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शहर के 6000 लोगों के लिए सपना बनकर रह गया आशियाना

Thu, 25 Nov 2021 08:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 08:09 PM IST
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Hope of the house: When will you say that your home is more beautiful than heaven
शहरी क्षेत्र में बिना जमीन और घर के जैसे तैसे जिंदगी गुजार रहे छह हजार लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन साल बाद भी आवास मुहैया नहीं हो सकेे। अब इन लोगों को फ्लैट बनाकर दिए जाने के लिए दो जगहों पर भूमि का चिह्नीकरण कर उत्तराखंड आवास विकास परिषद को भेजा गया है। कुछ समय बाद चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। ऐसे में अगले साल नई सरकार ही इस पर कोई कदम आगे बढ़ाएगी। इसके चलते बेघरों को घर मिलने की आस परवान चढ़ती नहीं दिख रही है।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर निगम की ओर से लोगों को आवास देने के लिए कई साल पहले कवायद शुरू की गई थी। इसके तहत जिन लोगों के पास न घर था और न ही जमीन थी, ऐसे लोगों को फ्लैट बनाकर दिए जाने थे। करीब तीन साल पहले इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी की गई। इसमें छह हजार लोगों ने आवेदन किया, लेकिन आवेदन करने के बाद से लेकर अब ये लोग आवासों की राह देख रहे हैं, जबकि स्थिति यह है कि पहले नगर निगम की सालियर स्थित भूमि में फ्लैट बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन जगह सही नहीं होने के चलते नए विकल्प तलाशने शुरू किए गए। इसके बाद योजना के तहत प्राइवेट बिल्डरों को भी इसमें शामिल किया गया। प्राइवेट बिल्डर इन लोगों को फ्लैट बनाकर देंगे। इसके लिए फिलहाल बेलड़ी और शिकारपुर में जगह का चिह्नीकरण किया गया है। इसमें बेलड़ी में करीब 1500 फ्लैट और शिकारपुर में करीब 800 फ्लैट बन सकेंगे। शर्तों के तहत बिल्डरों को फ्लैट बनाने से पहले संबंधित आवेदकों से सहमति पत्र भी लेना था। इसके तहत इन सभी लोगों से सहमति पत्र लेने के बाद जमीन पर फ्लैट बनाने का प्रस्ताव उत्तराखंड आवास विकास परिषद देहरादून को भेजा गया है, लेकिन अब जबकि कुछ ही दिनों में आचार संहिता लागू होने की संभावना है, तो ऐसे में जल्द ही इस योजना के पूरी होने की उम्मीद नहीं है। नगर निगम के परियोजना प्रबंधक आशुतोष गुसाईं ने बताया कि प्राइवेट बिल्डरों ने दो जगहों का चिह्नीकरण करने के साथ ही लोगों के सहमति पत्र भी लिए हैं। इसके बाद फ्लैट बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर उत्तराखंड आवास विकास परिषद देहरादून को भेज दिया गया है।
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घटते-घटते रह गए 100 पात्र, 24 के लिए शुरू हुआ काम
योजना के तहत जिन लोगों के पास जमीन तो थी, पर आवास बनाने के लिए पैसा नहीं था। ऐसे 300 से अधिक लोगों ने आवेदन किया था, लेकिन औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कई लोग नियमों को पूरा नहीं करने के चलते योजना से बाहर हो गए। अब इस योजना में 100 लोग शामिल हैं। इनमें से भी अभी तक 24 लोगों ने घर बनाने का काम शुरू किया है, जबकि 14 लोगों के लिए प्रक्रिया जल्द पूरी होने वाली है। शेष लोगों को धनराशि उपलब्ध कराने के लिए सत्यापन किया जा रहा है।
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