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Roorkee News: बीमा कराने के नाम पर आईआईटी कर्मी से 10 लाख ठगे
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बीमा कराने के नाम पर आईआईटी रुड़की के एक कर्मचारी से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर ली है ।
सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के सोलानीपुरम निवासी आईआईटी कर्मचारी कौशिक पाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि एक व्यक्ति ने स्वयं को बीमा कंपनी का एजेंट बताते हुए उनका बीमा कराने का भरोसा दिलाया था। आरोप है कि इसके बाद वह नियमित रूप से प्रति माह 25 हजार रुपये आरोपी को देते रहे। आरोपी रकम को बैंक खाते में जमा कराने की बात करता रहा और विश्वास दिलाने के लिए पासबुक व चेकबुक भी उपलब्ध कराई।
पीड़ित के अनुसार कुछ समय बाद आरोपी पासबुक में एंट्री कराने के बहाने उसे अपने साथ ले गया। जब उन्होंने बार-बार पासबुक वापस मांगी तो आरोपी कभी सर्वर खराब होने तो कभी कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने का बहाना बनाता रहा। संदेह होने पर जब उन्होंने संबंधित बैंक और कंपनी में जानकारी की तो पता चला कि खाते में करीब 10 लाख रुपये जमा ही नहीं कराए गए थे।
पीड़ित ने आरोपी से रकम वापस मांगी तो उसने कुछ समय का आश्वासन दिया लेकिन बाद में लगातार टालमटोल करता रहा। अंततः अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी मे केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
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सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के सोलानीपुरम निवासी आईआईटी कर्मचारी कौशिक पाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि एक व्यक्ति ने स्वयं को बीमा कंपनी का एजेंट बताते हुए उनका बीमा कराने का भरोसा दिलाया था। आरोप है कि इसके बाद वह नियमित रूप से प्रति माह 25 हजार रुपये आरोपी को देते रहे। आरोपी रकम को बैंक खाते में जमा कराने की बात करता रहा और विश्वास दिलाने के लिए पासबुक व चेकबुक भी उपलब्ध कराई।
पीड़ित के अनुसार कुछ समय बाद आरोपी पासबुक में एंट्री कराने के बहाने उसे अपने साथ ले गया। जब उन्होंने बार-बार पासबुक वापस मांगी तो आरोपी कभी सर्वर खराब होने तो कभी कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने का बहाना बनाता रहा। संदेह होने पर जब उन्होंने संबंधित बैंक और कंपनी में जानकारी की तो पता चला कि खाते में करीब 10 लाख रुपये जमा ही नहीं कराए गए थे।
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पीड़ित ने आरोपी से रकम वापस मांगी तो उसने कुछ समय का आश्वासन दिया लेकिन बाद में लगातार टालमटोल करता रहा। अंततः अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी मे केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
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