतुलित होकर फंस जाते हैं या फिसलने की स्थिति बन जाती है।
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समाजसेवी इसरार शरीफ ने मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया है। उनका कहना है कि ब्रिडकुल की ओर से की गई मरम्मत केवल अस्थायी साबित हुई है। वहीं सभासद नाजिम त्यागी, अमजद मलिक, कल्लू त्यागी, इस्तिकार और कासिम खान का कहना है कि निर्माण के कुछ ही वर्षों में एप्रोच स्लैब का इस तरह क्षतिग्रस्त होना निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस मामले में ब्रिडकुल के उपमहाप्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि जल्द ही स्थल का निरीक्षण कर एप्रोच स्लैब की दोबारा मरम्मत कराई जाएगी।
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कई महीनों से पुल के दोनों ओर की एप्रोच स्लैब टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी थी। सड़क की सतह उखड़ने के कारण नीचे लगा सरिया तक दिखाई देने लगा था। पुल पर सुरक्षा दीवार का अभाव और कांवड़ पटरी की ओर तीखा ढलान होने से वाहनों के फिसलने और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। रात के समय यह खतरा और भी बढ़ जाता है।
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समाचार प्रकाशित होने के बाद 30 नवंबर को ब्रिडकुल की ओर से एप्रोच स्लैब की मरम्मत कराई गई थी लेकिन भारी और छोटे वाहनों के लगातार आवागमन से स्लैब कुछ ही दिनों में दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई। वर्तमान में सड़क की सतह फिर से टूट चुकी है और सरिये दिखने लगे हैं जिससे वाहन गुजरते समय असंतुलित होकर फंस जाते हैं या फिसलने की स्थिति बन जाती है।
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समाजसेवी इसरार शरीफ ने मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया है। उनका कहना है कि ब्रिडकुल की ओर से की गई मरम्मत केवल अस्थायी साबित हुई है। वहीं सभासद नाजिम त्यागी, अमजद मलिक, कल्लू त्यागी, इस्तिकार और कासिम खान का कहना है कि निर्माण के कुछ ही वर्षों में एप्रोच स्लैब का इस तरह क्षतिग्रस्त होना निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस मामले में ब्रिडकुल के उपमहाप्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि जल्द ही स्थल का निरीक्षण कर एप्रोच स्लैब की दोबारा मरम्मत कराई जाएगी।