{"_id":"58a889c04f1c1bab19d85ce5","slug":"if-not-the-letter-of-the-student-failed-the-exam","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रवेश-पत्र न देने पर परीक्षा नहीं दे पाए छात्र ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रवेश-पत्र न देने पर परीक्षा नहीं दे पाए छात्र
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Sat, 18 Feb 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
एक आईटीआई के कई छात्र प्रवेश पत्र न मिलने पर परीक्षा नहीं दे पाए। प्रबंधन फीस नहीं देने की बात कह रहा है, जबकि छात्रों का कहना है कि प्रवेश के दौरान दो वर्ष की फीस दो बार में देने की बात कही गई थी, लेकिन अब प्रबंधन बीच में फीस मांग रहा है। गुस्साए छात्रों की शिकायत पर गंगनहर कोतवाली पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
शनिवार सुबह 10 बजे से आईटीआई के सभी ट्रेडों का प्रथम सेमेस्टर के थ्योरी का पेपर था। सालियर स्थित बाबूराम आईटीआई के छात्रों का परीक्षा केंद्र नेशनल इंटर कालेज धनौरी में था। इसके 40-50 छात्र कई दिन से प्रवेश-पत्र के लिए आईटीआई के चक्कर काट रहे थे। छात्रों का आरोप है वह सुबह प्रवेश पत्र लेने आईटीआई पहुंचे, लेकिन प्रबंधन ने कहा कि परीक्षा केंद्र में ही प्रवेश-पत्र दिए जाएंगे, बावजूद सुबह 10 बजे तक आईटीआई का कोई कर्मचारी प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचा। जिसकी वजह से छात्र परीक्षा नहीं दे पाए। इससे गुस्साए छात्र कोतवाली रुड़की पहुंचे और सीओ रुड़की स्वप्न किशोर सिंह को मामले से अवगत कराया। बताया गया कि आईटीआई प्रबंधन फीस बकाया होने की बात कह रहा है, जबकि प्रवेश के समय आईटीआई प्रबंधन ने दो बार में पूरी फीस देने की बात कही गई थी, लेकिन अब प्रबंधन बीच में ही पूरी फीस मांग रहा है। छात्रों ने सीओ से मांग की कि वह प्रबंधन से प्रवेश पत्र दिलाएं। सीओ ने गंगनहर कोतवाली रुड़की को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस से मिलने वालों में सुमित, सचिन, राहुल, रविंद्र, सुनील समेत कई छात्र मौजूद रहे।
कोट
छात्रों का तीसरा सेमेस्टर चल रहा है, लेकिन कुछ छात्रों ने सिर्फ एक सेमेस्टर की फीस दी है। इसलिए ऐसे सात छात्रों के प्रवेश-पत्र रोके गए हैं। 40-50 छात्रों की ओर से परीक्षा नहीं देने की बात गलत है। छात्रों से अभिभावक लाने के लिए कहा गया था लेकिन, छात्र न फीस लेकर आए और न अभिभावक लेकर पहुंचे। यदि वह अभिभावकों को लेकर आते हैं या फीस जमा कर देते हैं तो उन्हें प्रवेश-पत्र जारी किए जाएंगे। शनिवार को जो सात छात्र पेपर नहीं दे पाए उनका साल खराब नहीं होगा।
विज्ञापन
जलज गौड, मैनेजिंग डायरेक्टर, बाबूराम आईटीआई
शनिवार सुबह 10 बजे से आईटीआई के सभी ट्रेडों का प्रथम सेमेस्टर के थ्योरी का पेपर था। सालियर स्थित बाबूराम आईटीआई के छात्रों का परीक्षा केंद्र नेशनल इंटर कालेज धनौरी में था। इसके 40-50 छात्र कई दिन से प्रवेश-पत्र के लिए आईटीआई के चक्कर काट रहे थे। छात्रों का आरोप है वह सुबह प्रवेश पत्र लेने आईटीआई पहुंचे, लेकिन प्रबंधन ने कहा कि परीक्षा केंद्र में ही प्रवेश-पत्र दिए जाएंगे, बावजूद सुबह 10 बजे तक आईटीआई का कोई कर्मचारी प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचा। जिसकी वजह से छात्र परीक्षा नहीं दे पाए। इससे गुस्साए छात्र कोतवाली रुड़की पहुंचे और सीओ रुड़की स्वप्न किशोर सिंह को मामले से अवगत कराया। बताया गया कि आईटीआई प्रबंधन फीस बकाया होने की बात कह रहा है, जबकि प्रवेश के समय आईटीआई प्रबंधन ने दो बार में पूरी फीस देने की बात कही गई थी, लेकिन अब प्रबंधन बीच में ही पूरी फीस मांग रहा है। छात्रों ने सीओ से मांग की कि वह प्रबंधन से प्रवेश पत्र दिलाएं। सीओ ने गंगनहर कोतवाली रुड़की को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस से मिलने वालों में सुमित, सचिन, राहुल, रविंद्र, सुनील समेत कई छात्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
कोट
छात्रों का तीसरा सेमेस्टर चल रहा है, लेकिन कुछ छात्रों ने सिर्फ एक सेमेस्टर की फीस दी है। इसलिए ऐसे सात छात्रों के प्रवेश-पत्र रोके गए हैं। 40-50 छात्रों की ओर से परीक्षा नहीं देने की बात गलत है। छात्रों से अभिभावक लाने के लिए कहा गया था लेकिन, छात्र न फीस लेकर आए और न अभिभावक लेकर पहुंचे। यदि वह अभिभावकों को लेकर आते हैं या फीस जमा कर देते हैं तो उन्हें प्रवेश-पत्र जारी किए जाएंगे। शनिवार को जो सात छात्र पेपर नहीं दे पाए उनका साल खराब नहीं होगा।
विज्ञापन
जलज गौड, मैनेजिंग डायरेक्टर, बाबूराम आईटीआई