{"_id":"6a74cd3f4211c0a5a20d0f7c","slug":"ganga-water-level-reaches-danger-mark-administration-on-alert-roorkee-news-c-5-1-drn1027-1036373-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: खतरे के निशान पर पहुंचा गंगा का जलस्तर, प्रशासन अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: खतरे के निशान पर पहुंचा गंगा का जलस्तर, प्रशासन अलर्ट
विज्ञापन
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को खतरे के निशान पर पहुंच गया। जलस्तर खतरे का निशान पर पहुंचने पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया। उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला और क्षेत्राधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने अधिकारियों के साथ गंगा तट व संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया।
दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार अपराह्न दो बजे 294 मीटर दर्ज किया गया। गंगा जलस्तर का चेतावनी निशान 293 जबकि खतरे का निशान 294 है। बाढ़ का पानी खानपुर क्षेत्र के गंगा नदी के बालावाली घाट से उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला तक टूटे पड़े तटबंध से खानपुर इसकी कृषि भूमि पर फैलना शुरू हो गया है।
क्षेत्रीय किसान सुखबीर, कर्म सिंह, रहतू, मामराज आदि का कहना है कि बाढ़ के पानी से गन्ने, धान और पशुओं की फसलें जलमग्न हो गई है। इससे किसानों के सामने पशुओं के हरे चारे का संकट भी मंडरा गया है। वहीं लक्सर एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने खादर क्षेत्र के ग्रामीणों से गंगा किनारे अनावश्यक आवाजाही न करने और बच्चों को नदी के पास नहीं जाने देने की अपील की।
विज्ञापन
साथ ही किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव के सभी इंतजाम तत्काल लागू किए जाएंगे। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ राहत चौकियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव पर निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी सूचना पर ही भरोसा करने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा है।
विज्ञापन
दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार अपराह्न दो बजे 294 मीटर दर्ज किया गया। गंगा जलस्तर का चेतावनी निशान 293 जबकि खतरे का निशान 294 है। बाढ़ का पानी खानपुर क्षेत्र के गंगा नदी के बालावाली घाट से उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला तक टूटे पड़े तटबंध से खानपुर इसकी कृषि भूमि पर फैलना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
क्षेत्रीय किसान सुखबीर, कर्म सिंह, रहतू, मामराज आदि का कहना है कि बाढ़ के पानी से गन्ने, धान और पशुओं की फसलें जलमग्न हो गई है। इससे किसानों के सामने पशुओं के हरे चारे का संकट भी मंडरा गया है। वहीं लक्सर एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने खादर क्षेत्र के ग्रामीणों से गंगा किनारे अनावश्यक आवाजाही न करने और बच्चों को नदी के पास नहीं जाने देने की अपील की।
विज्ञापन
साथ ही किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव के सभी इंतजाम तत्काल लागू किए जाएंगे। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ राहत चौकियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव पर निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी सूचना पर ही भरोसा करने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा है।