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बंकर के सहारे यूक्रेन में धड़क रही भारतीय छात्रों की सांसे

Thu, 24 Feb 2022 08:11 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 08:11 PM IST
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Hearts of Indian students beating with the help of bunkers in Ukraine
मंगलौर में यूक्रेन में फंसे अपने बेटे की मोबाइल में फोटो दिखाते छात्र अरीब अंसारी के परिजन व उन्ह - फोटो : ROORKEE
यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के दिल बंकर के सहारे धड़क रहे हैं। इधर, रूस के हमले के बाद परिजनों की सांसें भी अटकी हुई हैं। वे लगातार फोन पर बातचीत कर हालचाल ले रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों की सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई है। फंसे छात्रों का कहना है कि सरकार ने बंकर बनाकर दिए हैं और कहा है कि हालात बिगड़ने पर इनमें छिप जाएं।
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हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र के कई छात्र यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को रूस ने यूक्रेन पर हवाई हमला बोला तो परिजनों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। मोहल्ला मलकपुरा निवासी जमीर हसन अंसारी ने बताया कि उनका बेटा अरीब अंसारी यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहा है। अरीब का एमबीबीएस में पांचवां वर्ष है। बृहस्पतिवार को युद्ध के बाद बेटे से उनकी बातचीत हुई। अरीब ने बताया कि यूक्रेन में गंभीर हालात पैदा होने पर सरकार ने सभी को बंकरों में छिपने के निर्देश दिए हैं। 26 फरवरी को अरीब ने भारत आने के लिए टिकट बुक कराया था, लेकिन अब सभी फ्लाइटें बंद हो चुकी हैं। गदरजुड्डा निवासी जयराम देशवाल ने बताया कि उनका बेटा शुभम देशवाल भी यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और उसका छठा साल है।
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यूक्रेन पर हमले के बाद वह लगातार बेटे के संपर्क में हैं। शुभम ने बताया है कि युद्ध से हालात गंभीर हो गए हैं। इसी तरह ग्राम लहबोली निवासी जावेद अहमद ने बताया कि उनका बेटा नूर आलम भी यूक्रेन से एमबीबीएस कर रहा है और उसका चौथा साल है। वह लगातार बेटे से फोन पर संपर्क में हैं। मोहल्ला किला निवासी मोहम्मद नदीम की बेटे मोहम्मद राहिम से युद्ध के बाद वीडियो कॉल पर बातचीत हुई है। मोहल्ला मिर्दगान निवासी फैजान खान ने बताया कि उनका बेटा अदनान भी यूक्रेन से एमबीबीएस कर रहा है। फोन पर बातचीत हुई थी तो उसने खुद को सुरक्षित बताया। सभी ने केंद्र सरकार से बच्चों को सुरक्षित भारत लाने की गुहार लगाई है।
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एक सप्ताह में घर आने वाले थे सभी छात्र
पिछले कुछ दिनों से यूक्रेन और रूस के बीच चली आ रही तनातनी के बीच सभी छात्रों के अभिभावकों ने उनके टिकट बुक करा दिए थे। इसके लिए एंबेसी से भी हरी झंडी मिल चुकी थी, लेकिन रूस की ओर से यूक्रेन के एयरबेस पर किए गए हमले से स्थिति गंभीर हो गई है।
छात्रों की होगी सुरक्षित घर वापसी
भाजपा नेता एवं सांसद प्रतिनिधि जमीर हसन अंसारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से यूक्रेन में फंसे छात्रों को सुरक्षित घर लाने की मांग की। सांसद ने उन्हें आश्वासन दिया कि पीएमओ, गृह मंत्रालय और एंबेसी से संपर्क किया गया है। केंद्र सरकार छात्रों की घर वापसी के लिए प्लान बना रही है। बताया गया है कि एयरबेस पर हमले के बाद केंद्र सरकार पड़ोसी मुल्कों से भी संपर्क साध रही है और उनके एयरपोर्ट इस्तेमाल कर छात्रों को सुरक्षित घर लाने की तैयारी है।

सांसद से की भांजी को सकुशल लाने की मांग
भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के गढ़वाल मंडल प्रभारी प्रदीप त्यागी ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से यूक्रेन में फंसी अपनी भांजी की सकुशल वापसी की मांग की है। प्रदीप त्यागी ने बताया कि ऋषिकेश निवासी भांजी तमन्ना त्यागी यूक्रेन से एमबीबीएस कर रही है। रूस के हमले के बाद से माता-पिता और रिश्तेदार उसकी कुशलता को लेकर परेशान हैं। उन्होंने डॉ. निशंक से फोन पर बात कर तमन्ना त्यागी और अन्य छात्रों को सकुशल स्वदेश वापस लाने की मांग की है।
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