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सुनील राठी के लिए पूछते ही भड़क उठे आईजी
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Wed, 28 Dec 2016 11:04 PM IST
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हरिद्वार जेल में रहकर जेलर की हत्या, गैंगवार सहित विभिन्न वारदातों को अंजाम देने के बाद भी सुनील राठी को दुबारा गुपचुप तरीके से उसी जेल में शिफ्ट कर दिया गया। दस दिन तक पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला संज्ञान में आने के बाद करीब एक माह पूर्व अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से उठाया था। इस संबंध में जब बुधवार को आईजी जेल से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो वे भड़क उठे। बोले, बार-बार आप इस संबंध में फोन क्यों कर रहे हो। अब मुझे फोन मत करना। मैं आपकी खबर के लिए नहीं बैठा हूं।
बता दें कि उच्चाधिकारियों की हीलाहवाली के कारण ही बदमाशों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। जेल में रहते हुए भी कुख्यात संगीन वारदातों को अंजाम देने में गुरेज नहीं करते। हाल ही में चमोली जेलर के फोन से एक कुख्यात ने कारोबारी से चौथ मांगी गई थी। मामला उजागर होने के बाद जेलर को निलंबित कर जांच बैठा दी गई, लेकिन जेल की सुरक्षा के लिए किसी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाए गए। सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील हरिद्वार और रुड़की जेल में न सीसीटीवी कैमरे लगे हैं न जैमर। जबकि रुड़की जेलर की पूर्व में हत्या हो चुकी है और रुड़की जेल के बाहर गैंगवार में भी तीन लोग जान गंवा चुके हैं। इन दोनों ही मामलों के मुख्य आरोपी कुख्यात सुनील राठी को सुरक्षा कारणों से हरिद्वार जेल से पहले पौड़ी और फिर तिहाड़ जेल शिफ्ट किया गया था, लेकिन एक माह पहले उसे गुपचुप तरीके से दुबारा हरिद्वार जेल शिफ्ट कर दिया गया। तब आईजी जेल पीवीके प्रसाद ने अमर उजाला को तात्कालिक व्यवस्था के तहत सुनील राठी को हरिद्वार में शिफ्ट करने की बात बताई थी। साथ ही स्थानांतरित करने का भरोसा दिलाया था।
जब बुधवार को इस संबंध में आईजी जेल से बात की गई तो पहले तो उन्होंने सुनील राठी के नाम से ही अनभिज्ञता जताई। इसके बाद याद दिलाया तो वे भड़क उठे। उन्होंने संवाददाता पर ही पर्सनल इंटरेस्ट का आरोप लगाते हुए आइंदा फोन नहीं करने की नसीहत दी। सूत्रों की मानें तो हरिद्वार और रुड़की जेल कुख्यात सुनील राठी के लिए मुफीद है, जहां रहकर आसानी से वह वेस्ट यूपी और उत्तराखंड में अपने गुर्गों के माध्यम से वारदात को अंजाम देता है।
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राठी ने मोबाइल से फेसबुक पर डाली थी कई फोटो
रुड़की जेल में रहते हुए लगभग एक साल पहले सुनील राठी ने फेसबुक पर कई फोटो डाली थीं, जिसमें जेलर की कुर्सी पर बैठने से लेकर पूजा करने सहित कई तस्वीरें शामिल थीं। इसके बाद ही जेल से कुख्यात के मोबाइल नेटवर्क चलाने का मामला सार्वजनिक हुआ था।
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बता दें कि उच्चाधिकारियों की हीलाहवाली के कारण ही बदमाशों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। जेल में रहते हुए भी कुख्यात संगीन वारदातों को अंजाम देने में गुरेज नहीं करते। हाल ही में चमोली जेलर के फोन से एक कुख्यात ने कारोबारी से चौथ मांगी गई थी। मामला उजागर होने के बाद जेलर को निलंबित कर जांच बैठा दी गई, लेकिन जेल की सुरक्षा के लिए किसी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाए गए। सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील हरिद्वार और रुड़की जेल में न सीसीटीवी कैमरे लगे हैं न जैमर। जबकि रुड़की जेलर की पूर्व में हत्या हो चुकी है और रुड़की जेल के बाहर गैंगवार में भी तीन लोग जान गंवा चुके हैं। इन दोनों ही मामलों के मुख्य आरोपी कुख्यात सुनील राठी को सुरक्षा कारणों से हरिद्वार जेल से पहले पौड़ी और फिर तिहाड़ जेल शिफ्ट किया गया था, लेकिन एक माह पहले उसे गुपचुप तरीके से दुबारा हरिद्वार जेल शिफ्ट कर दिया गया। तब आईजी जेल पीवीके प्रसाद ने अमर उजाला को तात्कालिक व्यवस्था के तहत सुनील राठी को हरिद्वार में शिफ्ट करने की बात बताई थी। साथ ही स्थानांतरित करने का भरोसा दिलाया था।
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जब बुधवार को इस संबंध में आईजी जेल से बात की गई तो पहले तो उन्होंने सुनील राठी के नाम से ही अनभिज्ञता जताई। इसके बाद याद दिलाया तो वे भड़क उठे। उन्होंने संवाददाता पर ही पर्सनल इंटरेस्ट का आरोप लगाते हुए आइंदा फोन नहीं करने की नसीहत दी। सूत्रों की मानें तो हरिद्वार और रुड़की जेल कुख्यात सुनील राठी के लिए मुफीद है, जहां रहकर आसानी से वह वेस्ट यूपी और उत्तराखंड में अपने गुर्गों के माध्यम से वारदात को अंजाम देता है।
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राठी ने मोबाइल से फेसबुक पर डाली थी कई फोटो
रुड़की जेल में रहते हुए लगभग एक साल पहले सुनील राठी ने फेसबुक पर कई फोटो डाली थीं, जिसमें जेलर की कुर्सी पर बैठने से लेकर पूजा करने सहित कई तस्वीरें शामिल थीं। इसके बाद ही जेल से कुख्यात के मोबाइल नेटवर्क चलाने का मामला सार्वजनिक हुआ था।