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छोटी रोशनी पर रोशनी से जगमग हुआ कलियर
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कलियर उर्स में छोटी रोशनी के दिन बारिश के कारण खाली पड़ा दरगाह परिसर।
- फोटो : ROORKEE
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साबिर पाक के सालाना उर्स में हजरत गौस पाक रहमतुल्लाह अलैहि की छोटी रोशनी मनाई गई। इस दौरान कलियर शरीफ रोशनी से जगमग हो उठा। दूर-दराज से आए जायरीनों ने साबिर पाक की दरगाह में चादर और फूल पेश कर मुरादें मांगीं। हालांकि, दो दिन की बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट ने छोटी रोशनी में उमड़ने वाली भीड़ के कदम रोक दिए। ऐसे में हर साल की तुलना में दरगाह क्षेत्र में रौनक कम रही। आज बड़ी रोशनी यानी ईद मिलादुन्नबी के दिन भी जायरीनों के कम संख्या में ही पहुंचने की संभावना है।
सोमवार सुबह सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी और शाह यावर एजाज साबरी ने तिलावत-ए-कलाम पाक के साथ हजरत गौस पाक रहमतुल्ला अलैहि की छोटी रोशनी की रस्म की शुरुआत की। रात के समय किरात शरीफ की गई। छोटी रोशनी की रस्म खत्म होने पर हाफिज अब्दुल वाहिद, सऊद साबरी, पानीपत दरगाह के सज्जादानशीन हाफिज मैराज साबरी, खादिम मोज्जन अब्दुस्सलाम, सूफी राशिद साबरी, अनवर जमाल काजमी, गाजी मियां, आदिल हबीब, हैदर हबीब आदि ने दरगाह के खादिमों और सूफियों के साथ किरात शरीफ में शिरकत की। बाहर से आए जायरीनों ने बारगाह-ए-आलिया में खराज-ए-अकीदत पेश किया।
इससे पहले दिन बारिश के कारण पूरा दरगाह परिसर और मेन गेट खाली नजर आया। छोटी रोशनी की रस्म में शामिल होने के लिए हर साल जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ती है और लंबी-लंबी लाइनें लगाकर घंटों मशक्कत के बाद जियारत की बारी आती थी, लेकिन इस बार दरगाह परिसर खाली नजर आया। आज बड़ी रोशनी पर जगह-जगह ईद मिलादुन्नबी का जश्न मनाया जाएगा। 13 रबीउल अव्वल को कुल शरीफ में तिलावत-ए-कुरान पाक और साबिर पाक का शजरा पढ़ा जाएगा। इसके बाद दुआ की जाएगी। 14 रबीउल अव्वल को सुबह मजार शरीफ को गुलाब व संदल से गुस्ल देने की रस्म अदा की जाएगी।
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बारिश से दुकानदार मायूस
उर्स में बाहर से आए दुकानदारों को बारिश के कारण नुकसान झेलना पड़ा। रविवार सुबह से ही लगातार बारिश होने के कारण जायरीनों की भीड़ कम आने से दुकानदार खाली बैठे रहे। इस बार स्थानीय और बाहरी दुकानदारों को उर्स में अच्छे कारोबार की उम्मीद थी, लेकिन दो दिन से हो रही बारिश ने उर्स का मजा किरकिरा कर दिया।
स्कूलों और मदरसों में ठहराए गए जायरीन
बारिश के कारण प्रशासन की ओर से उर्स में आए जायरीनों के लिए कलियर और धनौरी के सरकारी स्कूलों व मदरसों को खोला गया है। जायरीनों को स्कूलों तक ले जाने के लिए पीपल चौक से सरकारी बसें लगाई गई हैं। जायरीनों की सुविधा का ख्याल रखने के लिए लेखपालों और कानूनगो को ड्यूटी पर लगाया गया है। साथ ही उनके फोन नंबर भी जारी किए गए हैं। कलियर के मदरसों, जूनियर हाईस्कूल, बाबा गरीब शाह इंटर कॉलेज, नेशनल इंटर कॉलेज धनौरी में जायरीनों को ठहराया गया है।
जायरीनों के लिए लगाया स्वास्थ्य शिविर
साबिर पाक के सालाना उर्स में जायरीनों के लिए अल मखदूम साबरी साजिदी फाउंडेशन की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। इसमें 24 घंटे डॉक्टर मौजूद रहेंगे। सोमवार को पीर-ए-तरीकत हजरत सैयद साजिद अली मियां साबरी ने फीता काटकर शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि हर साल जायरीनों की सुविधा के लिए शिविर लगाया जाता है। यहां 24 घंटे डॉक्टर जायरीनों को स्वास्थ्य सेवाएं देंगे। उन्होंने उर्स में आने वाले सभी जायरीनों से अपील की है कि शारीरिक दूरी और मास्क का उपयोग करें। इस मौके पर डॉ. हाजी इसहाक, हाजी खालिद साबरी, शिफात अली, मौसम अली, डॉ. फहीम, शाहिद, शकील मौजूद रहे।
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सोमवार सुबह सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी और शाह यावर एजाज साबरी ने तिलावत-ए-कलाम पाक के साथ हजरत गौस पाक रहमतुल्ला अलैहि की छोटी रोशनी की रस्म की शुरुआत की। रात के समय किरात शरीफ की गई। छोटी रोशनी की रस्म खत्म होने पर हाफिज अब्दुल वाहिद, सऊद साबरी, पानीपत दरगाह के सज्जादानशीन हाफिज मैराज साबरी, खादिम मोज्जन अब्दुस्सलाम, सूफी राशिद साबरी, अनवर जमाल काजमी, गाजी मियां, आदिल हबीब, हैदर हबीब आदि ने दरगाह के खादिमों और सूफियों के साथ किरात शरीफ में शिरकत की। बाहर से आए जायरीनों ने बारगाह-ए-आलिया में खराज-ए-अकीदत पेश किया।
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इससे पहले दिन बारिश के कारण पूरा दरगाह परिसर और मेन गेट खाली नजर आया। छोटी रोशनी की रस्म में शामिल होने के लिए हर साल जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ती है और लंबी-लंबी लाइनें लगाकर घंटों मशक्कत के बाद जियारत की बारी आती थी, लेकिन इस बार दरगाह परिसर खाली नजर आया। आज बड़ी रोशनी पर जगह-जगह ईद मिलादुन्नबी का जश्न मनाया जाएगा। 13 रबीउल अव्वल को कुल शरीफ में तिलावत-ए-कुरान पाक और साबिर पाक का शजरा पढ़ा जाएगा। इसके बाद दुआ की जाएगी। 14 रबीउल अव्वल को सुबह मजार शरीफ को गुलाब व संदल से गुस्ल देने की रस्म अदा की जाएगी।
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बारिश से दुकानदार मायूस
उर्स में बाहर से आए दुकानदारों को बारिश के कारण नुकसान झेलना पड़ा। रविवार सुबह से ही लगातार बारिश होने के कारण जायरीनों की भीड़ कम आने से दुकानदार खाली बैठे रहे। इस बार स्थानीय और बाहरी दुकानदारों को उर्स में अच्छे कारोबार की उम्मीद थी, लेकिन दो दिन से हो रही बारिश ने उर्स का मजा किरकिरा कर दिया।
स्कूलों और मदरसों में ठहराए गए जायरीन
बारिश के कारण प्रशासन की ओर से उर्स में आए जायरीनों के लिए कलियर और धनौरी के सरकारी स्कूलों व मदरसों को खोला गया है। जायरीनों को स्कूलों तक ले जाने के लिए पीपल चौक से सरकारी बसें लगाई गई हैं। जायरीनों की सुविधा का ख्याल रखने के लिए लेखपालों और कानूनगो को ड्यूटी पर लगाया गया है। साथ ही उनके फोन नंबर भी जारी किए गए हैं। कलियर के मदरसों, जूनियर हाईस्कूल, बाबा गरीब शाह इंटर कॉलेज, नेशनल इंटर कॉलेज धनौरी में जायरीनों को ठहराया गया है।
जायरीनों के लिए लगाया स्वास्थ्य शिविर
साबिर पाक के सालाना उर्स में जायरीनों के लिए अल मखदूम साबरी साजिदी फाउंडेशन की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। इसमें 24 घंटे डॉक्टर मौजूद रहेंगे। सोमवार को पीर-ए-तरीकत हजरत सैयद साजिद अली मियां साबरी ने फीता काटकर शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि हर साल जायरीनों की सुविधा के लिए शिविर लगाया जाता है। यहां 24 घंटे डॉक्टर जायरीनों को स्वास्थ्य सेवाएं देंगे। उन्होंने उर्स में आने वाले सभी जायरीनों से अपील की है कि शारीरिक दूरी और मास्क का उपयोग करें। इस मौके पर डॉ. हाजी इसहाक, हाजी खालिद साबरी, शिफात अली, मौसम अली, डॉ. फहीम, शाहिद, शकील मौजूद रहे।