फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   God's Own Yoga to outsiders expats

बाहरी लोगों को लुभा रहा देवभूमि का योग

Fri, 03 Mar 2017 09:37 PM IST
अंकित कुमार गर्ग रुड़की
अंकित कुमार गर्ग रुड़की Updated Fri, 03 Mar 2017 09:37 PM IST
विज्ञापन
   
विज्ञापन

देशभर के युवाओं में देवभूमि आकर योग शिक्षा ग्रहण करने की चाह बढ़ती जा रही है। इस चाह को एकेडमिक तौर पर मान्यता देने के चलते उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय योग शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। वर्तमान में विवि के विभन्न अध्ययन केंद्रों पर करीब चार हजार युवा योग की शिक्षा की ग्रहण कर रहे हैं। आश्चर्यजनक यह है कि इनमें 60 प्रतिशत छात्र हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और कलकत्ता आदि प्रदेशों के हैं।

उत्तराखंड की धरती के लिए योग कोई नई विधा नहीं है, लेकिन बाहरी प्रदेशों के लिए योग एक रहस्य एवं जिज्ञासा है। इसी जिज्ञासा को शांत करने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक के लोग हरिद्वार, ऋषिकेश के विभिन्न आश्रमों में आकर योग के गुर सीखते हैं, लेकिन इस वक्त योग को एकेडमिक तौर पर मान्यता देने का काम उत्तराखंड मुक्त विवि कर रहा है। विवि के क्षेत्रीय निदेशक डा. राजेश पालीवाल ने बताया कि वर्तमान में विवि की ओर से योग एंड नैचरोपैथी में डिप्लोमा, यूजी और पीजी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश में करीब चार हजार छात्र अध्ययनरत हैं। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक छात्र बाहरी राज्यों के हैं। अकेले राजस्थान से ही करीब दो हजार छात्र प्रवेश ले चुके हैं। करीब 250 छात्र दिल्ली से हैं। कलकत्ता, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश समेत विभिन्न प्रदेशों के छात्र राज्य में आकर प्रवेश ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों में युवाओं में योग की शिक्षा के प्रति क्रेज बढ़ा है। आने वाले समय में इसके प्रति और क्रेज बढ़ने की संभावना है।       
विज्ञापन


दस आश्रम की चर्या में बीतता है समय       
योग पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्रों का हर वर्ष दस दिन के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश आदि स्थित योग आश्रमों में दस दिन की कार्यशाला लगाई जाती है। इसमें आश्रम पद्धति के तहत रहने, योग सीखने और योग के जीवन में ढलने का अवसर मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड देश को उपलब्ध करवा रहा अवसर     
योग के प्रचार-प्रसार में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से दी गई तवज्जो के बाद से इसको लेकर हर तरह उत्साह हैं। स्कूल-कालेजों में भी समय-समय पर योग की कक्षाएं संचालित की जाने लगी है। अब धीरे-धीरे विभिन्न प्रदेशों में स्कूल-कालेजों में एक-एक योग शिक्षक की तैनाती की जाने लगी है। इसके चलते योग शिक्षकों की डिमांड बढ़ी है। युवा भी योग से स्वस्थ शरीर और मन की चाह के साथ रोजगार की संभावनाओं के चलते इस क्षेत्र में रुचि दिखा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed