फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   IIT's open drain in Solanipuram has become a problem, with filth and snakes causing panic

Roorkee News: सोलानीपुरम में आईआईटी का खुला नाला बना मुसीबत, गंदगी और सांपों से दहशत

Sun, 10 May 2026 05:38 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की Updated Sun, 10 May 2026 05:38 PM IST
विज्ञापन
IIT's open drain in Solanipuram has become a problem, with filth and snakes causing panic
जनसुनवाई
विज्ञापन

- 40 वर्षों से बह रहा 600 मीटर लंबा नाला सफाई के अभाव में बदहाल, लोगों ने निगम को रखरखाव सौंपने की उठाई मांग

करीब 600 मीटर लंबे और 8 फीट चौड़े नाले की समय पर नहीं होती साफ-सफाई
कुछ समय पूर्व नाले की 50 मीटर की दीवार टूटकर गिरने से अब और बढ़ी परेशानी
सांप मक्खी मच्छर से सोलानीपुरम परेशान, उलटी दिशा में बहता है गंदा पानी
रुड़की। नगर के सोलानीपुरम क्षेत्र में पिछले करीब 40 वर्षों से आईआईटी की ओर से आ रहा खुला नाला अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। करीब 600 मीटर लंबे और आठ फीट चौड़े इस नाले की समय पर सफाई नहीं होने से क्षेत्र में गंदगी फैल रही है। हालत यह है कि नाले में गंदा पानी कई जगहों पर उलटी दिशा में बहता दिखाई देता है जिससे दुर्गंध और जलभराव की समस्या लगातार बढ़ रही है। घरों के बाहर लोगों को अक्सर सांप भी दिखते हैं जिससे डर बना रहता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नाले में आईआईटी परिसर के करीब 150 घरों का गंदा पानी आता है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नाले में झाड़ियां और कचरा जमा हो गया है। इससे मच्छर और मक्खियों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। कई बार सांप भी नाले से निकलकर घरों तक पहुंच जाते हैं जिससे लोगों में डर का माहौल बना रहता है।
--------
आईआईटी नहीं देता एनओसी

- क्षेत्रवासियों का कहना है कि नाला सोलानीपुरम से होकर नदी में जा रहा है। एक साल में अक्सर आईआईटी सफाई करता है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि का कहना है कि वह आईआईटी के काफी बार आग्रह कर चुके हैं कि नाले का उनके क्षेत्र में आ रहे हिस्से का रखरखाव नगर निगम को सौंप दिया जाए। बारिश के दिनों में स्थिती और खराब होती है। संस्थान न तो नाले की समस्याओं का हल कराने के लिए एनओसी देता है न ही रखरखाव की ओर ध्यान दिया जाता है। परिणामस्वरूप कई दशकों ने समस्या जस की तस बनी है।
विज्ञापन

---------
शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ जाता है कि घरों के बाहर बैठना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय जनप्रतिनिधि ही अपने प्रयासों से कभी-कभी साफ-सफाई करा देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-- अनिल महेश्वरी

छोटे बच्चों को संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि कई बार सांप घरों के आसपास दिखाई दे चुके हैं। नाला ईंटों से बना है और अक्सर टूटता रहता है। घरों में भी नमी होने लगी है।
-- योगेश गोयल

कुछ समय पहले नाले की करीब 50 मीटर लंबी दीवार टूटकर गिर गई थी, जिसके बाद समस्या और बढ़ गई है। टूटे हिस्से के कारण आसपास की मिट्टी खिसक रही है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

-- डॉ. भीष्म कुमार

नाले की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार संबंधित संस्थान को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अधिकारियों से वार्ता कर स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। नाले को पक्का करने की मांग सालों से लंबित है।
-- पार्षद प्रतिनिधि रमेश जोशी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed