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Roorkee News: झबरेड़ा में पांच कोल्हू सील, 25-25 हजार रुपये का जुर्माना
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने झबरेड़ा क्षेत्र के खाताखेड़ी में संचालित कोल्हुओं पर बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान कुल 15 कोल्हुओं की जांच की गई। इनमें से पांच में प्रतिबंधित प्लास्टिक और रबर जलाने की पुष्टि होने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि इन कोल्हुओं की ओर से प्रतिबंधित ईंधन का उपयोग कर पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा रहा था। इससे क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा था और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कोल्हुओं को सील करते हुए प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सील किए गए प्रत्येक कोल्हू से वसूली जाने वाली जुर्माना राशि ग्राम पंचायत के स्वच्छता एवं साफ-सफाई फंड में जमा कराई जाएगी।
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जुर्माना जमा करने के बाद कोल्हू एवं भूमि स्वामी को ग्राम पंचायत की रसीद के साथ एक शपथ पत्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को देना होगा। शपथपत्र में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य होगा कि भविष्य में किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित प्लास्टिक, रबर या अन्य अवैध ईंधन का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
राजेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि शपथ पत्र और जुर्माना राशि की पुष्टि के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोल्हुओं को सशर्त संचालन की अनुमति दी जाएगी। भविष्य में पुनः नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित कोल्हुओं के खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि इन कोल्हुओं की ओर से प्रतिबंधित ईंधन का उपयोग कर पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा रहा था। इससे क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा था और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
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नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कोल्हुओं को सील करते हुए प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सील किए गए प्रत्येक कोल्हू से वसूली जाने वाली जुर्माना राशि ग्राम पंचायत के स्वच्छता एवं साफ-सफाई फंड में जमा कराई जाएगी।
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जुर्माना जमा करने के बाद कोल्हू एवं भूमि स्वामी को ग्राम पंचायत की रसीद के साथ एक शपथ पत्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को देना होगा। शपथपत्र में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य होगा कि भविष्य में किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित प्लास्टिक, रबर या अन्य अवैध ईंधन का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
राजेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि शपथ पत्र और जुर्माना राशि की पुष्टि के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोल्हुओं को सशर्त संचालन की अनुमति दी जाएगी। भविष्य में पुनः नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित कोल्हुओं के खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।