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गन्ना भुगतान ढर्रे पर आया तो पर्ची की व्यवस्था बिगड़ी

Mon, 21 Feb 2022 08:17 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 21 Feb 2022 08:17 PM IST
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If sugarcane payment came on track, the system of slip deteriorated
इस पेराई सत्र में चीनी मिलों ने गन्ना भुगतान की व्यवस्था में काफी हद तक सुधार किया है, लेकिन अब समितियों ने गन्ना पर्चियां भेजने की व्यवस्था बिगाड़कर रख दी है। समय से पर्याप्त पर्चियां नहीं मिलने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में अधिकतर गन्ना अभी खेत में ही खड़ा होने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। उधर, समिति अधिकारियों का कहना है कि किसानों को उनके रकबे के आधार पर ही पर्चियां भेजी जा रही हैं।
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हरिद्वार जिले में अधिकतर किसान गेहूं, धान और गन्ने की बुवाई करते हैं। इस बार भी क्षेत्र के बड़े रकबे में गन्ना खड़ा है। जैसे-जैसे किसान मिलों में गन्ना डाल रहे हैं, मिल भी किसानों को भुगतान कर रहे हैं। किसान इस बार गन्ना भुगतान की व्यवस्था से खुश हैं। हालांकि, गन्ना पर्ची को लेकर किसान परेशान नजर आ रहे हैं। दरअसल, शुरू में किसानों के दबाव को देखते हुए गन्ना पर्चियां समय से आ रही थीं, लेकिन अब गन्ना पर्चियों की व्यवस्था बिगड़ गई है। किसानों को समय से और पर्याप्त संख्या में गन्ना पर्ची नहीं मिल रही हैं। इसके चलते किसानों का अधिकतर गन्ना अभी तक खेतों में खड़ा है।
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जबकि, फरवरी खत्म होने वाला है। मार्च में गर्मी शुरू होने पर खेतों में गन्ना छिलाई के लिए मजदूर नहीं मिलते हैं। ऐसे में किसान चाहते हैं कि उनका अधिकतर गन्ना फरवरी में ही खत्म हो जाए। ऐसे में समय से पर्चियां नहीं आने से किसानों में गन्ना समितियों के प्रति रोष पैदा होने लगा है। वहीं, इकबालपुर सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव कुलदीप तोमर का कहना है कि किसानों को समय पर पर्चियां भेजने का प्रयास किया जा रहा है। पर्चियां मिल की पेराई क्षमता के आधार पर भेजी जाती है। इसलिए थोड़ी दिक्कत आ रही है।
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किसानों के खेतों में इस समय बहुत ज्यादा गन्ना खड़ा है। जबकि फरवरी अंत तक अधिकतर किसान गन्ना डालकर अन्य फसल की तैयारी शुरू कर देते थे। किसानों को पर्चियों का इंतजार है।
-रामपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाकियू
समय से पर्चा नहीं आने से किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। बार-बार समिति के चक्कर काटने के बाद भी कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिल रहा है। समितियां किसानों का शोषण कर रही हैं।
-संजय चौधरी, मंडल अध्यक्ष, भाकियू
हर बार किसानों के सामने गन्ना भुगतान की समस्या रहती थी। इस बार गन्ने भुगतान की व्यवस्था ठीक हुई तो गन्ना पर्चियों की व्यवस्था ने किसानों को रुलाकर रख दिया है।

- रवि कुमार, प्रदेश महासचिव, भाकियू
किसान समितियों में पर्चियों की जानकारी लेते लेते थक गए हैं। अब किसानों को आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। यदि जल्द ही पर्चियां जारी नहीं की गई तो किसानों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
-विजय शास्त्री, जिलाध्यक्ष, भाकियू
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