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गेस्ट हाउस पर गरजी जेसीबी
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Mon, 17 Oct 2016 11:51 PM IST
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जेसीबी गेस्ट हाउस को तोडकर अतिक्रमण हटाते हुए
- फोटो : amarujala
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लाखों रुपये की लागत से वर्ष 2005 में बनाए गए अधूरे गेस्ट हाउस पर सोमवार को जेसीबी चला दी गई है। इसके स्थान पर अब वजूखाना सहित अन्य जरूरी निर्माण करवाए जाएंगे।
वर्ष 2005 में लाखों रुपये की लागत से बनवाए गए अधूरे गेस्ट हाउस की बिल्डिंग होने के कारण साबरी जामा मस्जिद का कार्य रुका पड़ा था।
इससे उर्स के दौरान आने वाले जायरीनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उर्स से पूर्व मस्जिद का निर्माण पूरा करने के लिए सोमवार को अधूरे गेस्ट हाउस के कमरों को डीएम के निर्देश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तुड़वा दिया है। बिल्डिंग टूटने के बाद अब यहां वजू खाना, इमाम का कमरा, साउंड सिस्टम रूम एवं मस्जिद में बाहर से अंदर जाने के लिए रास्ता बनाया जाएगा। फिलहाल मस्जिद में जाने के लिए दरगाह परिसर से जाना पड़ता था। इससे उर्स में आने वाले जायरीनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस स्थान पर मस्जिद का रास्ता बनने से जायरीनों को राहत मिलेगी। मालूम हो कि वर्ष 2011 में साबरी जामा मस्जिद की तोशी का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। लेकिन नव निर्मित मस्जिद के दो मुख्य फ्रंट बनाए गए थे। इसमें एक फ्रंट दरगाह शरीफ के अंदर, दूसरा मस्जिद का दरगाह कार्यालय की ओर बनना था। लेकिन इस तरफ अधूरे गेस्ट हाउस होने के कारण निर्माण नहीं हो पा रहा था।
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वर्ष 2005 में लाखों रुपये की लागत से बनवाए गए अधूरे गेस्ट हाउस की बिल्डिंग होने के कारण साबरी जामा मस्जिद का कार्य रुका पड़ा था।
इससे उर्स के दौरान आने वाले जायरीनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उर्स से पूर्व मस्जिद का निर्माण पूरा करने के लिए सोमवार को अधूरे गेस्ट हाउस के कमरों को डीएम के निर्देश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तुड़वा दिया है। बिल्डिंग टूटने के बाद अब यहां वजू खाना, इमाम का कमरा, साउंड सिस्टम रूम एवं मस्जिद में बाहर से अंदर जाने के लिए रास्ता बनाया जाएगा। फिलहाल मस्जिद में जाने के लिए दरगाह परिसर से जाना पड़ता था। इससे उर्स में आने वाले जायरीनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस स्थान पर मस्जिद का रास्ता बनने से जायरीनों को राहत मिलेगी। मालूम हो कि वर्ष 2011 में साबरी जामा मस्जिद की तोशी का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। लेकिन नव निर्मित मस्जिद के दो मुख्य फ्रंट बनाए गए थे। इसमें एक फ्रंट दरगाह शरीफ के अंदर, दूसरा मस्जिद का दरगाह कार्यालय की ओर बनना था। लेकिन इस तरफ अधूरे गेस्ट हाउस होने के कारण निर्माण नहीं हो पा रहा था।
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